अहमदाबाद क्राइम ब्रांच को सफलता, छत्तीसगढ़ में हत्या-लूट के केस में 5 साल से फरार आरोपी दबोचा
गुजरात में अहमदाबाद क्राइम ब्रांच ने छत्तीसगढ़ के वर्ष 2021 के हत्या-लूट के मामले में वॉन्टेड एक आरोपी को 5 साल बाद गिरफ्तार किया है। आरोपी हत्या के बाद घर से 10 लाख रुपये नकद और 30-35 तोला सोना लेकर फरार हो गए थे।

गुजरात में अहमदाबाद पुलिस की क्राइम ब्रांच ने छत्तीसगढ़ के वर्ष 2021 के हत्या-लूट के मामले में वॉन्टेड एक आरोपी को 5 साल बाद गिरफ्तार किया है। एक अधिकारी ने शनिवार को इस बारे में जानकारी देते हुए बताया कि छत्तीसगढ़ के टिकरापारा पुलिस थाना क्षेत्र में शकुंतला देवी की हत्या के सिलसिले में वॉन्टेड अजय कुमार उर्फ लक्ष्मीकांत उर्फ कीमतीश्री राजनारायण मिश्रा को शुक्रवार को गिरफ्तार कर लिया गया।
अधिकारी ने बताया, “शकुंतला यादव और उनके छोटे बेटे अमित का उसके (शकुंतला) दूसरे बेटे अजय के साथ संपत्ति को लेकर विवाद था। शकुंतला और अमित ने आपराधिक रिकॉर्ड वाले अजय कुमार मिश्रा से मदद मांगी। मिश्रा उसी अस्पताल में सिक्योरिटी गार्ड था जहां अमित काम करता था।”
सुपारी की एडवांस रकम लेकर भाग गया था आरोपी
अधिकारी ने बताया कि अजय कुमार मिश्रा को अजय को विवादित संपत्ति से बाहर निकालने के लिए चार लाख रुपये की 'सुपारी' की पेशकश की गई थी। मिश्रा ने काम करने से पहले 10,000 रुपये एडवांस लिए और काम पूरा किए बिना भाग गया।
उन्होंने बताया, “शकुंतला और अमित दोनों अजय कुमार मिश्रा का पीछा करते हुए उसके गांव तक पहुंच गए और उससे या तो काम पूरा करने या एडवांस की रकम वापस करने की मांग की। हालांकि, चार महीने बाद अजय कुमार मिश्रा और उसका साथी केतन उर्फ के.टी. रामसुंदर तिवारी काम पूरा करने के बहाने रायपुर में शकुंतला के घर पहुंचे। वहां पहुंचने पर उन्हें पता चला कि अमित एक अन्य मामले में जेल में है।”
हत्या के बाद गहने-नकदी लेकर हो गए थे फरार
पुलिस के मुताबिक, शकुंतला को घर में अकेली देखकर मिश्रा और तिवारी रातभर उसके घर में रुके और गला घोंटकर शकुंतला की हत्या कर दी। इसके बाद दोनों आरोपी घर से 10 लाख रुपये नकद और 30-35 तोला सोना लेकर फरार हो गए थे।
कहां-कहां छुपा आरोपी
पुलिस के एक अधिकारी ने बताया, "आरोपियों ने उत्तर प्रदेश के कौशांबी में एक व्यापारी को सोना बेच दिया और पुलिस से बचने के लिए मोबाइल फोन और सरकारी पहचान पत्र (पैन/आधार) का इस्तेमाल बंद कर चुप्पी साधे रखी। मिश्रा पहले गोवा में छिपा रहा, फिर 2022 में अहमदाबाद के नरोदा इलाके में अपने भाई के साथ रहने चला गया और बाद में मुंबई में रहने लगा।"
बयान के अनुसार, तकनीकी खुफिया जानकारी और निगरानी के आधार पर अहमदाबाद पुलिस की क्राइम ब्रांच ने मिश्रा को गिरफ्तार किया। अहमदाबाद पुलिस की क्राइम ब्रांच 2021 के इस मामले में औपचारिक हस्तांतरण और आगे की कानूनी कार्यवाही के लिए रायपुर पुलिस के साथ समन्वय कर रही है।
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