अमेरिका-ईरान में वॉर की आशंका से डिफेंस शेयरों को खरीदने की मची लूट
Defense Stocks: डिफेंस सेक्टर के शेयरों में आज जमकर खरीदारी देखने को मिल रही है। अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ते तनाव के बीच निफ्टी इंडिया डिफेंस इंडेक्स में करीब 2 फीसदी की उछाल है। डेटा पैटर्न्स इस दौड़ में सबसे आगे रहा, जिसके शेयरों में 9 फीसदी का उछाल आया और यह 3,190 रुपये पर पहुंच गया।

डिफेंस सेक्टर के शेयरों में आज जमकर खरीदारी देखने को मिल रही है। अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ते तनाव के बीच निफ्टी इंडिया डिफेंस इंडेक्स में करीब 2 फीसदी की उछाल है। यह डिफेंस गेज 2.11 प्रतिशत उछलकर नेशनल स्टॉक एक्सचेंज पर दिन के हाई लेवल 8,205 पर पहुंच गया। बीते एक साल में इस इंडेक्स ने 51 फीसदी का रिटर्न दिया है, हालांकि यह अभी भी अपने ऑल टाइम हाई 9195 से 11 फीसदी नीचे है।
डिफेंस शेयरों में 9% तक की तेजी
इस सेक्टर के सभी शेयर हरे निशान में कारोबार कर रहे थे। डेटा पैटर्न्स इस दौड़ में सबसे आगे रहा, जिसके शेयरों में 9 फीसदी का उछाल आया और यह 3,190 रुपये पर पहुंच गया। वहीं, पारस डिफेंस, एमटीएआर टेक्नोलॉजीज, गार्डन रीच शिपबिल्डर्स और भारत डायनेमिक्स के शेयरों में करीब 4-4 प्रतिशत की तेजी दर्ज की गई। हिंदुस्तान एयरोनॉटिक्स और भारत इलेक्ट्रॉनिक्स के शेयर 2-2 फीसदी चढ़े। बीईएमएल, मिधानी, मझगांव डॉक और कोचीन शिपयार्ड के शेयर भी मजबूती के साथ कारोबार कर रहे थे, क्योंकि सभी डिफेंस स्टॉक्स में निवेशकों की दिलचस्पी बढ़ी।
क्यों उछले डिफेंस स्टॉक्स?
जिस वक्त दुनिया भर के बाजार अमेरिका-ईरान के बढ़ते तनाव से सहमे हुए हैं और तेल की कीमतों को बढ़ावा मिल रहा है, उस वक्त डिफेंस स्टॉक्स में खरीदारी हो रही है। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, मध्य पूर्व में सैन्य गतिविधियां तेज हो गई हैं। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने गुरुवार को ईरान को चेतावनी दी कि उसे अपने परमाणु कार्यक्रम को लेकर समझौता करना होगा, नहीं तो 'बुरी चीजें' होंगी।
उन्होंने अमेरिका की संभावित कार्रवाई से पहले 10 दिन की समयसीमा तय कर दी है। एक रिपोर्ट के अनुसार, अमेरिका ने इस क्षेत्र में विमान वाहक पोत, युद्धपोत और विमान तैनात कर दिए हैं। ईरान ने भी देश के दक्षिणी क्षेत्रों में रॉकेट लॉन्च करने की योजना की घोषणा की है।
एक्सपर्ट की राय: क्या है इस रैली की वजह?
INVasset पीएमएस के बिजनेस हेड हर्षल दासानी का कहना है कि बढ़ती भू-राजनीतिक अनिश्चितता आमतौर पर वैश्विक सुरक्षा जोखिमों के रिवैल्युएशन का कारण बनती है। ऐसे में बाजार उच्च रक्षा खर्च, तेज ऑर्डर फ्लो और रणनीतिक भंडारण की संभावना को कीमतों में शामिल करने लगते हैं। उन्होंने कहा कि ऐसे दौर में डिफेंस स्टॉक्स एक सामरिक हेज का काम करते हैं, क्योंकि सरकारी खर्च की आउटलुक इकोनामिक साइकिल से अपेक्षाकृत अप्रभावित रहती है।
हालांकि, उन्होंने यह भी आगाह किया कि भू-राजनीति भले ही फिलहाल ट्रिगर है, लेकिन इस रैली की स्थिरता ऑर्डर इनफ्लो, निष्पादन की गति और घरेलू रक्षा पूंजीगत व्यय में नीतिगत निरंतरता पर निर्भर करेगी। उनका मानना है कि यह तेजी फंडामेंटल री-रेटिंग की बजाय अधिक भावनात्मक प्रतीत होती है, लेकिन यह रेखांकित करती है कि ग्लोबल संकट कितनी जल्दी सेक्टर स्पेसिफिक अवसरों में तब्दील हो सकते हैं।
अमेरिका-ईरान युद्ध की आशंका से सैन्य गतिविधियां तेज
राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के आदेशों की प्रतीक्षा में, पश्चिम एशिया में युद्धपोतों, लड़ाकू विमानों और ईंधन भरने वाले विमानों सहित एक विशाल सैन्य तैनाती देखी जा रही है। तेहरान के परमाणु कार्यक्रम पर चल रही वार्ता के समझौते पर पहुंचने में विफल रहने पर ईरान निशाना बन सकता है। सीएनएन और सीबीएस के अनुसार, अमेरिकी सेना इस सप्ताह के अंत में ईरान के खिलाफ हमले शुरू करने के लिए तैयार है, लेकिन ट्रम्प ने अभी तक कोई अंतिम निर्णय नहीं लिया है। रूस और ईरान ने भी इस क्षेत्र में किसी भी "एकतरफा कार्रवाई" को रोकने के लिए ओमान के सागर में नौसैनिक अभ्यास किए हैं।
(डिस्क्लेमर: एक्सपर्ट्स की सिफारिशें, सुझाव, विचार और राय उनके अपने हैं, लाइव हिन्दुस्तान के नहीं। यहां सिर्फ शेयर के परफॉर्मेंस की जानकारी दी गई है, यह निवेश की सलाह नहीं है। शेयर मार्केट में निवेश जोखिमों के अधीन है और निवेश से पहले अपने एडवाइजर से परामर्श कर लें।)




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