हिमाचल प्रदेश में बिगड़ा मौसम, ओलावृष्टि के साथ हो रही बारिश; जानिए कितने दिन के लिए मिली गर्मी से राहत
हिमाचल प्रदेश में पश्चिमी विक्षोभ के सक्रिय होने से अचानक बारिश का दौर शुरू हो गया है। मौसम विभाग का कहना है कि अगले गई दिनों तक राज्य का मौसम खराब बना रहेगा। इस दौरान बारिश होने से लोगों को गर्मी से राहत मिली है, जो आगे भी बनी रहेगी।

हिमाचल प्रदेश में पश्चिमी विक्षोभ (वेस्टर्न डिस्टरबेंस) के सक्रिय होने से मौसम का मिजाज पूरी तरह बदल गया है। राज्य के कई हिस्सों में जारी ऑरेंज अलर्ट के बीच गुरुवार को बारिश, आंधी और गरज-चमक का असर देखने को मिला। राजधानी शिमला में सुबह मौसम साफ रहा, लेकिन दोपहर बाद अचानक बादल घिर आए और तेज गर्जना के साथ झमाझम बारिश शुरू हो गई। बारिश से शिमला सहित आसपास के इलाकों में तापमान में गिरावट दर्ज की गई और मौसम ठंडा हो गया।
शिमला के ऊपरी क्षेत्रों में कुछ स्थानों पर ओलावृष्टि भी हुई है। इससे सेब और अन्य गुठलीदार फलों की फसलों को नुकसान पहुंचने की आशंका जताई जा रही है। राज्य के कई अन्य हिस्सों में भी गरज-चमक और तेज हवाओं के साथ बारिश दर्ज की गई। खासकर निचले और मैदानी इलाकों में तापमान गिरने से लोगों को जून की गर्मी से काफी राहत मिली है। मौसम में आए इस बदलाव का असर ऊंचाई वाले क्षेत्रों में भी दिखाई दिया। राज्य की ऊंची पर्वत श्रृंखलाओं पर हल्की बर्फबारी भी हुई, जिससे पहाड़ी इलाकों में ठंडक बढ़ गई है।
कई इलाकों के लिए ऑरेंज अलर्ट जारी
मौसम विभाग ने अगले 24 घंटों के लिए राज्य के कई भागों में ओलावृष्टि का ऑरेंज अलर्ट जारी किया है। इसके साथ ही बारिश, आंधी और बिजली गिरने को लेकर येलो अलर्ट भी जारी किया गया है। विभाग के अनुसार 5 जून को कई स्थानों पर 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चल सकती हैं। 6 जून को भी प्रदेश के अधिकांश हिस्सों में गरज-चमक के साथ बारिश और आंधी की संभावना है। इस दिन हवाओं की गति 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंच सकती है।
10 जून तक बना रह सकता है ऐसा मौसम
मौसम विभाग का अनुमान है कि 7 जून से 10 जून तक भी प्रदेश के अधिकांश भागों में मौसम खराब बना रहेगा। हालांकि इस अवधि के लिए फिलहाल कोई विशेष चेतावनी या अलर्ट जारी नहीं किया गया है।
बिजाही में दर्ज हुई सबसे ज्यादा बारिश
बीते 24 घंटों के दौरान प्रदेश में सबसे अधिक 25 मिलीमीटर बारिश बिजाही में दर्ज की गई। इसके अलावा खदराला में 7 मिलीमीटर, कोटखाई में 4 मिलीमीटर और भावानगर में 2 मिलीमीटर वर्षा रिकॉर्ड की गई। बारिश और बादलों की वजह से अधिकतम और न्यूनतम तापमान में भी गिरावट दर्ज की गई है। इससे प्रदेश के अधिकांश हिस्सों में मौसम सुहावना बना हुआ है।
कुकमसेरी में दर्ज किया गया सबसे कम तापमान
न्यूनतम तापमान की बात करें तो सबसे कम तापमान कुकुमसेरी में 5.6 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। इसके बाद केलांग में 8.1 डिग्री, कल्पा में 11.4 डिग्री, ताबे में 11.9 डिग्री, मनाली में 12.9 डिग्री, कुफरी में 13 डिग्री, सियोबाग में 13.8 डिग्री, भरमौर में 14 डिग्री, भुंतर में 16.5 डिग्री, शिमला में 16 डिग्री, सोलन में 17.2 डिग्री, धर्मशाला में 17.7 डिग्री, चंबा में 18 डिग्री, नाहन में 18.9 डिग्री, पालमपुर में 19 डिग्री, सुंदरनगर में 19.2 डिग्री, जुब्बड़हट्टी में 19.5 डिग्री, मंडी में 19.7 डिग्री, बरठीं में 19.8 डिग्री, कांगड़ा में 21 डिग्री और ऊना में 21.5 डिग्री सेल्सियस न्यूनतम तापमान दर्ज किया गया।
किसानों और बागवानों को विभाग ने अलर्ट रहने को कहा
मौसम विभाग ने लोगों से खराब मौसम के दौरान सतर्क रहने की अपील की है। विशेष रूप से किसानों और बागवानों को ओलावृष्टि तथा तेज हवाओं की संभावना को देखते हुए आवश्यक सावधानी बरतने की सलाह दी गई है। फिलहाल प्रदेश में अगले कुछ दिनों तक मौसम के इसी तरह बने रहने के आसार हैं और लोगों को गर्मी से राहत मिलने की उम्मीद है।
रिपोर्ट : यूके शर्मा
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