हिमाचल भवन में ठहरना अब महंगा, सरकार ने 1200 से सीधे 4000 रुपये बढ़ाया किराया
हिमाचल प्रदेश सरकार ने दिल्ली, चंडीगढ़ और शिमला के सरकारी विश्राम गृहों का किराया 1200 से बढ़ाकर 4000 कर दिया है। यह नई दर तुरंत लागू होगी और बुकिंग के लिए कड़े नियम भी बनाए गए हैं।

हिमाचल प्रदेश सरकार ने दिल्ली और चंडीगढ़ स्थित हिमाचल भवन और हिमाचल सदन में ठहरने को काफी महंगा कर दिया है। अब इन सरकारी विश्राम स्थलों में एक कमरे के लिए लोगों को 1200 रुपये की बजाय सीधे 4000 रुपये चुकाने होंगे। सामान्य प्रशासन विभाग की ओर से जारी नई अधिसूचना के अनुसार यह बढ़ोतरी तुरंत प्रभाव से लागू कर दी गई है, जिससे हिमाचल से बाहर जाने वाले लोगों की जेब पर सीधा असर पड़ेगा।
नई दिल्ली स्थित हिमाचल भवन में भी बढ़ा किराया
नई अधिसूचना में स्पष्ट किया गया है कि नई दिल्ली स्थित हिमाचल भवन के कमरा नंबर 405, 406, 407, 307, 308, 309 और 310 के लिए 4000 रुपये प्रति कमरा किराया तय किया गया है। वहीं हिमाचल सदन, नई दिल्ली में कमरा नंबर 303, 304, 101 और 102 के लिए भी यही दर लागू होगी।
चंडीगढ़ और शिमला स्थित हिमाचल भवन में भी बढ़ा किराया
चंडीगढ़ स्थित हिमाचल भवन में कमरा नंबर 202, 203, 204, 107, 108 और 109 के लिए 4000 रुपये किराया तय किया गया है। इसके अलावा शिमला के विली पार्क सर्किट हाउस में कमरा नंबर 512, 514, 522, 523, 411, 412 और 414 के लिए भी यही शुल्क लागू होगा।
सीएम भी हिमाचल भवन का ही चुनते हैं विकल्प
दिल्ली और चंडीगढ़ में बने हिमाचल भवन और हिमाचल सदन लंबे समय से हिमाचल प्रदेश के लोगों के लिए एक महत्वपूर्ण सुविधा रहे हैं। यहां राज्य सचिवालय के माध्यम से कमरों की बुकिंग होती है। मंत्री, विधायक, सरकारी अधिकारी, कर्मचारी, पत्रकार से लेकर आम लोग भी यहां ठहर सकते हैं। मुख्यमंत्री भी अक्सर दिल्ली प्रवास के दौरान हिमाचल भवन में ही ठहरते हैं।
इसी तरह चंडीगढ़ में भी हिमाचल भवन लोगों को ठहरने की सुविधा देता है, जबकि शिमला में इसी तर्ज पर विली पार्क बनाया गया है। इन सभी संस्थानों का संचालन सरकारी उपक्रम एचपीटीडीसी करता है।
कांग्रेस सरकार ने ही 400 से 1200 किया था किराया
गौर करने वाली बात यह है कि मौजूदा कांग्रेस सरकार ने सत्ता में आने के बाद 2023 की शुरुआत में ही इन कमरों का किराया 400 रुपये से बढ़ाकर 1200 रुपये किया था। अब महज कुछ ही समय बाद इसे बढ़ाकर 4000 रुपये कर दिया गया है, जो पहले के मुकाबले कई गुना ज्यादा है। ऐसे में आम लोगों के लिए यहां ठहरना अब काफी महंगा हो जाएगा।
कैसे होगा आवंटन?
नई व्यवस्था में सरकार ने यह भी तय किया है कि कमरों का 30 प्रतिशत आवंटन दोपहर 12 बजे तक और 50 प्रतिशत आवंटन शाम 5 बजे तक कन्फर्म किया जाएगा। साथ ही यह भी स्पष्ट किया गया है कि जिस व्यक्ति के नाम पर कमरा बुक होगा, उसी को वहां ठहरने की अनुमति होगी और किसी भी तरह की प्रॉक्सी व्यवस्था मान्य नहीं होगी। एचपीटीडीसी को यह भी निर्देश दिए गए हैं कि वहां ठहरने वालों को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएं।
सरकार के फैसले पर बिफरा विपक्ष
सरकार के इस फैसले पर विपक्ष ने कड़ी प्रतिक्रिया दी है। प्रदेश भाजपा अध्यक्ष राजीव बिंदल ने कहा है कि हिमाचल भवन और सदन प्रदेश के लोगों की सुविधा के लिए बनाए गए थे, ताकि वे बाहर जाने पर सस्ती दरों पर ठहर सकें। लेकिन अब सरकार ने किराया इतना बढ़ा दिया है कि आम आदमी के लिए वहां ठहरना मुश्किल हो जाएगा। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि एक तरफ सरकार एचपीटीडीसी के होटलों को बंद करने या आउटसोर्स करने की बात कर रही है, वहीं दूसरी ओर इन भवनों में ठहरने को महंगा कर रही है।
लिए जा सकते हैं कड़े फैसले
वहीं मुख्यमंत्री पहले ही राज्य की आर्थिक स्थिति को लेकर चिंता जता चुके हैं। उनका कहना है कि राजस्व घाटा अनुदान बंद होने के कारण प्रदेश की वित्तीय स्थिति प्रभावित हुई है। इसी को देखते हुए सरकार ने इस साल के बजट में मुख्यमंत्री, मंत्रियों, विधायकों और शीर्ष अधिकारियों के वेतन का 20 से 50 प्रतिशत हिस्सा छह महीने के लिए स्थगित किया है। मुख्यमंत्री ने यह भी संकेत दिए हैं कि आने वाले समय में और कड़े फैसले लिए जा सकते हैं, जिनका असर लोगों को आगे देखने को मिलेगा।
रिपोर्ट- यूके शर्मा
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