गुड न्यूज; हिमाचल सरकार के इस विभाग के कमरे बुक कर सकेंगे सैलानी, कितना रेंट?
हिमाचल की सुक्खू सरकार ने पर्यटकों और आम लोगों के लिए जल शक्ति विभाग के विश्राम गृहों की ऑनलाइन बुकिंग शुरू कर दी है। इसके लिए विशेष पोर्टल लॉन्च किया गया है। लोक निर्माण विभाग के बाद अब इस विभाग के गेस्ट हाउस भी आसानी से बुक हो सकेंगे।

हिमाचल में सरकारी विश्राम गृहों को आम लोगों और पर्यटकों के लिए अधिक सुलभ बनाने की दिशा में सूक्खू सरकार ने एक बड़ा कदम उठाया है। लोक निर्माण विभाग के विश्राम गृहों की ऑनलाइन बुकिंग व्यवस्था को मिले अच्छे रिस्पॉन्स के बाद अब जल शक्ति विभाग के विश्राम गृहों को भी ऑनलाइन बुक किया जा सकेगा। उप-मुख्यमंत्री मुकेश अग्निहोत्री ने मंगलवार को जल शक्ति विभाग के विश्राम गृहों के लिए ऑनलाइन बुकिंग पोर्टल का औपचारिक शुभारंभ किया।
आम लोगों और पर्यटकों को भी लाभ
इस पहल से विभागीय अधिकारियों के साथ आम लोगों और पर्यटकों को भी सुविधा मिलेगी। डिप्टी सीएम मुकेश अग्निहोत्री ने कहा कि यह पहल डिजिटल गवर्नेंस की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। इसका मकसद विश्राम गृहों की बुकिंग प्रक्रिया को सरल, पारदर्शी और प्रभावी बनाना है। अब जल शक्ति विभाग के विश्राम गृहों में कमरे की बुकिंग एक क्लिक पर संभव होगी और तुरंत कन्फर्मेशन भी मिलेगा।
मिनटों में मिलेगा बुकिंग अपडेट
उप-मुख्यमंत्री ने बताया कि पहले लोगों को बुकिंग के लिए लंबा इंतजार करना पड़ता था और कई बार असमंजस की स्थिति बनी रहती थी, जो अब समाप्त हो जाएगी। नई व्यवस्था में आवेदन करने के कुछ ही मिनटों में बुकिंग की स्थिति की जानकारी मिल जाएगी। इससे अतिथियों को किसी तरह की असुविधा का सामना नहीं करना पड़ेगा। सरकार का प्रयास है कि प्रदेश में आने वाले लोगों को बेहतर सुविधाएं मिलें और सरकारी संसाधनों का सही और पारदर्शी उपयोग हो।
324 कमरे उपलब्ध
इस मौके पर जल शक्ति विभाग के सचिव अभिषेक जैन ने ऑनलाइन बुकिंग प्रणाली की विस्तृत जानकारी दी। उन्होंने बताया कि विभाग के पास पूरे हिमाचल प्रदेश में कुल 87 विश्राम गृह हैं, जिनमें 324 कमरे उपलब्ध हैं। अब इन सभी विश्राम गृहों के लिए विभाग की आधिकारिक वेबसाइट jsv.hp.nic.in और jsvresthouse.hp.gov.in के माध्यम से सीधे ऑनलाइन बुकिंग की जा सकेगी।
कितना होगा रेंट?
जल शक्ति विभाग के सचिव ने बताया कि हिमाचली अतिथियों के लिए कमरे का किराया 500 रुपये प्रति दिन रखा गया है जबकि गैर-हिमाचली अतिथियों और पर्यटकों के लिए यह किराया 1000 रुपये प्रति दिन निर्धारित किया गया है। बुकिंग के समय कुल किराये का 50 प्रतिशत अग्रिम भुगतान करना होगा जबकि बाकी रकम चेक-आउट के समय जमा कराई जा सकेगी।
बढ़ेगी आमदनी
विभाग का मानना है कि इससे विश्राम गृहों की ऑक्यूपेंसी बढ़ेगी और विभाग की आय भी बढ़ेगी। सरकार ने विश्राम गृहों की गुणवत्ता सुधार पर भी विशेष ध्यान दिया है। इसके लिए विभाग ने 50 बिंदुओं की मानक संचालन प्रक्रिया लागू की है, जिसमें साफ-सफाई और रख-रखाव को प्राथमिकता दी गई है। इसके तहत बिस्तरों की नियमित सफाई, शौचालयों की स्वच्छता, बिजली उपकरणों और फिटिंग्स का रख-रखाव तथा परिसरों की समग्र देखरेख सुनिश्चित की जाएगी।
लोकनिर्माण विभाग के अच्छे रिस्पांस के बाद फैसला
पर्यटन के लिहाज से यह पहल खास मानी जा रही है। पिछले साल लोकनिर्माण विभाग के विश्राम गृहों की ऑनलाइन बुकिंग शुरू होने के बाद बाहरी राज्यों से आने वाले पर्यटकों ने इसका खूब लाभ उठाया। खासतौर पर शक्तिपीठों और प्रमुख पर्यटन स्थलों पर आने वाले सैलानी घर बैठे सरकारी विश्राम गृहों में ठहरने की व्यवस्था कर पा रहे हैं। अब जल शक्ति विभाग के विश्राम गृह भी ऑनलाइन होने से पर्यटकों के लिए किफायती और भरोसेमंद विकल्प और बढ़ जाएंगे।
रिपोर्ट- यूके शर्मा
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