121 year ago himachal pradesh eartquake takes 20000 lives 121 साल पहले आज के दिन आया था हिमाचल में विनाशकारी भूकंप, हुई थीं 20 हजार मौतें, Himachal-pradesh Hindi News - Hindustan
More

121 साल पहले आज के दिन आया था हिमाचल में विनाशकारी भूकंप, हुई थीं 20 हजार मौतें

चार अप्रैल 1905 का दिन हिमाचल प्रदेश के इतिहास में एक ऐसी दर्दनाक तारीख के रूप में दर्ज है, जिसे आज भी याद करते ही लोगों के मन में दहशत की तस्वीरें उभर आती हैं। आज ही के दिन कांगड़ा क्षेत्र में 7.8 से 7.9 तीव्रता का विनाशकारी भूकंप आया था।

Sat, 4 April 2026 09:24 AMMohammad Azam लाइव हिन्दुस्तान, शिमला
share
121 साल पहले आज के दिन आया था हिमाचल में विनाशकारी भूकंप, हुई थीं 20 हजार मौतें

4 अप्रैल 1905 का दिन हिमाचल प्रदेश के इतिहास में एक ऐसी दर्दनाक तारीख के रूप में दर्ज है, जिसे आज भी याद करते ही लोगों के मन में दहशत की तस्वीरें उभर आती हैं। आज ही के दिन कांगड़ा क्षेत्र में 7.8 से 7.9 तीव्रता का विनाशकारी भूकंप आया था। इसने पूरे पश्चिमी हिमालयी क्षेत्र को हिला कर रख दिया था। इस भूकंप में 20 हजार से अधिक लोगों की जान चली गई थी और करीब एक लाख से ज्यादा भवन पूरी तरह जमींदोज हो गए थे। कांगड़ा, धर्मशाला और मैक्लोडगंज जैसे शहरों की अधिकांश इमारतें मलबे में बदल गई थीं।

यह भूकंप पश्चिमी हिमालय क्षेत्र का अब तक का सबसे घातक भूकंप माना जाता है। उस समय 53 हजार से अधिक मवेशियों की भी मौत हुई थी और जलसेतु तथा जल आपूर्ति जैसी बुनियादी सुविधाएं पूरी तरह ठप हो गई थीं। उस दौर में इस आपदा से उबरने की लागत करीब 29 लाख रुपये आंकी गई थी, जो आज के हिसाब से बहुत बड़ी राशि मानी जाती है।

इसी त्रासदी की याद में हिमाचल प्रदेश राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण ने आज 4 अप्रैल को आपदा जागरूकता दिवस के रूप में मना रहा है। हर साल इस दिन राज्यभर में स्कूलों, संस्थानों और समुदाय स्तर पर भूकंप से बचाव की तैयारियों को लेकर अभ्यास और जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए जाते हैं, जिससे भविष्य में ऐसी किसी बड़ी आपदा से नुकसान कम किया जा सके।

read moreये भी पढ़ें:
ये भी पढ़ें:बदल गया हिमाचल का मौसम, 5 दिन लगातार होगी बारिश; तूफानी हवाओं का येलो अलर्ट

भूकंप के खतरे से सुरक्षित नहीं हिमाचल

121 साल बाद भी हिमाचल प्रदेश भूकंप के खतरे से पूरी तरह सुरक्षित नहीं है। भारतीय मानक ब्यूरो द्वारा दिसंबर 2025 में जारी नए भूकंपीय जोन मानचित्र के अनुसार पूरे हिमाचल प्रदेश को अब भूकंप के लिहाज से सबसे संवेदनशील जोन-6 यानी सुपर-क्रिटिकल श्रेणी में रखा गया है। इसका मतलब है कि प्रदेश का हर जिला बड़े भूकंप के खतरे वाले क्षेत्र में आता है और यहां मजबूत तैयारी की जरूरत पहले से ज्यादा बढ़ गई है।

राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन प्राधिकरण के एक अध्ययन के अनुसार यदि हिमाचल प्रदेश में आधी रात के समय 8.0 तीव्रता का भूकंप आता है तो करीब 1 लाख 60 हजार लोगों की मौत और लगभग 11 लाख लोगों के घायल होने की आशंका जताई गई है। यह अनुमान बताता है कि राज्य में भूकंप से बचाव की तैयारी कितनी जरूरी है।

read moreये भी पढ़ें:
ये भी पढ़ें:हिमाचल में 13 हजार आउटसोर्स कर्मचारियों को झटका, सुक्खू सरकार का दो टूक जवाब

अब भी हो रहा नुकसान

हाल के वर्षों में प्राकृतिक आपदाओं के कारण मकानों को भी भारी नुकसान हुआ है। वर्ष 2023 में राज्य में 11 हजार से अधिक मकान क्षतिग्रस्त हुए थे। वर्ष 2025 में भी करीब 7,500 मकानों को नुकसान पहुंचा और कई जगहों पर जमीन धंसने की घटनाएं सामने आईं। विशेषज्ञों के अनुसार कमजोर निर्माण गुणवत्ता, ढलानों पर अनियोजित निर्माण और जल निकासी की खराब व्यवस्था इसके प्रमुख कारण हैं।

पारंपरिक धज्जी दीवार और काठ-कुहनी जैसी तकनीकों को छोड़कर बिना तकनीकी निगरानी के आधुनिक निर्माण भी कई क्षेत्रों में जोखिम बढ़ा रहे हैं। यही वजह है कि अब सुरक्षित और भूकंपरोधी निर्माण पद्धतियों को अपनाने पर जोर दिया जा रहा है।

read moreये भी पढ़ें:
ये भी पढ़ें:हिमाचल में लगातार 5 दिन आंधी-बिजली की चेतावनी, ओलावृष्टि का भी ऑरेंज अलर्ट

फिर आए भूकंप ने डराया

इसी बीच उत्तर भारत के कई हिस्सों में बीती रात महसूस किए गए भूकंप के हल्के झटकों ने हिमाचल प्रदेश के लोगों को एक बार फिर 1905 की त्रासदी की याद दिला दी। हालांकि इन झटकों से कोई बड़ा नुकसान नहीं हुआ, लेकिन इसने यह जरूर याद दिलाया कि पहाड़ी राज्य में भूकंप का खतरा हमेशा बना रहता है।

ऐसे में विशेषज्ञों का मानना है कि सुरक्षित निर्माण, बेहतर जल निकासी व्यवस्था, जोखिम वाले क्षेत्रों में निर्माण पर रोक और समय-समय पर जागरूकता अभियान ही भविष्य की बड़ी त्रासदी को टालने का सबसे प्रभावी तरीका हो सकते हैं।

रिपोर्ट : यूके शर्मा

लेटेस्ट   Hindi News ,    बॉलीवुड न्यूज,   बिजनेस न्यूज,   टेक ,   ऑटो,   करियर , और   राशिफल, पढ़ने के लिए Live Hindustan App डाउनलोड करें।