गुजरात को मिली बड़ी सौगात, दो राष्ट्रीय राजमार्ग होंगे अपग्रेड; केंद्र ने मंजूर की 1200 करोड़ रुपए की राशि
राज्य सरकार के अनुसार दोनों परियोजनाओं के पूरा होने से गुजरात के सीमावर्ती जिलों में आर्थिक गतिविधियों को बल मिलेगा और स्थानीय रोजगार के नए अवसर पैदा होंगे। साथ ही सड़क सुरक्षा में सुधार और बेहतर कनेक्टिविटी से इन इलाकों में पर्यटन को बल मिलेगा।

गुजरात में बुनियादी ढांचे और पर्यटन को नई गति देने के लिए केंद्र सरकार ने दो महत्वपूर्ण राष्ट्रीय राजमार्ग परियोजनाओं के अपग्रेडेशन को हरी झंडी दे दी है। लगभग 1,206.78 करोड़ रुपए की कुल लागत वाली इन परियोजनाओं से न केवल परिवहन सुगम होगा, बल्कि राज्य में व्यापार के साथ ही प्रमुख धार्मिक और पर्यटन स्थलों तक पहुंच भी आसान हो जाएगी। इस परियोजनाओं को स्वीकृति देने के बारे में केंद्रीय सड़क एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने जानकारी दी।
इस बारे में बताते हुए केंद्रीय मंत्री ने सोशल मीडिया पर लिखा कि कच्छ क्षेत्र में चित्रोड-रापर-बालासर खंड के अपग्रेडेशन के लिए 698.78 करोड़ रुपए स्वीकृत किए गए हैं। उन्होंने बताया कि यह हाईवे चित्रोड के पास NH-27 (अमृतसर-जामनगर कॉरिडोर) से शुरू होकर बालासर के पास NH-754K पर खत्म होता है। इसके अलावा उन्होंने बताया कि इस प्रोजेक्ट में रापर शहर के लिए एक बाईपास भी शामिल है, जिससे शहर के अंदर लगने वाले ट्रैफिक जाम को कम करने में मदद मिलेगी।
इलाके में व्यापार और पर्यटन को मिलेगा बढ़ावा
गडकरी ने बताया कि यह सेक्शन करीब 57.848 किलोमीटर लंबा है और मोरबी में फतेहगढ़ क्षेत्र के प्रसिद्ध सिरेमिक उद्योग के लिए कच्चे माल का मुख्य स्रोत है। उन्होंने कहा कि इस सड़क के सुधरने से ना केवल कच्चे माल का परिवहन तेज और सस्ता हो जाएगा, बल्कि यह कॉरिडोर कई महत्वपूर्ण टूरिस्ट जगहों जैसे यूनेस्को वर्ल्ड हेरिटेज साइट धोलावीरा, सफेद रण (धोर्डो) और प्रसिद्ध 'रोड-टू-हेवन' को भी जोड़ता है, जिससे इस इलाके में पर्यटकों की आवाजाही आसान होगी।
68 किमी लंबे राजमार्ग की हालत को सुधारा जाएगा
उधर गुजरात को मिली दूसरी सौगात के अंतर्गत केंद्र सरकार ने राज्य में NH-41 के अंतर्गत नालिया-नारायण सरोवर सेक्शन के अपग्रेडेशन के लिए 508 करोड़ रुपए मंजूर कर दिए। इस खंड की लंबाई 68 किलोमीटर है और इस राशि की मदद से इस सेक्शन का चौड़ीकरण और मजबूतीकरण किया जाएगा। इस प्रोजेक्ट से नारायण सरोवर तक कनेक्टिविटी बेहतर होगी। नारायण सरोवर हिंदू धर्म के 5 पंच-सरोवरों (पवित्र झीलों) में से एक है और यहां साल में दो बार आयोजित होने वाले बड़े मेलों में हजारों लोग शामिल होते हैं।
इलाके में ईको-टूरिज्म को मिलेगा बढ़ावा
इसके अलावा इस प्रोजेक्ट से ग्रेट इंडियन बस्टर्ड सैंक्चुअरी (लाला-परजन सैंक्चुअरी) और नारायण सरोवर वन्यजीव सैंक्चुअरी तक पर्यटकों की आवाजाही भी आसान होगी, जिससे इस क्षेत्र में पर्यटन अर्थव्यवस्था (ईको-टूरिज्म) को बढ़ावा मिलेगा। गडकरी ने बताया कि इस अपग्रेडेशन से यात्रा का समय तो कम होगा ही साथ ही नारायण सरोवर से मुंद्रा पोर्ट तक कनेक्टिविटी भी बेहतर होगी। इसके अलावा उन्होंने कहा कि नालिया-नारायण सरोवर सेक्शन के अपग्रेडेशन के दौरान इस सड़क के ब्लैक स्पॉट्स (दुर्घटना संभावित क्षेत्रों) को ठीक किया जाएगा, ताकि यहां आने वाले लोगों की यात्रा को सुरक्षित सुनिश्चित किया जा सके।
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