परिणाम भुगतने को तैयार हूं; रैगिंग के बाद सरकारी कॉलेज की छात्रा की मौत मामले में आरोपी प्रोफेसर
हिमाचल प्रदेश के धर्मशाला में एक दलित कॉलेज छात्रा की मौत के मामले में आरोपी प्रोफेसर ने कहा कि दोषी पाए जाने पर वह परिणाम भुगतने के लिए तैयार हैं। कहा कि लड़की को न्याय मिलना चाहिए। लड़की के माता-पिता का आरोप है कि कॉलेज में उसे रैगिंग, मारपीट और यौन उत्पीड़न का शिकार होना पड़ा।

हिमाचल प्रदेश के धर्मशाला में एक दलित कॉलेज छात्रा की मौत के मामले में आरोपी प्रोफेसर ने कहा कि दोषी पाए जाने पर वह परिणाम भुगतने के लिए तैयार हैं। कहा कि लड़की को न्याय मिलना चाहिए। वह जांच में पूरा सहयोग करेंगे। लड़की के माता-पिता का आरोप है कि कॉलेज में उसे रैगिंग, मारपीट और यौन उत्पीड़न का शिकार होना पड़ा, जिससे इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई।
धर्मशाला में एक दलित कॉलेज छात्रा की मौत के बाद न्याय की मांग के बीच आरोपी शिक्षक अशोक कुमार ने कहा कि दोषी पाए जाने पर वह परिणाम भुगतने के लिए तैयार हैं। लुधियाना में इलाज के दौरान 19 साल की दलित छात्रा की मौत हो गई। उसके माता-पिता का आरोप है कि कॉलेज में उसे रैगिंग, मारपीट और यौन उत्पीड़न का शिकार होना पड़ा, जिससे उसे गंभीर मानसिक पीड़ा हुई और उसका सेहत बिगड़ गया।
कभी ऐसे आरोपों का सामना नहीं किया
आरोपों का जवाब देते हुए अशोक कुमार ने शनिवार को एएनआई से कहा कि ये आरोप बहुत गंभीर हैं और फिलहाल जांच चल रही है। अगर मैं दोषी पाया जाता हूं तो मुझे इसके परिणाम भुगतने होंगे। मैं इसके लिए तैयार हूं। साढे 26 साल के अपने शिक्षण अनुभव में मैंने पहले कभी ऐसे आरोपों का सामना नहीं किया है। शायद यह मेरी नियति या कर्म था कि मेरी प्रतिष्ठा पर यह धब्बा लगे। अब जब ऐसा हो चुका है तो मैं इसका सामना करने के लिए पूरी तरह तैयार हूं।
हम पूरा सहयोग करेंगे
उन्होंने कहा कि सरकार ने मुझे सस्पेंड कर दिया। मैं इसे स्वीकार करता हूं। लड़की को न्याय मिलना चाहिए और मुझे भी। कुमार ने आगे कहा कि उन्होंने कानूनी मदद हासिल कर ली है और वे जांच अधिकारियों के साथ सहयोग करेंगे। कहा कि मुझे अग्रिम जमानत मिल गई है। हम आगे की कार्यवाही का इंतजार कर रहे हैं। हम पूरा सहयोग करेंगे।
धर्मशाला में सेकंड ईयर की छात्रा की मौत के बाद विरोध प्रदर्शन शुरू हो गए हैं। परिवार ने उत्पीड़न का आरोप लगाया है। पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। राज्य सरकार ने जांच समिति की रिपोर्ट के आधार पर कड़ी कार्रवाई का आश्वासन दिया है।
तीन विषयों में फेल हो गई थी
इस बीच, गवर्नमेंट कॉलेज धर्मशाला के प्रिंसिपल राकेश पठानिया ने मृतक छात्रा की शैक्षणिक स्थिति के बारे में जानकारी दी। उन्होंने बताया कि पीड़िता 2024-2025 सत्र में फर्स्ट ईयर की छात्रा थी। इसके बाद नए सत्र में उसने सेकंड ईयर की कुछ कक्षाएं लीं। वह तीन विषयों में फेल हो गई थी, इसलिए उसे फर्स्ट ईयर दोहराने के लिए कहा गया।
पठानिया ने आगे कहा कि उसने ऐसा नहीं किया। अब हम उसे अपनी छात्रा नहीं कह सकते, क्योंकि उसने दाखिला नहीं लिया है। हमें इस घटना की जानकारी 22 दिसंबर को मिली, जब पुलिस जांच के लिए हमारे कॉलेज आई थी। हमें घटना की पहले से कोई जानकारी नहीं थी, इसलिए हमने पूरा सहयोग किया।
आरोपी लड़कियां सेकंड ईयर की छात्राएं
उन्होंने कहा कि एफआईआर में नामजद छात्रों समेत सभी छात्र उस दिन मौजूद थे। पुलिस ने उनके और शिक्षकों के बयान दर्ज किए। तीनों आरोपी लड़कियां हमारे कॉलेज में बीए सेकंड ईयर की छात्राएं हैं। हमारे पास पहले से ही रैगिंग समिति और उत्पीड़न समिति है। सभी मामले रिकॉर्ड में हैं। पुलिस हमारे रिकॉर्ड की जांच कर रही है। हम पुलिस के साथ सहयोग कर रहे हैं।
जांच के लिए समिति का गठन
हिमाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने कहा कि मामले में प्रारंभिक कार्रवाई की गई है। संबंधित प्रोफेसर को सस्पेंड कर जांच के लिए एक समिति का गठन किया गया है। मीडिया से बात करते हुए सीएम ने कहा कि हमने प्रारंभिक कार्रवाई करते हुए संबंधित प्रोफेसर को सस्पेंड कर दिया है। एक समिति गठित की गई है जो वीडियो रिकॉर्डिंग सहित सभी प्रासंगिक तथ्यों की समीक्षा करने के बाद विस्तृत रिपोर्ट पेश करेगी। जो भी दोषी पाया जाएगा उसके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
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