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हिमाचल प्रदेश में 13 हजार आउटसोर्स कर्मचारियों को झटका, सुक्खू सरकार का दो टूक जवाब

हिमाचल प्रदेश में लंबे समय से नौकरी की सुरक्षा और स्थायी अनुबंध की मांग कर रहे आउटसोर्स कर्मचारियों के लिए राज्य सरकार कोई अलग नीति बनाने नहीं जा रही है।

Wed, 1 April 2026 01:42 PMSudhir Jha लाइव हिन्दुस्तान, शिमला
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हिमाचल प्रदेश में 13 हजार आउटसोर्स कर्मचारियों को झटका, सुक्खू सरकार का दो टूक जवाब

हिमाचल प्रदेश में लंबे समय से नौकरी की सुरक्षा और स्थायी अनुबंध की मांग कर रहे आउटसोर्स कर्मचारियों के लिए राज्य सरकार कोई अलग नीति बनाने नहीं जा रही है। यह जानकारी मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने बुधवार को विधानसभा के बजट सत्र के दौरान एक लिखित जवाब में दी। सरकार के इस रुख से प्रदेश के करीब 13 हजार आउटसोर्स कर्मचारियों की उम्मीदों को झटका लगा है।

विधानसभा में भाजपा विधायक प्रकाश राणा और डॉक्टर जनक राज द्वारा पूछे गए सवाल के लिखित जवाब में मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि आउटसोर्स आधार पर नियुक्त कर्मचारी सरकार के नियमित कर्मचारी नहीं होते हैं। ऐसे कर्मचारियों के लिए अलग से नौकरी सुरक्षा या दीर्घकालिक संविदा नीति बनाने का फिलहाल सरकार का कोई विचार नहीं है।

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2009 के प्रावधानों के तहत आउटसोर्स

मुख्यमंत्री ने बताया कि प्रदेश के विभिन्न सरकारी विभागों में इस समय लगभग 13 हजार कर्मचारी आउटसोर्स आधार पर सेवाएं दे रहे हैं। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि सरकार नियमित पदों को आउटसोर्स आधार पर नहीं भरती बल्कि केवल कुछ विशेष सेवाओं को हिमाचल प्रदेश वित्तीय नियम 2009 के प्रावधानों के तहत टेंडर प्रक्रिया के जरिए आउटसोर्स किया जाता है।

सरकार ने कहा- 7 तक वेतन अनिवार्य

सरकार की ओर से यह भी बताया गया कि आउटसोर्स कर्मचारियों के वेतन और सेवा शर्तों के संरक्षण के लिए पहले ही 1 जुलाई 2017 और 18 जनवरी 2021 को दिशा-निर्देश जारी किए जा चुके हैं। इन दिशा-निर्देशों के अनुसार सेवा प्रदाता एजेंसियों को कर्मचारियों का पारिश्रमिक हर महीने की 7 तारीख तक जारी करना अनिवार्य किया गया है, जिससे भुगतान में अनावश्यक देरी न हो।

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भाजपा विधायकों ने उठाया मुद्दा

भाजपा विधायकों प्रकाश राणा और डॉक्टर जनक राज ने सवाल किया कि पिछले दो वर्षों में 31 जनवरी 2026 तक आउटसोर्स कर्मचारियों के वेतन भुगतान में देरी के कितने मामले सामने आए और उन पर क्या कार्रवाई हुई। इसके जवाब में मुख्यमंत्री ने बताया कि सरकार के संज्ञान में ऐसा कोई मामला नहीं आया है, जिसमें तय समय सीमा के बाद वेतन भुगतान हुआ हो।

रिपोर्ट : यूके शर्मा

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