गुजरात में पेड़ से टकराई शराब से भरी कार, 2 लोगों की मौत, 677 बोतलें बरामद; ड्राइवर पर केस दर्ज
गुजरात के वाव-थराद क्षेत्र में बुधवार सुबह एक SUV कार के पेड़ से टकराने के बाद 2 लोगों की मौके पर ही मौत हो गई। हादसे के बाद गाड़ी की तलाशी लेने पर पुलिस को उसमें से 677 शराब की बोतलें बरामद हुईं। दोनों शवों को पोस्टमॉर्टम के लिए भेज दिया गया है।

गुजरात के वाव-थराद क्षेत्र में बुधवार सुबह एक SUV कार के पेड़ से टकराने के बाद 2 लोगों की मौके पर ही मौत हो गई। हादसे के बाद गाड़ी की तलाशी लेने पर पुलिस को उसमें से 677 शराब की बोतलें बरामद हुईं। दोनों शवों को पोस्टमॉर्टम के लिए भेज दिया गया है। पुलिस पूरे मामले की जांच कर रही है, जिसमें यह भी पता लगाया जा रहा है कि शराब की खेप कहां से लाई जा रही थी और इसका गंतव्य क्या था।
पेड़ से जा टकराई कार, 2 की मौत
पुलिस के अनुसार दुर्घटना सुबह करीब 7:30 बजे हुई, जब ड्राइवर ने कथित तौर पर गाड़ी से अपना कंट्रोल खो दिया और SUV सड़क किनारे एक पेड़ से जा टकराई। हादसे में वाहन सवार कानाराम रबारी (30) और पिंटू बाजीराना (28) की मौके पर ही मौत हो गई। दोनों राजस्थान के निवासी बताए जा रहे हैं।
गाड़ी में निकलीं 677 शराब की बोतलें
थराद के पुलिस निरीक्षक ए. टी. पटेल ने बताया कि दोनों युवक पिलूदा से करबुन गांव की ओर जा रहे थे। दुर्घटना के बाद वाहन की जांच में 677 शराब की बोतलें बरामद की गईं। पुलिस ने पाया कि वाहन पर डुप्लीकेट नंबर प्लेट लगी हुई थी।
गुजरात में शराब पीना-बेचना, बनाना है बैन
आपको बताते चलें कि शराब का निर्माण, बिक्री और पीना गुजरात में प्रतिबंधित है। इस मामले में ड्राइवर के खिलाफ प्रोहिबिशन एक्ट और फर्जी नंबर प्लेट के उपयोग के तहत मामला दर्ज किया गया है। पुलिस ने यह भी बताया कि मृतक पिंटू बाजीराना के खिलाफ पहले भी प्रोहिबिशन एक्ट के तहत मामला दर्ज किया जा चुका था।
गुजरात के अलावा यहां भी शराबबंदी
गुजरात में शराबबंदी लागू है। इसके अलावा बिहार, नागालैंड और मिजोरम में भी अलग-अलग स्तर पर शराब पर प्रतिबंध लागू है (कुछ राज्यों में आंशिक या सख्त नियंत्रण के साथ)। इन राज्यों में शराब के निर्माण, बिक्री और सेवन पर कानूनी रोक है, जिसका उद्देश्य सामाजिक सुधार और नशे से होने वाले अपराधों को कम करना है।
शराबबंदी का आए दिन होता उल्लंघन
हालांकि, शराबबंदी के बावजूद दुरुपयोग और अवैध तस्करी की घटनाएं समय-समय पर सामने आती रहती हैं। पुलिस द्वारा बड़े पैमाने पर अवैध शराब की जब्ती, जहरीली शराब से मौतों के मामले और अंतरराज्यीय तस्करी नेटवर्क का खुलासा इसकी चुनौतियों को दिखाता है। विशेषज्ञों का मानना है कि केवल प्रतिबंध पर्याप्त नहीं, बल्कि प्रभावी निगरानी, जनजागरूकता और पुनर्वास कार्यक्रमों की भी जरूरत होती है, ताकि नीति का उद्देश्य वास्तव में सफल हो सके।
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