गुजरात में पकड़ाया बच्चा तस्कर गिरोह; नवजात को खरीदा, बेचने के लिए हैदराबाद ले जाते वक्त धराए
पुलिस ने बताया कि आरोपियों से पूछताछ के दौरान गुजरात, तेलंगाना और उत्तर प्रदेश तक फैले एक बहु-राज्यीय बाल तस्करी नेटवर्क का खुलासा हुआ। अपराध शाखा ने बताया कि वे शिशु को बेचने के लिए हैदराबाद लेकर जा रहे थे।

गुजरात पुलिस ने कई राज्यों में फैले एक बच्चा तस्कर गिरोह का खुलासा करते हुए एक महिला सहित तीन लोगों को गिरफ्तार किया है और उनसे एक नवजात शिशु को बचाने में सफलता पाई है। इस नवजात को उन्होंने राज्य के साबरकांठा जिले से करीब साढ़े तीन लाख रुपए में खरीदा था और वे उसे बेचने के लिए हैदराबाद लेकर जा रहे थे। अधिकारियों ने गुरुवार को इस बारे में जानकारी देते हुए बताया कि जिस कार में तीनों आरोपी बच्चे के साथ जा रहे थे, उसके चालक को भी हिरासत में लिया गया है।
ATS ने DCB के साथ मिलकर दबोचा
पुलिस ने बताया कि इस बारे में गुजरात ATS (आतंकवाद विरोधी दस्ते) को सबसे पहले सूचना मिली थी, जिसके बाद उसने इसे अहमदाबाद की अपराध शाखा (DCB) पुलिस के साथ शेयर किया। फिर डीसीबी पुलिस ने बुधवार को जाल बिछाकर गुजरात के साबरकांठा जिले के हिम्मतनगर से अहमदाबाद हवाई अड्डे की ओर जा रही एक सफेद रंग की कार को रोकते हुए आरोपियों को धर दबोचा।
दो आरोपी यूपी और एक राजस्थान का रहने वाला
क्राइम ब्रांच ने बताया कि जांच के दौरान कार सवारों के पास एक नवजात शिशु मिला। जिसके बारे में पूछताछ करने पर आरोपी ढंग से जवाब नहीं दे सके। जिसके बाद उन्हें गिरफ्तार कर लिया गया। पुलिस ने बताया कि आरोपी कार सवारों की पहचान उत्तर प्रदेश के अयोध्या की मूल निवासी और वर्तमान में अहमदाबाद में रह रही वंदना पांचाल (34), राजस्थान के मूल निवासी और वर्तमान में हैदराबाद में रह रहे रोशन उर्फ सज्जन अग्रवाल (42), और उत्तर प्रदेश के सुल्तानपुर के मूल निवासी और फिलहाल अहमदाबाद में रह रहे सुमित यादव (27) के रूप में हुई है। पुलिस ने वाहन के ड्राइवर मौलिक दवे (32) को भी हिरासत में लिया है।
3.6 लाख रुपए में खरीदा था नवजात को
पुलिस ने बताया कि आरोपियों से पूछताछ के दौरान गुजरात, तेलंगाना और उत्तर प्रदेश तक फैले एक बहु-राज्यीय बाल तस्करी नेटवर्क का खुलासा हुआ। आरोपियों ने कबूल किया कि उन्होंने हिम्मतनगर के नजदीक मुन्नू नाम के व्यक्ति से 3.60 लाख रुपए में नवजात शिशु को खरीदा था। क्राइम ब्रांच ने बताया कि वे उस नवजात शिशु को नागराज नामक एजेंट को बेचने के लिए हैदराबाद लेकर जा रहे थे।
आरोपियों के पास से पुलिस को 10,050 रुपए नकद, चार मोबाइल फोन और कार भी मिले, जिसे उसने जब्त कर लिया और आरोपी के साथ-साथ बच्चा बेचने व खरीदने वालों (मुन्नू और नागराज) के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) और किशोर न्याय (देखभाल और बच्चों का संरक्षण) अधिनियम की संबंधित धाराओं के तहत मामला भी दर्ज कर लिया।
प्रेस नोट में पुलिस ने कहा कि, 'बचाए गए नवजात शिशु को तत्काल देखभाल और चिकित्सा निगरानी के लिए बाल स्वास्थ्य अधिकारी को सौंप दिया गया है। इस तस्करी गिरोह के व्यापक नेटवर्क का पर्दाफाश करने और फरार बिचौलियों को पकड़ने के लिए आगे की जांच जारी है।'
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