खुशखबरी! गुजरात पहुंचा LPG कैरियर जहाज, 32 लाख सिलेंडर भरने जितनी गैस लाया
जितनी गैस इस जहाज में आई है उससे 14.2 किलोग्राम वाले करीब 32 लाख सिलेंडर को भरा जा सकता है। ये जहाज 14 मार्च को होर्मुज स्ट्रेट पार कर भारत की ओर रवाना हुआ था।

अमेरिका-इजरायल और ईरान के बीच छिड़ी जंग के वजह से भारत में एलपीजी सप्लाई प्रभावित हुई है मगर अब सभी के लिए एक राहत भरी खबर है। एलपीजी कैरियर जहाज 'शिवालिक' मुंद्रा पोर्ट के एलपीजी टर्मिनल पर पहुंच चुका है। जहाज पर कुल 46,000 मीट्रिक टन एलपीजी लदी है। 20,000 मीट्रिक टन एलपीजी मुंद्रा पोर्ट में उतारी जाएगी तो वहीं 26,000 मीट्रिक टन एलपीजी मैंगलोर में उतारी जाएगी। जितनी गैस इस जहाज में आई है उससे 14.2 किलोग्राम वाले करीब 32 लाख सिलेंडर को भरा जा सकता है। ये जहाज 14 मार्च को होर्मुज स्ट्रेट पार कर भारत की ओर रवाना हुआ था।
बंदरगाह, जहाजरानी और जलमार्ग मंत्रालय में विशेष सचिव राजेश कुमार सिन्हा के मुताबिक 'शिवालिक' से माल उतारने में देरी न हो इसके लिए बंदरगाह पर जरूरी कागजी कार्रवाई और जहाज लगाने के इंतजाम पहले ही कर लिए गए हैं। अधिकारी ने यह भी बताया कि एलपीजी लेकर आ रहा एक और भारतीय जहाज 'नंदा देवी' कल भारत पहुंचेगा। सिन्हा ने जानकारी दी है कि यूएई से चला भारतीय जहाज 'जग लाडकी', जो लगभग 81,000 टन कच्चा तेल ला रहा है। ये दोनों जहाज सुरक्षित सफर तय कर रहे हैं।
उन्होंने आगे कहा कि ‘611 भारतीय नाविकों के साथ भारतीय झंडे वाले 22 जहाज अभी भी स्ट्रेट ऑफ होर्मुज के पश्चिम में फारस की खाडी में मौजूद हैं और उनकी कड़ी निगरानी की जा रही है।’
भारत के साथ अपनी दोस्ती निभा रहा ईरान
आपको बता दें कि स्ट्रेट ऑफ होर्मुज बंद होने की वजह से गैस और तेल के कई जहाज फंसे हुए हैं, लेकिन ईरान ने भारत के साथ अपनी दोस्ती निभाई है और जहाज को इस समुद्री रास्ते से गुजरने की इजाजत दी है। विदेश मंत्री एस जयशंकर ने कहा था कि पश्चिम एशिया में तनाव के बीच भारत की ऊर्जा जरूरतों के लिए जहाजों की आवाजाही शुरू कराने का सबसे अच्छा तरीका ईरान से सीधे बात करना है। उन्होंने कहा है कि इस महत्वपूर्ण समुद्री रास्ते को खुलवाने के लिए ईरान से बात की जा रही है जिसके सकारात्मक परिणाम मिल रहे हैं।
कूटनीतिक रणनीति की सफलता
विदेश मंत्री ने 'शिवालिक' और 'नंदा देवी' जहाजों के सुरक्षित निकल आने को इस कूटनीतिक रणनीति की सफलता बताया। ये टैंकर कुल मिलाकर लगभग 92,712 मीट्रिक टन एलपीजी ला रहे हैं। हालांकि उन्होंने ये भी बताया कि सभी भारतीय जहाजों के लिए स्ट्रेट ऑफ होर्मुज से आवाजाही का 'पुख्ता इंतजाम' अभी भी नहीं हुआ है।
पूरी दुनिया में हाहाकार मचा हुआ है
स्ट्रेट ऑफ होर्मुज से ही दुनिया का लगभग 20 फीसदी तेल व्यापार होता है। अमेरिका-इजरायल और ईरान में छिड़ी जंग की वजह से तेल और गैस को लेकर पूरी दुनिया में हाहाकार मचा हुआ है। देश के कई हिस्सों में एलपीजी सिलेंडर की आपूर्ति प्रभावित है और लोगों में घबराहट का माहौल है। सिलेंडर की कालाबाजारी कर ऊंचे दामों पर भी बेचा जा रहा है जो कि इस कठिन समय में दोहरी चुनौती है।
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