गुड न्यूज! भारत में सस्ते होंगे iPhone, सरकार के इस फैसले ने Apple को किया खुश
भारत सरकार के नए टैक्स नियमों से Apple को भारत में iPhone बनाने में बड़ी राहत मिली है, जिससे मैन्युफैक्चरिंग कॉस्ट घट सकती है। इसका सीधा फायदा ग्राहकों को मिल सकता है।
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भारत में iPhone खरीदने वाले बेशक लाखों में हों लेकिन इसके लिए बड़ी रकम खर्च करना ग्राहकों के लिए कभी आसान नहीं रहा है। प्रीमियम प्राइस पॉइंट, हैवी इंपोर्ट ड्यूटी और लिमिटेड लोकल मैन्युफैक्चरिंग के चलते भारत में iPhone मॉडल्स की कीमत अन्य देशों के मुकाबले ज्यादा होती है। अब केंद्र सरकार की ओर से एक नया फैसला लिया गया है, जिसका इंतजार ऐपल लंबे वक्त से कर रहा था। टैक्स से जुड़े नए नियमों का खुलासा बजट 2026 में रविवार को हुआ है, जिन्होंने विदेशी कंपनियों को बड़ा फायदा दिया है और iPhones की कीमतों पर इनका असर देखने को मिल सकता है।
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वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने रविवार को बजट पेश करते वक्त भारत में मैन्युफैक्चरिंग इक्विपमेंट फंड करने को लेकर बड़ी राहत दी है। अब Apple जैसी कंपनियां अपने कॉन्ट्रैक्ट मैन्युफैक्चरर्स (जैसे- Foxconn और Tata) को बिना इस डर के कि उस पर भारत में एक्सट्रा टैक्स लगाया जाएगा, महंगी मशीनरी उपलब्ध करा सकती हैं। पहले यह माना जाता था कि अगर कोई विदेशी कंपनी भारत में मशीनरी लगाती है, तो वह बिजनेस कनेक्शन के दायरे में आ सकती है, जिससे उस पर टैक्स लग सकता था।
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इस वजह से सस्ता हो सकता है iPhone
नए बदलाव का सबसे बड़ा फायदा यह है कि Apple अब भारत में बड़े पैमाने पर और कम लागत में iPhone बना सकेगा। जब मशीनरी का खर्च कम होगा और टैक्स से जुड़ी चिंता खत्म होगी, तो मैन्युफैक्चरिंग कॉस्ट भी घटेगी। इसका सीधा असर iPhone के फाइनल प्राइस पर पड़ सकता है। यानी जो iPhone अभी इम्पोर्ट होकर आता है और जिस पर हैवी ड्यूटी लगती है, वही मॉडल अगर भारत में बनेगा तो वह ज्यादा अफॉर्डेबल हो सकता है।
लोकल मैन्युफैक्चरिंग का कीमतों पर असर
भारत में बने iPhones पर ना सिर्फ इम्पोर्ट ड्यूटी कम होती है, बल्कि लॉजिस्टिक्स और सप्लाई चेन की लागत भी घटती है। Apple पहले ही भारत में iPhone असेंबल कर रहा है, लेकिन नए नियमों से यह प्रोसेस और तेज हो सकता है। जैसे-जैसे प्रोडक्शन बढ़ेगा, Apple को कीमतें कम करने की गुंजाइश खासतौर पर पुराने और अफॉर्डेबल मॉडल्स में भी मिलेगी।
खास बात यह है कि यह फैसला केवल Apple तक सीमित नहीं है। Samsung और अन्य ग्लोबल स्मार्टफोन कंपनियां भी इसका फायदा उठा सकती हैं। हालांकि Apple के मामले में असर ज्यादा दिख सकता है, क्योंकि भारत उसके लिए चीन का एक बड़ा ऑप्शन बनकर उभर रहा है। अगर Apple भारत में एक्सपोर्ट हब भी बनाता है, तो बड़े वॉल्यूम की वजह से होम मार्केट को भी सस्ते iPhone मिलने की संभावना बढ़ेगी।
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