सारी दुनिया में जलवा! भारत में बन रहा है हर चार में से एक iPhone
Apple ने चीन पर निर्भरता कम करने के लिए भारत में iPhone उत्पादन तेजी से बढ़ाया है। 2025 में कंपनी ने भारत में लगभग 5.5 करोड़ iPhone बनाए, जो उसके ग्लोबल प्रोडक्शन का करीब एक-चौथाई हिस्सा है।
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टेक कंपनी Apple ने अपनी मैन्युफैक्चरिंग स्ट्रेटजी में बड़ा बदलाव करते हुए भारत में iPhone प्रोडक्शन तेजी से बढ़ा दिया है। कंपनी का मकसद चीन पर निर्भरता कम करना और अपने ग्लोबल प्रोडक्शन नेटवर्क का विस्तार करना है। इसी स्ट्रेटजी के तहत Apple अब भारत में बड़े पैमाने पर iPhone मैन्युफैक्चरिंग कर रहा है, जिससे देश इलेक्ट्रॉनिक्स मैन्युफैक्चरिंग का एक सेंटर बनता जा रहा है।
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रिपोर्ट्स के मुताबिक, Apple ने साल 2025 में भारत में करीब 55 मिलियन (5.5 करोड़) iPhone असेंबल किए। यह संख्या 2024 में बने 36 मिलियन (3.6 करोड़) iPhone की तुलना में काफी ज्यादा है। इस बढ़ोतरी के साथ अब Apple के कुल ग्लोबल iPhone प्रोडक्शन का लगभग एक-चौथाई हिस्सा भारत में तैयार हो रहा है। इससे भारत Apple के लिए एक प्रमुख मैन्युफैक्चरिंग हब के तौर पर उभरकर सामने आया है।
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भारत में तेजी से बढ़ा iPhone प्रोडक्शन
Apple हर साल दुनिया भर में 20 करोड़ से अधिक iPhone का प्रोडक्शन करता है। पहले इसका ज्यादातर प्रोडक्शन चीन में होता था, लेकिन अमेरिका और चीन के बीच व्यापार तनाव, टैरिफ और सप्लाई चेन से जुड़े रिस्क के चलते कंपनी अब अपने उत्पादन को दूसरे देशों में भी फैलाने की स्ट्रेटजी पर काम कर रही है।
यही वजह है कि भारत Apple के लिए एक मजबूत विकल्प बनकर उभरा है। अब ग्लोबल मार्केट्स के लिए लॉन्च होने वाले कई iPhone मॉडल, जिनमें अमेरिका के लिए भेजे जाने वाले डिवाइस भी शामिल हैं, भारत की फैक्ट्रियों में बनाए और असेंबल किए जा रहे हैं।
हालांकि, चीन अभी भी Apple का सबसे बड़ा प्रोडक्शन सेंटर है, लेकिन भारत की भूमिका हर साल बढ़ती जा रही है। कंपनी लगातार भारत में निवेश बढ़ा रही है और सप्लाई चेन को मजबूत बनाने पर काम कर रही है।
सरकार की योजनाओं से मिला बड़ा सपोर्ट
भारत में iPhone उत्पादन बढ़ाने के पीछे सरकार की कई पॉलिसीज का भी बड़ा योगदान है। खासतौर पर प्रोडक्शन लिंक्ड इंसेंटिव (PLI) स्कीम ने इलेक्ट्रॉनिक्स मैन्युफैक्चरिंग को बढ़ावा देने में बड़ी भूमिका निभाई है। इस योजना के तहत उन कंपनियों को फाइनेंशियल सपोर्ट दिया जाता है जो भारत में इलेक्ट्रॉनिक मैन्युफैक्चरिंग करती हैं और एक्सपोर्ट बढ़ाती हैं।
Apple के अलावा Microsoft, Google और अन्य टेक कंपनियां भी इन योजनाओं का फायदा उठा रही हैं। इस की वजह से कंपनियों को लॉजिस्टिक्स लागत और सप्लाई चेन से जुड़ी चुनौतियों को कम करने में मदद मिल रही है।
भारत में Apple के मैन्युफैक्चरिंग पार्टनर
भारत में iPhone असेंबली के लिए Apple कई बड़े मैन्युफैक्चरिंग पार्टनर्स के साथ काम कर रहा है। इनमें Foxconn, Tata Electronics और Pegatron जैसी कंपनियां शामिल हैं। ये कंपनियां भारत में अलग-अलग फैक्ट्रियों में कई iPhone मॉडल का उत्पादन कर रही हैं।
इन फैक्ट्रियों में Apple की iPhone 17 सीरीज के साथ-साथ पुराने मॉडल जैसे iPhone 15 और iPhone 16 भी असेंबल किए जा रहे हैं। आने वाले समय में Apple भारत में मैन्युफैक्चरिंग और निवेश दोनों को और बढ़ाने की योजना बना रहा है, जिससे देश ग्लोबल इलेक्ट्रॉनिक्स सप्लाई चेन में और मजबूत भूमिका निभा सकता है।
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