LPG संकट में साइबर बदमाश ऐक्टिव, पुलिस की एजवाइजरी- इस तरह के फर्जी लिंक से सावधान रहें
LPG Crisis: एलपीजी संकट में साइबर बदमाश ऐक्टिव हो गए हैं। हिमाचल प्रदेश में कई लोगों को एसएमएस और वाट्सएप पर फर्जी लिंक मिल रहे हैं, जिसमें एलपीजी का भुगतान बाकी है या केवाईसी अधूरी है जैसे मैसेज मिल रहे हैं।

Cyber Fraud Amid LPG Crisis: अमेरिका और ईरान के बीच जारी जंग ने पूरे मिडिल ईस्ट को तनाव की आग में झोंक दिया है। इस टकराव का असर अब सिर्फ युद्ध तक सीमित नहीं रहा, बल्कि दुनिया की ऊर्जा आपूर्ति पर भी सीधा पड़ने लगा है। भारत भी इससे अछूता नहीं! देश के कई हिस्सों में एलपीजी संकट गहरा गया है। सिलेंडरों की मारा-मारी चल रही है। एलपीजी संकट में साइबर अपराधी भी ऐक्टिव हो गए हैं। हिमाचल प्रदेश में शातिर इस माहौल का फायदा उठाकर लोगों को डराकर ठगी की कोशिश कर रहे हैं। पुलिस ने एडवाइजरी जारी करते हुए फर्जी लिंक से सावधान रहने की अपील की है।
हिमाचल प्रदेश में इन दिनों एलपीजी गैस की कमी को लेकर चल रही खबरों के बीच साइबर ठग भी सक्रिय हो गए हैं। पुलिस का कहना है कि शातिर लोग इसी माहौल का फायदा उठाकर लोगों को डराकर ठगी करने की कोशिश कर रहे हैं। साइबर अपराधी मोबाइल फोन पर ऐसे फर्जी मैसेज भेज रहे हैं जिनमें लिखा होता है कि एलपीजी का भुगतान बाकी है या केवाईसी अधूरी है और यदि तुरंत कार्रवाई नहीं की गई तो गैस की सप्लाई बंद कर दी जाएगी।
एसएमएस और वाट्सएप पर फर्जी संदेश
साइबर सेल शिमला के अनुसार कई लोगों को एसएमएस, व्हाट्सऐप और ई-मेल के जरिए ऐसे संदेश भेजे जा रहे हैं जिनमें एक लिंक भी दिया जाता है। संदेश में लोगों से कहा जाता है कि वे तुरंत उस लिंक पर क्लिक कर भुगतान करें या अपनी जानकारी अपडेट करें। एलपीजी की कमी से जुड़ी खबरों के कारण कई लोग घबराकर इन लिंक पर क्लिक कर देते हैं।
मोबाइल हैक होने का खतरा
साइबर पुलिस का कहना है कि जैसे ही कोई व्यक्ति इस फर्जी लिंक पर क्लिक करता है, उसका मोबाइल फोन हैक होने का खतरा बढ़ जाता है। इसके बाद साइबर ठग मोबाइल में मौजूद बैंकिंग से जुड़ी जानकारी तक पहुंच बना सकते हैं और पीड़ित के खाते से पैसे निकालने की कोशिश करते हैं। कई मामलों में लोगों के खातों से बिना अनुमति पैसे निकालने की रिक्वेस्ट भी आ चुकी है।
पुलिस की एडवाइजरी
साइबर सेल के मुताबिक ठग लोगों को अलग-अलग तरह के बहाने से फंसाने की कोशिश कर रहे हैं। कुछ मैसेज में लिखा जाता है कि एलपीजी की केवाईसी अधूरी है, कहीं आधार लिंक करने का संदेश भेजा जाता है, तो कहीं यह कहा जाता है कि गैस सप्लाई जारी रखने के लिए तुरंत भुगतान करना जरूरी है। इन संदेशों के साथ भेजे गए लिंक ही असल में ठगी का जाल होते हैं।
साइबर क्राइम के डीआईजी रोहित मालपानी ने लोगों से सतर्क रहने की अपील की है। उन्होंने कहा कि एलपीजी या किसी भी सरकारी सेवा से जुड़ा कोई भी संदिग्ध मैसेज मिलने पर उसमें दिए गए लिंक पर क्लिक न करें। उन्होंने बताया कि गैस कंपनियां इस तरह के लिंक भेजकर भुगतान नहीं करवातीं।
पुलिस का कहना है कि यदि किसी व्यक्ति को ऐसा कोई मैसेज मिलता है तो वह पहले संबंधित गैस एजेंसी या आधिकारिक वेबसाइट से जानकारी की पुष्टि करे। साथ ही अगर किसी को साइबर ठगी का शक हो या वह इसका शिकार हो जाए तो तुरंत साइबर हेल्पलाइन 1930 या नजदीकी पुलिस स्टेशन से संपर्क करना चाहिए।
रिपोर्ट : यूके शर्मा
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