हिमाचल प्रदेश में कॉमर्शियल गैस सिलिंडरों की सप्लाई पर असर, होटल और ढाबों पर संकट
मध्य-पूर्व में तनाव और कच्चे तेल की बढ़ती कीमतों के कारण हिमाचल प्रदेश में कॉमर्शियल LPG सिलिंडरों की सप्लाई रुक गई है। इससे होटल और ढाबों के सामने संकट खड़ा हो गया है।

मध्य-पूर्व में बढ़ते तनाव और अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में आई तेज उछाल का असर अब हिमाचल प्रदेश तक महसूस किया जाने लगा है। प्रदेश में व्यावसायिक एलपीजी सिलिंडरों की रिफिलिंग रोक दिए जाने से होटल, रेस्तरां और ढाबों के सामने गैस का संकट खड़ा होने लगा है। दूसरी ओर लोगों में भी एलपीजी सिलिंडरों को लेकर हल्की घबराहट देखी जा रही है, हालांकि अधिकारियों का कहना है कि घरेलू गैस की आपूर्ति फिलहाल सामान्य है।
घरेलू एलपीजी सिलिंडरों की कमी नहीं
शिमला शहर की एक गैस एजेंसी के संचालक ने बताया कि घरेलू एलपीजी सिलिंडरों की कमी नहीं है और आम उपभोक्ताओं को फिलहाल घबराने की जरूरत नहीं है। उन्होंने कहा कि समस्या मुख्य रूप से व्यावसायिक सिलिंडरों की है, क्योंकि पीछे से उनकी सप्लाई नहीं आ रही है। इसी वजह से एजेंसियां व्यावसायिक गैस सिलिंडर जारी नहीं कर पा रही हैं। उनका कहना है कि यदि स्थिति जल्दी सामान्य नहीं हुई तो अगले कुछ दिनों तक यह किल्लत बनी रह सकती है।
कॉमर्शियल सिलिंडरों की रिफिलिंग प्रभावित
जानकारी के अनुसार, तेल कंपनियों ने कॉमर्शियल एलपीजी सिलिंडरों की रिफिलिंग अस्थायी रूप से रोक दी है। इसके पीछे अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में आई तेज बढ़ोतरी और आपूर्ति को लेकर बनी अनिश्चितता को वजह माना जा रहा है। तेल कंपनियों ने फिलहाल घरेलू गैस की आपूर्ति को प्राथमिकता देने का फैसला किया है, जिससे आम लोगों की रसोई प्रभावित न हो।
बाजार में अनिश्चितता का माहौल
मध्य-पूर्व में इस्राइल और ईरान के बीच बढ़ते तनाव के बाद अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में अचानक बड़ा उछाल देखने को मिला। शुरुआती कारोबार में ब्रेंट क्रूड की कीमतें 120 डॉलर प्रति बैरल के करीब पहुंच गई थीं, जो करीब 45 महीने का उच्च स्तर माना जा रहा है। हालांकि बाद में कीमतों में कुछ गिरावट भी आई, लेकिन बाजार में अनिश्चितता का माहौल बना हुआ है।
रिफाइनरियों को आदेश
दरअसल, बड़े तेल उत्पादक क्षेत्रों में तनाव बढ़ने से आपूर्ति प्रभावित होने की आशंका रहती है। इसके साथ ही समुद्री शिपिंग मार्गों में बाधा आने की संभावना भी बाजार को अस्थिर बना देती है। इसी स्थिति को देखते हुए केंद्र सरकार ने रिफाइनरियों को एलपीजी उत्पादन बढ़ाने के निर्देश दिए हैं।
होटल, रेस्तरां और ढाबों पर पड़ सकता है असर
हिमाचल प्रदेश जैसे पर्यटन राज्य में व्यावसायिक गैस सिलिंडरों की कमी का असर सबसे पहले होटल, रेस्तरां और ढाबों पर पड़ सकता है। इन जगहों पर बड़े पैमाने पर खाना बनाने के लिए व्यावसायिक एलपीजी सिलिंडरों का ही इस्तेमाल किया जाता है। यदि सप्लाई जल्दी सामान्य नहीं होती तो अप्रैल से शुरू होने वाले पर्यटन सीजन के दौरान इन कारोबारियों के लिए मुश्किलें बढ़ सकती हैं।
घरेलू गैस सिलिंडरों पर आदेश
गैस एजेंसियों को यह भी निर्देश दिए गए हैं कि घरेलू गैस सिलिंडरों का इस्तेमाल व्यावसायिक कामों के लिए न किया जाए। अधिकारियों का कहना है कि अगर कोई एजेंसी घरेलू सिलिंडरों को व्यावसायिक इस्तेमाल के लिए देती पाई जाती है तो उसके खिलाफ कार्रवाई की जा सकती है।
कारोबारियों की चिंता बढ़ी
फिलहाल प्रदेश में घरेलू गैस की आपूर्ति सामान्य बताई जा रही है, लेकिन व्यावसायिक सिलिंडरों की सप्लाई रुकने से होटल और खानपान से जुड़े कारोबारियों की चिंता बढ़ गई है। कई व्यापारी उम्मीद कर रहे हैं कि अंतरराष्ट्रीय हालात जल्द सामान्य होंगे और गैस की आपूर्ति भी जल्द बहाल हो जाएगी, जिससे पर्यटन सीजन से पहले कारोबार पर असर न पड़े।
रिपोर्ट- यूके शर्मा
लेटेस्ट Hindi News , बॉलीवुड न्यूज, बिजनेस न्यूज, टेक , ऑटो, करियर , और राशिफल, पढ़ने के लिए Live Hindustan App डाउनलोड करें।




साइन इन