हिमाचल में भारी बर्फबारी से आफत, निकाले गए 5000 पर्यटक; ऑरेंज-येलो अलर्ट
Himachal Pradesh Weather: हिमाचल प्रदेश में बर्फबारी और बारिश के कारण अप्रैल में भी ठंड देखी जा रही है। सड़कें बंद होने से पर्यटकों की आवाजाही पर रोक लगा दी गई है। मौसम विभाग ने कई जिलों में अलर्ट जारी किया है।

हिमाचल प्रदेश में अप्रैल का महीना इस बार स्नो सीजन जैसा नजर आने लगा है। लाहौल-स्पीति, किन्नौर, कुल्लू और चंबा के ऊंचाई वाले क्षेत्रों में लगातार हो रही बर्फबारी ने मौसम का मिजाज पूरी तरह बदल दिया है। रोहतांग दर्रा बर्फ से लकदक हो गया है, जबकि पर्यटकों की पसंदीदा अटल टनल रोहतांग और उसके आसपास के क्षेत्रों में भी बर्फबारी का दौर जारी है।
सड़कों पर बर्फ की मोटी परत
ताजा बर्फबारी के कारण सड़कों पर बर्फ की मोटी परत जम गई है। इससे फिसलन बढ़ गई है और वाहन चालकों को काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।
सोलंगनाला से आगे वाहनों की आवाजाही पर रोक
हालात को देखते हुए मनाली पुलिस ने शनिवार को एहतियात के तौर पर सोलंगनाला से आगे वाहनों की आवाजाही पर फिलहाल रोक लगा दी है और पर्यटकों से मौसम सामान्य होने तक सावधानी बरतने की अपील की है। पुलिस ने सलाह दी है कि बिना जरूरी कारण ऊंचाई वाले क्षेत्रों की यात्रा से बचें और प्रशासन की एडवाइजरी का पालन करें।
5 हजार पर्यटक फंसे
हिमाचल प्रदेश में अटल टनल रोहतांग के साउथ पोर्टल और आसपास के ऊंचाई वाले इलाकों में शनिवार को हुई भारी बर्फबारी के कारण करीब एक हजार वाहन बर्फ में फंस गए। इन वाहनों में सवार लगभग 5 हजार पर्यटक कुछ समय के लिए रास्ते में ही रुक गए थे। हालांकि राहत की बात यह रही कि सभी पर्यटकों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया है।
बचाव दल ने फंसे पर्यटकों को सुरक्षित निकाला
पुलिस और प्रशासन ने तुरंत मौके पर पहुंचकर राहत और बचाव कार्य शुरू किया। मौसम खराब होने और लगातार बर्फबारी के बावजूद बचाव दल ने फंसे हुए पर्यटकों को सुरक्षित निकालकर उनके वाहनों को भी वहां से हटाया। इसके बाद सभी वाहनों को सुरक्षित रूप से मनाली की ओर डायवर्ट कर दिया गया।
पुलिस की टीमें ड्यूटी पर तैनात
मनाली के डीएसपी केडी शर्मा ने बताया कि पुलिस की टीमें लगातार 24 घंटे क्षेत्र में ड्यूटी पर तैनात हैं और पूरी प्रतिबद्धता के साथ पर्यटकों और स्थानीय लोगों की मदद कर रही हैं। पुलिस की पहली प्राथमिकता यह सुनिश्चित करना है कि किसी भी पर्यटक या स्थानीय निवासी को जान-माल का कोई नुकसान न हो।
ऊंचाई वाले क्षेत्रों की यात्रा से करें परहेज
उन्होंने पर्यटकों से अपील की है कि मौसम की स्थिति को ध्यान में रखते हुए ऊंचाई वाले क्षेत्रों की यात्रा से पहले स्थानीय प्रशासन और मौसम विभाग की सलाह जरूर लें। प्रशासन ने यह भी कहा है कि खराब मौसम के दौरान सावधानी बरतना जरूरी है जिससे किसी तरह की परेशानी से बचा जा सके।
इन जिलों में बरसे बदरा
हिमाचल प्रदेश के अन्य हिस्सों में भी मौसम ने करवट बदली है। शिमला, हमीरपुर और धर्मशाला सहित कई क्षेत्रों में शनिवार को जमकर बारिश हुई, जबकि शिमला और मंडी के कुछ इलाकों में ओलावृष्टि भी दर्ज की गई। शिमला के ऊपरी क्षेत्रों में कुछ समय के लिए सड़कें ओलों से सफेद नजर आईं। हमीरपुर में तेज बारिश के कारण नालों में पानी उफान पर आ गया।
एक बार फिर निकले गर्म कपड़े
मौसम विभाग के अनुसार, पिछले 24 घंटों में लाहौल-स्पीति के गोंधला में 13 सेंटीमीटर और केलांग-हंसा में करीब 7.5 सेंटीमीटर ताजा बर्फबारी दर्ज की गई है। इसके अलावा सराहन, जोगिंद्रनगर, बिलासपुर, कल्पा, मनाली, सलापड और भुंतर सहित कई स्थानों पर अच्छी बारिश हुई है। लगातार हो रही बारिश और बर्फबारी के कारण प्रदेश का औसत न्यूनतम तापमान सामान्य से 2.4 डिग्री सेल्सियस नीचे चला गया है, जिससे लोगों ने एक बार फिर गर्म कपड़े निकाल लिए हैं।
इन जिलों में तेज हवाओं के साथ बारिश का येलो अलर्ट
मौसम विभाग ने हिमाचल प्रदेश के उना, बिलासपुर, हमीरपुर, चंबा, सोलन और सिरमौर जिलों के अलग-अलग हिस्सों में गरज चमक और तेज हवाओं के साथ बारिश का येलो अलर्ट जारी किया है। हवा की स्पीड 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटा रह सकती है। इस दौरान वज्रपात की भी संभावना जताई गई है।
इन जिलों में ओले गिरने, आंधी तूफान का येलो अलर्ट
मौसम विभाग ने कांगड़ा, कुल्लू, मंडी और शिमला जिलों में कुछ जगहों पर ओले गिरने, वज्रपात के साथ आंधी-तूफान का ऑरेंज अलर्ट जारी किया है। मौसम खराब रहने के दौरान हवा की स्पीड 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटा रहने का अनुमान है। कभी-कभी हवा की स्पीड बढ़कर 60 किलोमीटर प्रति घंटा तक पहुंच सकती है।
9 अप्रैल तक मौसम रहेगा खराब
मौसम विभाग ने 5 और 6 अप्रैल को प्रदेश के विभिन्न क्षेत्रों में गरज-चमक, तेज हवाओं और ओलावृष्टि की संभावना जताई है। 7 और 8 अप्रैल को भी मौसम खराब रहने का पूर्वानुमान है, जबकि 9 अप्रैल को भी कई स्थानों पर खराब मौसम की स्थिति बनी रह सकती है। विभाग के अनुसार सक्रिय पश्चिमी विक्षोभ के कारण मौसम में यह बदलाव आया है और 7 अप्रैल से एक और नया पश्चिमी विक्षोभ उत्तर-पश्चिम भारत को प्रभावित कर सकता है।
किसानों और बागवानों की चिंता बढ़ी
अचानक लौटी ठंड और बेमौसमी बारिश-ओलावृष्टि ने किसानों और बागवानों की चिंता भी बढ़ा दी है। निचले क्षेत्रों में गेहूं और मटर की फसलों तथा ऊंचाई वाले इलाकों में सेब और नाशपाती की फ्लावरिंग पर असर पड़ने की आशंका जताई जा रही है।
रिपोर्ट- यूके शर्मा
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