अब चीन-अमेरिका नहीं! भारत बनाएगा अपनी चिप, फरवरी में इतिहास रचने की तैयारी India AI Impact Summit 2026 First Commercial Semiconductor Chip Production Likely by February-End Says MeitY Secretary, Gadgets Hindi News - Hindustan
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अब चीन-अमेरिका नहीं! भारत बनाएगा अपनी चिप, फरवरी में इतिहास रचने की तैयारी

India AI Impact Summit 2026 में MeitY सचिव ने संकेत दिया कि फरवरी के आखिर तक भारत में पहले कमर्शियल-स्केल सेमीकंडक्टर चिप प्रोडक्शन शुरू हो सकता है। इस तरह भारत आत्मनिर्भरता की ओर कदम बढ़ा सकता है।

Mon, 16 Feb 2026 08:03 PMPranesh Tiwari लाइव हिन्दुस्तान
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अब चीन-अमेरिका नहीं! भारत बनाएगा अपनी चिप, फरवरी में इतिहास रचने की तैयारी

नई दिल्ली के भारत मंडपम में आयोजित India AI Impact Summit 2026 के दौरान भारत के टेक सेक्टर से जुड़ी एक बड़ी घोषणा की गई है। इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय (MeitY) के सचिव एस. कृष्णन ने संकेत दिया है कि फरवरी के आखिर तक देश अपनी पहली कमर्शियल-स्केल सेमीकंडक्टर चिप प्रोडक्शन की शुरुआत कर सकता है। यह कदम भारत की तकनीकी आत्मनिर्भरता की दिशा में एक बड़ा कदम माना जा रहा है।

न्यूज एजेंसी ANI की रिपोर्ट के अनुसार, सरकार की ओर से स्वीकृत 10 सेमीकंडक्टर प्रोजेक्ट्स में से पहले प्रोजेक्ट की शुरुआत इसी महीने के आखिर तक संभव है। अमेरिका की बड़ी चिप मेकर कंपनी Micron Technology भारत में अपने प्लांट से प्रोडक्शन शुरू करेगी। यह पहली बार होगा जब भारत में कॉमर्शियल लेवल पर सेमीकंडक्टर की मैन्युफेक्चरिंग शुरू होगी, जो अब तक मुख्य रूप से इंपोर्ट पर निर्भर रही है। इसका सकारात्मक असर इलेक्ट्रॉनिक्स के होम-प्रोडक्शन पर भी पड़ेगा।

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एडवांस्ड चिप का किया जाएगा प्रोडक्शन

Micron का यह प्रोजेक्ट केवल सामान्य चिप मैन्युफैक्चरिंग तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि हाई-बैंडविड्थ मेमोरी (HBM) जैसे एडवांस्ड कंपोनेंट्स पर भी काम करेगी। HBM लेटेस्ट आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस सिस्टम के लिए बेहद अहम मानी जाती है, क्योंकि यह तेज डाटा प्रोसेसिंग और बड़े AI मॉडल्स को सपोर्ट करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है। ऐसे समय में जब दुनिया भर में AI इंफ्रास्ट्रक्चर की मांग तेजी से बढ़ रही है, भारत में इस तरह का प्रोडक्शन शुरू होना स्ट्रेटजी के लिहाज से भी महत्वपूर्ण है।

भारत सरकार ने India Semiconductor Mission के तहत पहले ही कई प्रोजेक्ट्स को मंजूरी दी है। हाल ही में केंद्रीय बजट में ‘Semiconductor Mission 2.0’ का भी संकेत दिया गया है, जिससे यह साफ होता है कि सरकार होम-मेड चिप मैन्युफैक्चरिंग को लॉन्ग-टर्म सपोर्ट देने के लिए तैयार है। इस अगले स्टेप का मकसद देश में AI-फोकस्ड चिप डिजाइन को बढ़ावा देना और 'सॉवरेन AI' की दिशा में आगे बढ़ना है।

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भारत में बाकी देशों से सस्ती है AI कंप्यूटिंग

मजेदार बात यह है कि भारत की AI स्ट्रेटजी बाकी देशों से थोड़ी अलग है। जहां कई देश सीधे डाटा सेंटर सेटअप करने में भारी निवेश कर रहे हैं, वहीं भारत सरकार AI कंप्यूट तक सस्ती पहुंच उपलब्ध कराने पर जोर दे रही है। सचिव कृष्णन के मुताबिक, रिसर्चर्स, स्टार्टअप्स, स्टूडेंट्स और MSMEs को लगभग 65 रुपये पर GPU आवर की दर से AI कंप्यूट उपलब्ध कराया जा रहा है, जो ग्लोबल रेट्स (2 से 3 डॉलर पर GPU आवर) से काफी कम है।

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