गुजरात में 'मुख्यमंत्री ग्रामोत्थान योजना' की शुरुआत, जानिए क्या है यह योजना, किसे मिलेगा फायदा?
सीएम ने कहा कि 'ये पंचायत घर सिर्फ इमारतें नहीं होंगी, बल्कि हर गांव के विकास का केंद्र बनेंगी और हमारे गांवों को और ज़्यादा खुशहाल और विकसित बनाएंगी। पूज्य बापू ने विकसित और आत्मनिर्भर गांवों के निर्माण के जरिए गांव के विकास का जो सपना दिया था, उसे पूरा करने में गुजरात सबसे आगे रहेगा।'

गुजरात के मुख्यमंत्री भूपेंद्र भाई पटेल ने शुक्रवार को राज्य के ग्रामीण इलाकों को एक बड़ी सौगात देते हुए 'मुख्यमंत्री ग्रामोत्थान योजना' (MGY) की शुरुआत की और 2,666 गांवों में 663 करोड़ रुपए की लागत से बनने वाले नए पंचायत कार्यालयों की डिजिटल तरीके से आधारशिला रखी। इस मौके पर आणंद जिले के भद्रन गांव में मुख्य कार्यक्रम आयोजित किया गया, जिसमें मुख्यमंत्री पटेल ने कहा कि इन नए भवनों व तलाटी आवासों का निर्माण पूरा होने के बाद लोगों के लिए स्थानीय स्तर पर ही सरकारी सेवाओं का लाभ उठाना आसान हो जाएगा।
इस बारे में राज्य सरकार की तरफ से जारी एक प्रेस विज्ञप्ति में बताया गया कि, योजना के पहले चरण में 114 तालुका मुख्यालयों के अंतर्गत आने वाले गांवों को शामिल किया जाएगा, जबकि निकट भविष्य में इसका लक्ष्य 10,000 से ज्यादा आबादी वाली सभी ग्राम पंचायतों तक इसका विस्तार करना है। इस योजना के तहत गांवों में भी शहरों की तरह CC रोड, सोलर स्ट्रीट लाइट, CCTV सर्विलांस, पानी, स्वच्छता, ई-ग्राम और सामुदायिक भवन आदि जैसी आधुनिक सुविधाएं दी जाएंगी, ताकि शहरों पर बोझ कम करने में मदद मिल सके।
इस मौके पर मुख्यमंत्री ने कहा कि, 'इस योजना के परिणामस्वरूप ग्रामीण और शहरी विकास के बीच का अंतर कम होगा और प्रधानमंत्री द्वारा दिए गए 'सबका साथ, सबका विकास, सबका विश्वास और सबका प्रयास' के मंत्र को व्यापक व संतुलित विकास के माध्यम से साकार करने में सफलता मिलेगी।' उन्होंने आगे कहा कि, 'शहरों में बढ़ते शहरीकरण के दबाव को संतुलित करने के लिए, ग्रामीण विकास को केंद्र में रखते हुए विशेष योजनाएं बनाई जा रही हैं। इसी क्रम में, ग्राम पंचायतों के उत्थान पर केंद्रित ऐसा कार्यक्रम राज्य में पहली बार किया जा रहा है।'

इस बारे में सोशल मीडिया पर जानकारी देते हुए सीएम ने लिखा कि 'गुजरात के ग्रामीण विकास के लिए एक ऐतिहासिक दिन.. पूज्य महात्मा गांधी की पुण्यतिथि पर, आज भद्रन की पवित्र धरती से 'मुख्यमंत्री ग्रामोत्थान योजना' शुरू की गई। इस योजना के अंतर्गत पहले चरण में, गुजरात राज्य के 114 तालुका हेडक्वार्टर वाले गांवों को नगर पालिकाओं के बराबर शहरी सुविधाओं से लैस किया जाएगा। इस योजना के तहत गांवों में CC रोड, सोलर स्ट्रीट लाइट और CCTV सर्विलांस जैसी सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएंगी। साथ ही, स्मार्ट क्लास, ई-लाइब्रेरी और हेल्थ एंड वेलनेस सेंटर के ज़रिए शिक्षा और स्वास्थ्य सेवाओं को टेक्नोलॉजी के साथ जोड़कर, गांवों के जीवन स्तर में गुणात्मक सुधार लाया जाएगा।'
आगे उन्होंने लिखा, 'इसके अलावा, इस मौके पर पूरे राज्य में एक साथ 2666 ग्राम पंचायत भवनों सह-तलाटी आवासों का भी शिलान्यास किया गया। ये पंचायत घर सिर्फ़ इमारतें नहीं होंगी, बल्कि हर गांव के विकास का केंद्र बनेंगी और हमारे गांवों को और ज़्यादा खुशहाल और विकसित बनाएंगी। पूज्य बापू ने विकसित और आत्मनिर्भर गांवों के निर्माण के जरिए गांव के विकास का जो सपना दिया था, उसे पूरा करने में गुजरात सबसे आगे रहेगा।'
इसके अलावा कार्यक्रम में सीएम पटेल ने पानी बचाने के लिए 'कैच द रेन' अभियान की जानकारी दी और बताया कि किस तहत बारिश का पानी इकट्ठा करने और धरती के नीचे पानी रिचार्ज करने के लिए खास कोशिशें की जा रही हैं, और इसके लिए हर MLA को 50 लाख रुपए का खास ग्रांट दिया गया है। इस कार्यक्रम में उन्होंने लोगों से गाय आधारित प्राकृतिक खेती अपनाने की अपील की और सभी से मिट्टी की सेहत सुधारने और आने वाली पीढ़ी को एक स्वस्थ भविष्य देने का संकल्प लेने को कहा।
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