गुजरात में इन दो शहरों के बीच हाईवे होगा 8 लेन, इस शहर में 6km लंबे एलिवेटेड कॉरिडोर को भी मिली मंजूरी
राज्य सरकार के प्रवक्ता ने बताया कि आदिवासी इलाकों में कुल 4,781 बस्तियां हैं, जिनमें से पहले चरण के लिए 1,614 बस्तियों को चुना गया है। इन सड़कों से आदिवासी इलाकों की 1,699 बस्तियों में रहने वाले आठ लाख से ज़्यादा लोगों को फायदा होगा।

गुजरात की भूपेंद्र भाई पटेल सरकार ने बुधवार को प्रदेशवासियों को एक बड़ी सौगात देते हुए करीब 5,230 करोड़ रुपए की लागत से राज्य में बनने वाली दो बड़ी सड़क परियोजनाओं को मंजूरी दे दी। इनमें से एक प्रोजेक्ट के तहत अहमदाबाद और मेहसाणा को जोड़ने वाला हाईवे बनाया जाएगा, वहीं दूसरे प्रोजेक्ट के अंतर्गत राज्य के आदिवासी इलाकों को सड़कों से जोड़ा जाएगा। इसके साथ ही सरकार ने गांधीनगर जिले के कलोल शहर में पांच ओवरब्रिज को जोड़ने वाला 6 किलोमीटर लंबा एलिवेटेड कॉरिडोर बनाने को भी मंजूरी दे दी।
2630 करोड़ में बनेगा 51 किमी लंबा हाईवे
बैठक में हुए फैसलों की जानकारी देते हुए राज्य सरकार के प्रवक्ता और मंत्री जीतू वाघाणी ने कहा कि मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल की अध्यक्षता में कैबिनेट की बैठक हुई, जिसमें उत्तरी गुजरात में अहमदाबाद और मेहसाणा को जोड़ने वाले 51 किलोमीटर लंबे और 8 लेन वाले हाईवे के निर्माण को मंजूरी दी गई। उन्होंने बताया कि इसे बनाने में करीब 2,630 करोड़ रुपए का खर्च आएगा।
इस शहर में बनेगा 6 किमी लंबा एलिवेटेड कॉरिडोर
सरकारी प्रवक्ता ने बताया कि इस परियोजना के तहत, मुख्य सड़क को आठ लेन की सड़क में बदला जाएगा, जबकि यातायात से जुड़ी समस्याओं को हल करने के लिए दोनों तरफ सर्विस सड़क भी बनाई जाएंगी। उन्होंने कहा कि इसी परियोजना के हिस्से के रूप में, गांधीनगर जिले के कलोल शहर में पांच ओवरब्रिज को जोड़ने वाला 6 किलोमीटर लंबा एलिवेटेड कॉरिडोर बनाया जाएगा।
आदिवासी इलाकों में बनेगी 2020 किमी लंबी सड़क
वाघाणी ने बताया कि कैबिनेट बैठक में एक अन्य फैसला आदिवासी इलाकों के विकास से जुड़ा लिया गया और इसके तहत आदिवासी बाहुल्य इलाकों के लिए एक परियोजना को मंजूरी दी गई। इस योजना के अंतर्गत प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के तहत आदिवासी इलाकों में 1,614 इलाकों को जोड़ने वाली 2,020 किलोमीटर सड़कों का निर्माण किया जाएगा। उन्होंने कहा कि इस परियोजना के जरिए राज्य के आदिवासी इलाकों की इन सोलह सौ से ज्यादा बस्तियों को पहली बार पक्की सड़कों से जोड़ा जाएगा और इसमें लगभग 2,600 करोड़ रुपए की लागत आएगी।
राज्य सरकार के प्रवक्ता ने बताया कि आदिवासी इलाकों में कुल 4,781 बस्तियां हैं, जिनमें से पहले चरण के लिए 1,614 बस्तियों को चुना गया है। इन सड़कों से आदिवासी इलाकों की 1,699 बस्तियों में रहने वाले आठ लाख से ज़्यादा लोगों को फायदा होगा।
27 साल पहले बना था चार लेन वाला हाईवे
मंत्री ने कहा कि अहमदाबाद और मेहसाणा के बीच वर्तमान में जो चार लेन वाली 51.6 किलोमीटर लंबी सड़क है, उसका निर्माण 1999 में हुआ था, और अब उसे 2,630 करोड़ रुपए खर्च कर आठ लेन का बनाया जाएगा। इस दौरान इस पूरी सड़क के दोनों तरफ 7 मीटर चौड़ी सर्विस लेन की सुविधा भी दी जाएगी। सड़क की चौड़ाई बढ़ाने की वजह बताते हुए उन्होंने कहा कि नवीनतम ट्रैफिक सर्वे के अनुसार, इस सड़क पर रोज़ाना 1 लाख से ज़्यादा वाहन चलते हैं।
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