हिमाचल में बारिश-बर्फबारी से लौटी ठंड, अटल टनल के आगे वाहनों पर रोक; ऑरेंज अलर्ट
Himachal Pradesh Weather: हिमाचल प्रदेश में लंबे समय से चल रहा सूखा मार्च की बारिश और बर्फबारी से खत्म हो गया है। इससे किसानों को बड़ी राहत मिली है। मौसम विभाग ने आने वाले दिनों के लिए भी अलर्ट जारी किया है।

हिमाचल प्रदेश में लंबे समय से चल रहा सूखे का दौर खत्म हो गया है। मार्च के महीने में हुई बारिश और बर्फबारी ने जहां पहाड़ों में एक बार फिर सर्दी का अहसास लौटा दिया है, वहीं किसानों और लोगों के लिए यह मौसम राहत लेकर आया है। राज्य के कई हिस्सों में बादल बरस रहे हैं, जबकि ऊंचे इलाकों में लगातार बर्फबारी का सिलसिला जारी है।
सोलंग बैरियर से आगे वाहनों की आवाजाही पर रोक
ऊंचे इलाकों में लगातार हो रही बर्फबारी का असर सड़क यातायात पर भी पड़ने लगा है। अटल टनल रोहतांग के आसपास लगातार बर्फबारी के कारण सड़क की स्थिति वाहनों के लिए सुरक्षित नहीं मानी जा रही है। पर्यटकों और आम लोगों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए प्रशासन ने सोलंग बैरियर से आगे फिलहाल वाहनों की आवाजाही पर रोक लगा दी है।
ऑरेंज और येलो अलर्ट
प्रशासन ने पर्यटकों से अपील की है कि वे मौसम की परिस्थितियों को देखते हुए ऊपरी क्षेत्रों की ओर जाने से बचें। अगर जाना बेहद जरूरी हो तो केवल 4×4 वाहनों का ही इस्तेमाल करें। मौसम विभाग के अगले 24 घंटे के दौरान सूबे के अलग-अलग हिस्सों में गरज चमक और तेज हवाओं के साथ बारिश और ओले गिरने का ऑरेंज अलर्ट जारी किया है। कई अन्य जगहों पर गरज चमक और तेज हवाओं के साथ बारिश का येलो अलर्ट भी जारी किया है।
फिर बढ़ी ठंड
राजधानी शिमला, मनाली और आसपास के क्षेत्रों में सुबह से घने बादल छाए रहे और दिन में कई जगह अंधड़ के साथ हल्की से मध्यम बारिश दर्ज की गई। वहीं लाहौल-स्पीति, किन्नौर, कुल्लू और चंबा की ऊंची चोटियों पर रुक-रुक कर बर्फबारी हो रही है। मार्च में हो रही इस बर्फबारी से पहाड़ी इलाकों में तापमान गिरा है और ठंड एक बार फिर बढ़ गई है।
किसानों को राहत
कई इलाकों में ओलावृष्टि भी हुई है। मौसम के इस बदलाव से जहां लोगों को फिर से सर्द मौसम का एहसास हो रहा है, वहीं किसानों के लिए यह राहत की बात है। पिछले कई हफ्तों से प्रदेश के कई हिस्सों में बारिश नहीं होने के कारण खेत सूखने लगे थे और खासकर निचले इलाकों में गेहूं की फसल पर असर पड़ने की आशंका बढ़ रही थी। अब यह बारिश गेहूं की फसल के लिए संजीवनी का काम कर सकती है।
कुछ इलाकों में पड़ सकते हैं ओले
कृषि विशेषज्ञों का कहना है कि इस समय हुई बारिश फसल के विकास के लिए काफी फायदेमंद मानी जाती है। मौसम विभाग के मुताबिक, रविवार और सोमवार को प्रदेश के कई हिस्सों में तेज हवाओं, बारिश और बिजली कड़कने की संभावना है। कुछ स्थानों पर 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चल सकती हैं। इसके साथ ही कुछ इलाकों में ओलावृष्टि की भी संभावना जताई गई है।
इन जिलों में खास सतर्कता बरतने की सलाह
आज के लिए बिलासपुर, ऊना, चंबा, कांगड़ा, सिरमौर, सोलन और शिमला जिलों में विशेष सतर्कता बरतने को कहा गया है। मौसम विभाग के अनुसार इन इलाकों में कहीं-कहीं तेज हवाओं के साथ बारिश, बिजली कड़कने और ओले गिरने की घटनाएं हो सकती हैं। 16 मार्च के लिए भी इसी तरह का अलर्ट जारी किया गया है।
17, 18 और 19 मार्च को मौसम रहेगा खराब
मौसम विभाग के पूर्वानुमान के अनुसार, 17 मार्च को भी प्रदेश के कई हिस्सों में मौसम खराब बना रह सकता है, हालांकि उस दिन के लिए कोई विशेष चेतावनी जारी नहीं की गई है। इसके बाद 18 और 19 मार्च को फिर से कई भागों में आंधी और बिजली कड़कने का अलर्ट दिया गया है। खास तौर पर 18 मार्च को कुछ स्थानों पर 50 से 60 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज आंधी चलने की संभावना जताई गई है।
निचले क्षेत्रों में बादल और बारिश का दौर
मौसम वैज्ञानिकों का कहना है कि प्रदेश में मौसम का यह बदलाव पश्चिमी विक्षोभ के सक्रिय होने के कारण आया है। इसके प्रभाव से पहाड़ी इलाकों में बर्फबारी और निचले क्षेत्रों में बादल व बारिश का दौर बना हुआ है। बीते 24 घंटों में प्रदेश के औसत न्यूनतम तापमान में हल्की गिरावट दर्ज की गई है और कई इलाकों में ठंड एक बार फिर महसूस की जा रही है।
कुछ दिनों तक ऐसा ही मौसम
मौसम विभाग का कहना है कि आने वाले कुछ दिनों तक प्रदेश में मौसम का यह बदला हुआ मिजाज बना रह सकता है। ऐसे में लोगों को तेज हवाओं, बिजली कड़कने और खराब मौसम को देखते हुए सतर्क रहने की सलाह दी गई है। वहीं किसानों को उम्मीद है कि यह बारिश और बर्फबारी प्रदेश में लंबे समय से बने सूखे जैसे हालात को खत्म करने में मदद करेगी।
रिपोर्ट- यूके शर्मा
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