जंगल का राजा भी बेबस! गुजरात में संदिग्ध ‘बेबेसिया’ संक्रमण से 8 शावकों की मौत; जांच में जुटे डॉक्टर
मंत्री ने बताया है कि 'संदिग्ध 'बेबेसिया' संक्रमण के वजह से शेर के 8 शावकों की मौत होने जानकारी सामने आई है। ये मामले गिर वाइल्डलाइफ सेंचुरी के बाहरी क्षेत्र विशेष रूप से गिर सोमनाथ जिले के गिर गढ़ाड़ा और अमरेली जिले के बाबरा कोट में सामने आए हैं। '

गुजरात के गिर सोमनाथ और अमरेली जिले में संदिग्ध 'बेबेसिया' संक्रमण के वजह से शेर के 8 शावकों की मौत हो चुकी है। राज्य के वन मंत्री अर्जुन मोधवाडिया ने शुक्रवार को यह जानकार दी। संक्रमण और न फैले इसके लिए प्रशासन ने 10 किलोमीटर (जहां संक्रमण फैलने की सूचना मिली है) के दायरे में रहने वाले शेरों को अलग-अलग कर दिया है। मंत्री ने बताया है कि 'संदिग्ध 'बेबेसिया' संक्रमण के वजह से शेर के 8 शावकों की मौत होने की जानकारी सामने आई है। ये मामले गिर वाइल्डलाइफ सेंचुरी के बाहरी क्षेत्र विशेष रूप से गिर सोमनाथ जिले के गिर गढ़ाड़ा और अमरेली जिले के बाबरा कोट के हैं। '
उन्होंने बताया कि 'डॉक्टरों की एक टीम ने सैंपल एकत्रित कर लिए हैं और राज्य द्वारा संचालित गुजरात जैव प्रौद्योगिकी अनुसंधान केंद्र में जांच की जा रही है। अगले तीन से चार दिन के भीतर रिपोर्ट आने की उम्मीद है जिससे यह पता लग सकेगा कि शावकों की मौत का कारण 'बेबेसिया' संक्रमण ही है या नहीं। हालांकि बीते दो दिनों से इस तरह शावकों की अचानक मौत के मामले सामने नहीं आए हैं।'
10 किलोमीटर एरिया में रहने वाले शेर अलग
मंत्री ने आगे कहा 'वन विभाग के अधिकारियों ने जूनागढ़ से आई जानवरों की डॉक्टरों की एक टीम के साथ संक्रमण से प्रभावित इलाकों का दौरा किया और 10 किलोमीटर एरिया में रहने वाले शेरों को अलग कर दिया है।' आपको बता दें कि ने इस हफ्ते की शुरुआत में वन मंत्री जानकारी दी थी कि गिर वन क्षेत्र से शेर के दो शावकों की संदिग्ध बेबेसिया संक्रमण के चलते मौत हो गई थी।
मुख्यमंत्री ने की थी हाई-लेवल बैठक
वहीं गुजरात के मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल ने बुधवार को गांधीनगर में हाई-लेवल बैठक की थी। बैठकमें उन्हें बताया गया कि संदिग्ध बेबेसिया संक्रमण से शेर के चार शावकों की मौत हो गई है। वहीं संक्रमण के फैलाव को देखते हुए अब तक 17 शावकों को अलग रखा गया है।
कितना खतरनाक है ये संक्रमण?
आपको बता दें कि बेबेसिया परजीवी रोग है जो कि जानवरों की खाल में चिपकर संक्रमण को फैलाता है। इसकी चपेट में आने पर जानवरों को कमजोरी, खांसी और नाक से खून आने के लक्षण दिखाई देते हैं। दरअसल ये संक्रमण टिक्स (जानवरों के शरीर से चिपकने वाला एक छोटा खून चूसने वाला परजीवी) के जरिए फैलता है। टिक्स जानवर की शरीर में चिपक जाते हैं और फिर खून चूसने लगते हैं। इसी को देखते हुए प्रशासन ने टिक्स को हटाने के लिए अभियान चलाया हुआ है।
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