हिमाचल में कर्मचारियों के DA पर HC ने सुक्खू सरकार से मांगा जवाब, 4 हफ्ते की मोहलत
हिमाचल हाई कोर्ट ने कर्मचारियों को केंद्र से कम महंगाई भत्ता देने पर सुक्खू सरकार को नोटिस जारी कर 4 हफ्ते में जवाब मांगा है। उत्तर प्रदेश में 15 फीसदी कम डीए मिलने से लाखों कर्मियों को आर्थिक नुकसान हो रहा है।

हिमाचल प्रदेश हाई कोर्ट ने राज्य के कर्मचारियों को केंद्र सरकार के मुकाबले कम महंगाई भत्ता (DA) दिए जाने के मामले में हिमाचल प्रदेश की सुक्खू सरकार को नोटिस जारी किया है। अदालत ने सरकार से चार सप्ताह के भीतर जवाब देने को कहा है। इस मामले की अगली सुनवाई 4 जून 2026 को होगी।
केंद्र के बराबर महंगाई भत्ता क्यों नहीं दिया जा रहा?
यह याचिका देवेंद्र सिंह बनाम हिमाचल प्रदेश सरकार के तहत दायर की गई है। मामले की सुनवाई के दौरान न्यायाधीश जियालाल भारद्वाज ने प्रारंभिक तौर पर राज्य सरकार से पूछा है कि कर्मचारियों को केंद्र सरकार के बराबर महंगाई भत्ता क्यों नहीं दिया जा रहा।
हर महीने हो रहा 10 हजार रुपये का नुकसान
याचिकाकर्ता शिक्षा विभाग में सुपरिंटेंडेंट ग्रेड-2 के पद पर कार्यरत हैं। उन्होंने बताया कि उनकी नियुक्ति 28 जनवरी 1998 को लिपिक के रूप में हुई थी। इसके बाद उन्हें जुलाई 2008 में वरिष्ठ सहायक और जुलाई 2014 में सुपरिंटेंडेंट ग्रेड-2 के पद पर पदोन्नति मिली। उनका कहना है कि वर्तमान में महंगाई भत्ते में 15 फीसदी का अंतर होने के कारण उन्हें हर महीने करीब 10 हजार रुपये का नुकसान हो रहा है।
महंगाई भत्ते में बढ़ोतरी जरूरी
याचिका में यह भी कहा गया है कि राज्य सरकार ने समय-समय पर महंगाई भत्ते में बढ़ोतरी जरूर की है, लेकिन यह अब भी केंद्र सरकार के स्तर से कम है। सूबे में फरवरी 2022 में महंगाई भत्ता 28 प्रतिशत से बढ़ाकर 31 फीसदी, अप्रैल 2023 में 34 फीसदी, मार्च 2024 में 38 फीसदी, अक्तूबर 2024 में 42 फीसदी और अक्तूबर 2025 में 45 फीसदी किया गया।
45 फीसदी दिया जा रहा DA
फिलहाल राज्य के कर्मचारियों को 45 फीसदी महंगाई भत्ता दिया जा रहा है जो 1 जुलाई 2023 से लागू है। वहीं केंद्र सरकार अपने कर्मचारियों को 60 फीसदी महंगाई भत्ता दे रही है, जिससे दोनों के बीच 15 प्रतिशत का अंतर बना हुआ है।
1 लाख 91 हजार कर्मचारी और 1.71 लाख पेंशनभोगी
इस अंतर का असर केवल एक कर्मचारी तक सीमित नहीं है। हिमाचल प्रदेश में करीब 1 लाख 91 हजार कर्मचारी और लगभग 1.71 लाख पेंशनभोगी हैं, जिनका 15 फीसदी महंगाई भत्ता लंबित बताया जा रहा है।
कम भत्ता मिलने से आर्थिक स्थिति प्रभावित
कर्मचारियों का कहना है कि महंगाई के दौर में कम भत्ता मिलने से उनकी आर्थिक स्थिति प्रभावित हो रही है और लंबे समय से इस मांग को उठाया जा रहा है। मामला अब अदालत में पहुंचने के बाद इस पर सरकार को अपना पक्ष रखना होगा। आने वाली सुनवाई में यह स्पष्ट हो सकेगा कि क्या राज्य के कर्मचारियों को केंद्र सरकार के बराबर महंगाई भत्ता मिल पाएगा या नहीं।
रिपोर्ट- यूके शर्मा
लेटेस्ट Hindi News , बॉलीवुड न्यूज, बिजनेस न्यूज, टेक , ऑटो, करियर , और राशिफल, पढ़ने के लिए Live Hindustan App डाउनलोड करें।




साइन इन