अहमदाबाद विमान हादसे में जान गंवाने वालों के परिजनों का PM मोदी को लेटर; क्या मांग?
अहमदाबाद एयर इंडिया विमान हादसे के दस महीने बाद पीड़ितों के परिजनों ने प्रधानमंत्री को पत्र लिखा है। वे मुआवजे से ज्यादा इस भीषण दुर्घटना के पीछे की असली वजह जानना चाहते हैं।

अहमदाबाद के सरदार वल्लभभाई पटेल एयरपोर्ट से उड़ान भरने के बाद 12 जून 2025 को एयर इंडिया का एक विमान क्रैश हो गया था। इस भीषण हादसे में कुल 260 लोगों की जान गई थी। अब दुर्घटना के दस महीने बाद पीड़ितों के परिवारों ने प्रधानमंत्री मोदी को पत्र लिखकर मांग की है कि कॉकपिट वॉयस रिकॉर्डर और ब्लैक बॉक्स का डेटा सार्वजनिक किया जाए। परिजनों का कहना है कि वे इस त्रासदी की असल वजह जानना चाहते हैं कि यह तकनीकी खराबी थी या कोई अन्य कारण।
CVR और 'ब्लैक बॉक्स' का डेटा जारी करने का अनुरोध
पूरे गुजरात से लगभग 30 शोकाकुल परिवार शनिवार को अहमदाबाद में एक जगह जमा हुए और प्रधानमंत्री को एक पत्र लिखा। इस पत्र में पीड़ित परिवारों ने आपदा के पीछे की सच्चाई का पता लगाने के लिए सीवीआर और 'ब्लैक बॉक्स' का डेटा जारी करने का अनुरोध किया है। परिवारों का कहना है कि हम सच्चाई जानना चाहते हैं कि आखिरकार यह दुर्घटना किस वजह से हुई? क्या इसमें कोई तकनीकी समस्या थी?
इन्हें भी भेजी गईं प्रतियां
इस लेटर की प्रतियां विमान दुर्घटना (AAIB), नागरिक उड्डयन महानिदेशालय (DGCA) और गुजरात के मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल को भी भेजी गई हैं। पत्र में कहा गया है कि यदि ब्लैक बॉक्स का डेटा सार्वजनिक नहीं किया जा सकता है तो उसे कम से कम पीड़ितों के परिवारों के साथ निजी तौर पर साझा किया जाना चाहिए।
पैसा नहीं पूरी कर सकता है कमी
हादसे में अपने 24 साल के बेटे को खोने वाले नीलेश पुरोहित ने बताया कि कोई भी पैसा इस कमी को पूरा नहीं कर सकता क्योंकि उन्हें पैसे नहीं वरन यह जानना है कि असल में क्या हुआ था। कई लोगों के लिए संस्था की मदद न मिलने से उनका दुख और बढ़ गया है। वसाद की रहने वाली किंजल पटेल ने अपनी मां को खो दिया और उन्होंने एयर इंडिया की उस वेबसाइट को इस्तेमाल करने में परेशानी बताई जो सामान वापस दिलाने के लिए बनाई गई है।
जून में आएगी रिपोर्ट
खेड़ा के रहने वाले रोमिन वोरा जिन्होंने अपनी मां, भाई और बेटी को खो दिया। उन्होंने उन परिवारों की मुश्किलों के बारे में बताया जो डिजिटल चीजों को नहीं समझते। उन्होंने कहा कि सिर्फ एक ही ईमेल आईडी है और जवाब आने में 15 दिन लग जाते हैं। गांवों में रहने वाले बहुत से पीड़ित परिवारों को ई-मेल चलाना भी नहीं आता। उन्होंने पोर्टल पर लोगों के निजी सामान को दिखाने पर भी गुस्सा जताया और इसे गलत बताया। AAIB ने पिछले साल जुलाई में विमान दुर्घटना की शुरुआती रिपोर्ट दी थी। उम्मीद है कि अंतिम रिपोर्ट इस साल जून में आएगी।
लेटेस्ट Hindi News , बॉलीवुड न्यूज, बिजनेस न्यूज, टेक , ऑटो, करियर , और राशिफल, पढ़ने के लिए Live Hindustan App डाउनलोड करें।




साइन इन