Iran war can end in these 3 ways which option will Donald Trump choose Iran War: इन 3 तरीकों से खत्म हो सकता है ईरान-अमेरिका युद्ध, कौन सा विकल्प चुनेंगे डोनाल्ड ट्रंप?, Explainer Hindi News - Hindustan
More

Iran War: इन 3 तरीकों से खत्म हो सकता है ईरान-अमेरिका युद्ध, कौन सा विकल्प चुनेंगे डोनाल्ड ट्रंप?

ईरान की सीमाओं के बाहर शक्ति प्रदर्शन करने की उसकी क्षमता को पूरी तरह पंगु बना देना लक्ष्य है। इसमें ईरान के मिसाइल ठिकाने, ड्रोन निर्माण इकाइयां, नौसैनिक और वायु सेना के ढांचे और परमाणु कार्यक्रम के अवशेषों को निशाना बनाना शामिल है।

Thu, 12 March 2026 08:07 AMHimanshu Jha लाइव हिन्दुस्तान
share
Iran War: इन 3 तरीकों से खत्म हो सकता है ईरान-अमेरिका युद्ध, कौन सा विकल्प चुनेंगे डोनाल्ड ट्रंप?

Iran-America-Israel War Updates: मिडिल ईस्ट में जारी ईरान संकट इस समय एक ऐसे मोड़ पर आ गया है जहां से आगे की राह अनिश्चितताओं से भरी है। दुनिया भर की सरकारें, निवेशक और आम नागरिक इस बात को लेकर आशंकित हैं कि ऊंट किस करवट बैठेगा। वर्तमान स्थिति काफी हद तक दो प्रमुख किरदारों के फैसलों पर टिकी है। एक तरफ अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और दूसरी तरफ ईरान के नए नवेले सर्वोच्च नेता मुजतबा खामेनेई।

सोमवार को राष्ट्रपति ट्रंप के बयानों ने इस अनिश्चितता को और हवा दे दी। उन्होंने एक ओर जहां इस युद्ध को एक अल्पकालिक अभियान बताया जो कि जल्द खत्म हो सकता है, वहीं दूसरी ओर उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि यह तब तक समाप्त नहीं होना चाहिए जब तक कि ईरान की हथियार बनाने की क्षमता पूरी तरह नष्ट न हो जाए।

वाइट के रणनीतिकार और विशेषज्ञ इस समय तीन संभावित परिदृश्यों पर काम कर रहे हैं, जो आने वाले हफ्तों में इस संकट के भविष्य को तय करेंगे।

read moreये भी पढ़ें:
ये भी पढ़ें:ईरान युद्ध के बीच ट्रंप के लिए आई बुरी खबर, जंग के विरोध में अधिकतर अमेरिकी

पेंटागन के सैन्य उद्देश्य स्पष्ट हैं। ईरान की सीमाओं के बाहर शक्ति प्रदर्शन करने की उसकी क्षमता को पूरी तरह पंगु बना देना लक्ष्य है। इसमें ईरान के मिसाइल ठिकाने, ड्रोन निर्माण इकाइयां, नौसैनिक और वायु सेना के ढांचे और परमाणु कार्यक्रम के अवशेषों को निशाना बनाना शामिल है। हालांकि, जानकारों का मानना है कि किसी देश की सैन्य क्षमता को इस स्तर तक कम करना कोई रातों-रात होने वाला काम नहीं है। सैन्य योजनाकारों के अनुसार, इस अभियान को तार्किक अंत तक पहुंचाने के लिए कम से कम 4 से 6 सप्ताह का समय चाहिए। वाइट हाउस ने भी संकेत दिए हैं कि फिलहाल यह ऑपरेशन अपने तय समय पर है, लेकिन अभी कई हफ्ते और लगेंगे।

1. नियंत्रित ईरान- 90 के दशक के इराक जैसी स्थिति

यह सबसे संभावित परिणाम माना जा रहा है। इस परिदृश्य में ट्रंप अपनी सेना को वह पर्याप्त समय देंगे जिसकी उसे ईरानी सैन्य ढांचे को ध्वस्त करने के लिए आवश्यकता है। इस महीने के अंत तक ईरान की रक्षा औद्योगिक इकाई और हमलावर क्षमता काफी हद तक खत्म हो जाएगी, लेकिन उसका राजनीतिक ढांचा बरकरार रहेगा। भारी सैन्य हमले रुक जाएंगे क्योंकि मुख्य उद्देश्य पूरा हो चुका होगा, लेकिन सत्ता परिवर्तन की कोई गारंटी नहीं होगी।

read moreये भी पढ़ें:
ये भी पढ़ें:हिल जाएगी दुनिया की अर्थव्यवस्था; ईरान बोला- लंबी जंग के लिए हैं तैयार

ईरान पर अंतरराष्ट्रीय प्रतिबंध कड़े रहेंगे। अमेरिका और इजरायल के विमान ईरान के आसमान पर गश्त करेंगे ताकि वह दोबारा अपनी मिसाइल या परमाणु शक्ति को खड़ा न कर सके। यह ठीक वैसा ही होगा जैसा 1990 के दशक में सद्दाम हुसैन के इराक के साथ हुआ था। एक कमजोर, अलग-थलग और नियंत्रित देश।

2. पहले से अधिक आक्रामक ईरान

इसे सबसे बुरा परिणाम माना जा रहा है। यदि वैश्विक आर्थिक झटकों और तेल की बढ़ती कीमतों के दबाव में आकर ट्रंप सैन्य अभियान के पूरा होने से पहले ही जीत की घोषणा कर देते हैं, तो यह खतरनाक साबित हो सकता है। अधूरा सैन्य अभियान ईरान के सत्ता ढांचे को फिर से संगठित होने का मौका देगा। ईरान पहले से अधिक कड़वाहट और आक्रामकता के साथ उभरेगा। खाड़ी देश लगातार ईरानी मिसाइलों और ड्रोनों के खतरे के साये में रहेंगे। व्यापारिक जहाजों का बीमा महंगा हो जाएगा और पूरे क्षेत्र में अस्थिरता बढ़ जाएगी।

यह स्थिति अमेरिका को मध्य-पूर्व के दलदल में और गहरा धकेल सकती है, क्योंकि उसे अपने सहयोगियों की रक्षा के लिए वहां लंबे समय तक डटे रहना होगा।

3. नया ईरान- सत्ता परिवर्तन का सपना

यह सबसे अनुकूल स्थिति होगी, लेकिन इसकी संभावना सबसे कम है। इस परिदृश्य में सैन्य दबाव और सुरक्षा बलों (IRGC और बासिज मिलिशिया) पर हमलों के कारण ईरानी जनता सड़कों पर उतर आए और इस्लामी गणराज्य की सत्ता को उखाड़ फेंके। जनवरी में हुए हिंसक दमन के बाद जनता में डर व्याप्त है। विशेषज्ञों का मानना है कि केवल हवाई हमलों से सत्ता परिवर्तन संभव नहीं है। इसके लिए या तो अमेरिकी जमीनी सेना की जरूरत होगी या फिर एक संगठित आंतरिक विद्रोह की, जिसकी संभावना फिलहाल कम दिखाई देती है।

read moreये भी पढ़ें:
ये भी पढ़ें:काम अभी अधूरा है, बीच में नहीं छोड़ सकते; ट्रंप ने दिए युद्ध लंबा खिंचने के संकेत

मुजतबा खामेनेई अपने पिता की विरासत के दम पर पद पर बैठे हैं। उनके सामने अपनी सत्ता को वैधता दिलाने और सेना के भीतर सामंजस्य बनाए रखने की बड़ी चुनौती है।

इतिहास गवाह है कि युद्ध शुरू करना आसान है, लेकिन उसे खत्म करना और उसके परिणामों को नियंत्रित करना बेहद कठिन। राष्ट्रपति आइजनहावर ने कभी कहा था कि कोई भी फैसला लेने से पहले तथ्यों को कठोर और ठंडा होकर देखना चाहिए। वर्तमान संकट का सबसे संभावित अंत कोई स्पष्ट समाधान नहीं, बल्कि एक कमजोर और सीमित ईरान होगा। हालांकि, जब तक यह संकट खत्म नहीं होता तब तक वैश्विक ऊर्जा बाजार और क्षेत्रीय सुरक्षा पर अनिश्चितता के बादल मंडराते रहेंगे। अमेरिका के लिए ईरान के साथ यह संघर्ष किसी अंतिम समझौते पर नहीं, बल्कि एक नए किस्म के कोल्ड वॉर पर जाकर थमता नजर आ रहा है।

लेटेस्ट   Hindi News ,    बॉलीवुड न्यूज,   बिजनेस न्यूज,   टेक ,   ऑटो,   करियर , और   राशिफल, पढ़ने के लिए Live Hindustan App डाउनलोड करें।