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हिमाचल पंचायत चुनाव में कौन-कौन भर सकेंगे पर्चा, उम्मीदवारों की पात्रता पर स्थिति साफ

हिमाचल प्रदेश में पंचायत चुनाव तीन चरणों में कराए जाएंगे। प्रदेश भर की 3,754 ग्राम पंचायतों में मतदान 26 मई, 28 मई और 30 मई को तीन चरणों मे होगा। इसके लिए नामांकन का दौर शुरू 7 मई से शुरू होगा।

Fri, 1 May 2026 11:54 AMPraveen Sharma लाइव हिन्दुस्तान, शिमला
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हिमाचल पंचायत चुनाव में कौन-कौन भर सकेंगे पर्चा, उम्मीदवारों की पात्रता पर स्थिति साफ

हिमाचल प्रदेश में पंचायत चुनाव से पहले उम्मीदवारों की पात्रता को लेकर स्थिति साफ हो गई है। हिमाचल प्रदेश पंचायती राज अधिनियम 1994 के तहत जारी प्रावधानों और समय-समय पर जारी सरकारी अधिसूचनाओं के आधार पर यह तय किया गया है कि किन श्रेणियों के लोग चुनाव लड़ सकते हैं और किन्हें इससे बाहर रखा जाएगा। खास बात यह है कि कुछ वर्गों के लिए चुनावी रास्ता पूरी तरह खुला रखा गया है, जिससे ग्रामीण स्तर पर राजनीतिक भागीदारी को बढ़ावा मिलने की उम्मीद है।

नियमों के अनुसार, आउटसोर्स कर्मचारी, डिपो होल्डर, कृषक मित्र, होम गार्ड और लंबरदार पंचायत चुनाव लड़ने के लिए पात्र माने गए हैं। इसके साथ ही वनाधिकार कानून 2006 (FRA) के तहत नियमितीकरण के लिए आवेदन करने वाले लोगों को भी राहत दी गई है और उन्हें चुनाव लड़ने की अनुमति दी गई है। इन श्रेणियों के लिए स्पष्ट किया गया है कि वे बिना किसी बाधा के चुनावी प्रक्रिया में हिस्सा ले सकते हैं।

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आंगनबाड़ी वर्कर से अतिक्रमणकर्ता तक चुनाव लड़ने के योग्य नहीं

इसके उलट कुछ श्रेणियों को पूरी तरह अयोग्य घोषित किया गया है। आंगनवाड़ी वर्कर और हेल्पर, मिड-डे मील वर्कर, वाटर कैरियर और सहकारी समितियों के सेल्समैन या सचिव पंचायत चुनाव नहीं लड़ सकते। इन पदों को लेकर सरकार ने साफ किया है कि इनकी प्रकृति और जिम्मेदारियों के चलते इन्हें चुनावी प्रक्रिया से बाहर रखा गया है।

जमीन से जुड़े मामलों में नियम और सख्त हैं। जो लोग सरकारी जमीन पर कब्जा कर उसे नियमित करने के लिए आवेदन कर चुके हैं, वे चुनाव लड़ने के पात्र नहीं होंगे। इसके अलावा जिन लोगों के खिलाफ ‘मिसल कब्जा नाजायज’ तैयार की गई है या जिनके मामलों में अदालत में अपील या पुनरीक्षण लंबित है, उन्हें भी अयोग्य माना जाएगा। यहां तक कि अगर कोई व्यक्ति अतिक्रमण छोड़ देता है, तब भी उसे तुरंत राहत नहीं मिलेगी और कब्जा समाप्त होने या हटाए जाने की तारीख से 6 साल तक वह चुनाव नहीं लड़ सकेगा।

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आशा वर्कर को लेकर स्थिति अभी स्पष्ट नहीं

हालांकि, इस नियम में भी एक अपवाद रखा गया है। जो लोग वनाधिकार कानून 2006 के तहत आवेदन कर चुके हैं, उन्हें इस पाबंदी से बाहर रखा गया है और उन्हें पात्र माना गया है। वहीं आशा वर्कर को लेकर स्थिति अभी स्पष्ट नहीं है और इस पर अंतिम निर्णय आना बाकी है।

हिमाचल में 3 चरणों में कराए जाएंगे पंचायत चुनाव

गौरतलब है कि हिमाचल प्रदेश में पंचायत चुनाव तीन चरणों में कराए जाएंगे। प्रदेश भर की 3,754 ग्राम पंचायतों में मतदान 26 मई, 28 मई और 30 मई को तीन चरणों मे होगा। इसके लिए नामांकन का दौर शुरू 7 मई से शुरू होगा। चुनावी प्रक्रिया के करीब आते ही उम्मीदवारों के बीच हलचल तेज हो गई है। ऐसे में यह जरूरी हो गया है कि चुनाव लड़ने के इच्छुक लोग नामांकन से पहले अपनी पात्रता को इन नियमों के अनुसार अच्छी तरह जांच लें, ताकि बाद में किसी तरह की कानूनी परेशानी का सामना न करना पड़े।

रिपोर्ट : यूके शर्मा

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