दिल टूटा तो वैलेंटाइन डे पर नदी में लगा दी छलांग, मौत सामने देख पुलिस को फोन लगाया- जल्दी आकर बचा लो
गुजरात के गांधीनगर में एक युवक ने वैलेंटाइन डे पर नदी में छलांग लगा दी। मौत सामने देख उसे मौत का डर सताया और उसने खुद पुलिस को फोन लगाया और बचाने की गुहार लगाई। इस दौरान वह पुलिस से लगातार बात करके अपनी लोकेशन बताता रहा।

"मैं नदी के तेज बहाव के साथ जा रहा हूं। आप आ रहे हो न... मुझे बचा लो" यह लाइन किसी फिल्म की नहीं, गुजरात के गांधीनगर के भाट गांव में रहने वाले 24 साल के युवक की पुलिस संग बातचीत है। वैलेंटाइन डे की ठंडी सुबह तड़के 3.30 पर, जब ज्यादातर लोग सो रहे थे, युवक साबरमती नदी के कराई नहर इलाके में कूद पड़ा। वजह थी- प्रेमिका के धोखे का सदमा। लेकिन अगले ही पल, बहते पानी में तैरते हुए उसे होश आ गया कि 'जिंदगी अनमोल है!' इस अहसास ने उसे मौत के मुंह से खींच लिया। वॉटरप्रूफ फोन निकाला और 112 हेल्पलाइन पर कॉल कर दी। फिर जो हुआ उसके बाद, वो किसी बॉलीवुड फिल्म का सीन लगता है!
14 फरवरी की सुबह तड़के 3:35 बजे 112 कंट्रोल रूम की एक लाइन गूंजी। घबराई आवाज में युवक चिल्लाया, "मैं साबरमती में तैर रहा हूं, बचाओ!" कुछ मिनट पहले ही उसने हताशा में नदी में उछाल मारी थी। ठंडे पानी का बहाव उसे तेजी से बहा ले जा रहा था, लेकिन दिमाग साफ था। वह लगातार अपनी लोकेशन बताता रहा - "ब्रिज के नीचे हूं, नहर के मोड़ पर!" कॉल मिलते ही 3:36 बजे मैसेज फ्लैश हुआ। सेक्टर-17 फायर कंट्रोल से भाट फायर स्टेशन तक बात पहुंची। डाइवर्स, फायरमैन और रेस्क्यू टीम वाहनों में सवार हो निकल पड़े।
1 घंटे चला रेस्क्यू अभियान
अंधेरी रात थी और तेज बहाव वाली साबरमती नदी। रेस्क्यू टीम को युवक की सटीक जगह ढूंढनी थी। वह थक चुका था, लेकिन फोन पर अलर्ट था। वह बार-बार पुलिस से फोन पर कहता रहा- "यहां आ रहे हो न?" फायर ब्रिगेड और 112 टीम ने लगातार कॉल ट्रैकिंग की। युवक खुद गाइड बनकर पुलिस को अपनी लोकेशन बता रहा था। उसके शब्द थे, "अब बाएं मुड़ गया हूं, लाइट दिख रही है!" करीब 4:45 बजे 1 घंटे की जद्दोजहद के बाद टीम ने उसे नदी के बीच में स्पॉट किया। डाइवर्स ने रस्सी फेंकी, उसे खींचा और किनारे पर लाए। किसी तरह युवक की जान बच गई।
पुलिस बोली- प्रेमिका से विवाद में नदी में कूदा
गांधीनगर के चीफ फायर ऑफिसर राजेश पटेल ने बताया, "प्रेम में विवाद के चलते वह नदी में कूद गया था। फिर पछतावा हुआ। कराई के पास नदी बहुत गहरी है, बहाव में कोई बच नहीं पाता। खुशकिस्मती से वॉटरप्रूफ फोन ने जान बचाई।" अधिकारी हैरान हैं। उनका कहना है कि आत्महत्या की कोशिश करने वाला खुद रेस्क्यू कॉल करे, ऐसा रेयर केस है। युवक को सरकारी अस्पताल ले जाया गया। उसकी हालत स्थिर है। जल्द ही पुलिस युवक के बयान दर्ज करेगी। युवक की काउंसलिंग भी कराई जाएगी।
पुलिस अधिकारी का कहना है कि पिछले साल 112 डायल से ऐसे 500 से ज्यादा रेस्क्यू हो चुके। युवक का नाम गोपनीय रखा गया है।
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