Himachal Budget 2026: फ्री बिजली, 1500 रुपये महीना पेंशन; किन परिवारों को मिलेगा फायदा?
Himachal Budget 2026: हिमाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने शनिवार को मुख्यमंत्री सुखी परिवार योजना के तहत खास वर्ग के एक लाख परिवारों की भलाई के लिए 3 खास गारंटी लागू करने की घोषणा की।

Himachal Budget 2026: हिमाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने शनिवार को मुख्यमंत्री सुखी परिवार योजना के तहत गरीबी रेखा से नीचे रहने वाले करीब एक लाख BPL परिवारों की भलाई के लिए 3 खास गारंटी लागू करने की घोषणा की। मुख्यमंत्री ने राज्य का बजट पेश करते हुए कहा- “करीब एक लाख गरीब परिवारों को ‘सुखी परिवार’ में बदलने की पहल के तहत कवर किया जाएगा। उन्होंने बताया कि तीन खास गारंटी में 300 यूनिट फ्री बिजली, 1500 रुपये महीने की पेंशन और पक्के घरों के लिए वित्तीय मदद शामिल है।”
महिलाओं को 1500 की वित्तीय सहायता
उन्होंने कहा कि योग्य लाभार्थियों की पहचान करने के लिए एसडीएम , डीसी , बीडीओ और पंचायतों द्वारा पहले ही विस्तृत सर्वे किए जा चुके हैं। उन्होंने कहा, ''इस खास हस्तक्षेप से गरीबों को उनके हक मिलेंगे।'' मुख्यमंत्री ने आगे घोषणा की कि ''इंदिरा गांधी प्यारी बहना स्कीम का तीसरा चरण'' जल्द ही शुरू किया जाएगा, जिसमें योग्य महिला लाभार्थियों को 1,500 रुपये की वित्तीय मदद दी जाएगी।
खेती में प्राकृतिक संसाधनों को बढ़ावा
सुक्खू ने मनेरगा पर केंद्र के फैसले पर चिंता जताते हुए कहा कि इससे राज्य में ग्रामीण रोजगार पर असर पड़ सकता है। उन्होंने हालांकि यह भी कहा कि राज्य सरकार रोजी-रोटी बनाए रखने के लिए अतिरिक्त चार करोड़ मैन-डे बनाकर इसकी भरपाई करेगी। उन्होंने खेती को एक मुख्य रोजगार क्षेत्र बताते हुए कहा कि प्राकृतिक जैविक संसाधनों और ग्रीन पहल को मजबूत किया जाएगा। किसानों को लगभग 12 लाख जननद्रव्य पौधे बांटे जाएंगे, जबकि बायो-चार उत्पादन और चीड़ की पत्तियां/ जैसी गतिविधि को रोजी-रोटी के विकल्प के तौर पर बढ़ावा दिया जाएगा।
रोजगार बढ़ाने के लिए युवाओं को क्या मिलेगा
सरकार ने ग्रामीण विकास में 150 पंचायत सचिवपद भरने, सौ प्रतिशत पंचायती राज ऑडिट और पंचायत संसाधन सेंटर बनाने की घोषणा की। सभी पंचायतों को आधनुिक बनाने के लिए एक खास अभियान भी चलाया जाएगा। रोज़गार बढ़ाने के लिए, 500 युवाओं को ई-टैक्सी सब्सिडी दी जाएगी, जबकि 500 ई-रिक्शा को डीबीटी आधारित पूंजीगत अनुदान के ज़रिए समर्थन किया जाएगा, जिसका कुल खर्च लगभग 500 करोड़ रुपये होगा। इसके अलावा सरकार 500 शिक्षण संस्थाओं में कैंपस प्लेसमेंट प्रकोष्ठ को मज़बूत करने और शिमला हाट और प्रीमियम शोरूम जैसी पहलों के ज़रिए स्वयं सहायता ग्रुप को बढ़ावा देने की भी योजना बना रही है।
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