हिल जाएगी दुनिया की अर्थव्यवस्था; मिडिल ईस्ट तनाव के बीच ईरान बोला- लंबी जंग के लिए हैं तैयार
पश्चिम एशिया में जारी संघर्ष के बीच ईरान ने चेतावनी दी है कि वह लंबे समय तक चलने वाले युद्ध के लिए तैयार है, जो वैश्विक अर्थव्यवस्था को गंभीर रूप से प्रभावित कर सकता है। ईरानी अधिकारियों ने कहा कि अगर संघर्ष जारी रहता है तो इसका असर पूरी दुनिया की आर्थिक व्यवस्था पर पड़ेगा।

पश्चिम एशिया में जारी संघर्ष के बीच ईरान ने चेतावनी दी है कि वह लंबे समय तक चलने वाले युद्ध के लिए तैयार है, जो वैश्विक अर्थव्यवस्था को गंभीर रूप से प्रभावित कर सकता है। ईरानी अधिकारियों ने कहा कि अगर संघर्ष जारी रहता है तो इसका असर पूरी दुनिया की आर्थिक व्यवस्था पर पड़ेगा। ईरान की ओर से यह बयान ऐसे समय आया है जब ईरान ने दो वाणिज्यिक जहाजों पर गोलीबारी की और अमेरिका या उसके सहयोगियों से जुड़े जहाजों को चेतावनी दी। इसी दौरान ईरान ने वैश्विक तेल आपूर्ति के लिए महत्वपूर्ण समुद्री मार्ग होर्मुज जलडमरूमध्य पर अपनी पकड़ और मजबूत कर ली है। दूसरी ओर अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने दावा किया है कि युद्ध जल्द समाप्त हो सकता है। उन्होंने कहा कि ईरान में अब अमेरिकी सेना के निशाने पर लेने के लिए बहुत कम लक्ष्य बचे हैं।
तेल बाजार पर असर
दरअसल, 28 फरवरी को अमेरिका और इजरायल द्वारा ईरान पर हमले और ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई की मौत के बाद क्षेत्र में युद्ध शुरू हो गया था। इसके बाद से तेल की कीमतों में भारी उछाल देखा गया है। कीमतों को नियंत्रित करने के लिए अंतरराष्ट्रीय ऊर्जा एजेंसी (IEA) ने घोषणा की है कि सदस्य देश अपने भंडार से 400 मिलियन बैरल तेल जारी करेंगे। इसे अब तक की सबसे बड़ी रणनीतिक तेल निकासी माना जा रहा है।
इस बीच, संघर्ष के 12वें दिन ईरान की रिवोल्यूशनरी गार्ड ने उन आर्थिक संस्थानों और बैंकों को निशाना बनाने की चेतावनी दी है, जिन्हें वह अमेरिकी और इजरायली हितों से जुड़ा मानता है। इसके बाद कई अंतरराष्ट्रीय कंपनियों ने दुबई से अपने कर्मचारियों को निकालना शुरू कर दिया है। ईरान ने दावा किया कि उसने लाइबेरिया के झंडे वाले कंटेनर जहाज एक्सप्रेस रोम और थाई मालवाहक पोत मयूरी नारी पर हमला किया, क्योंकि उन्होंने ईरानी चेतावनियों के बावजूद होर्मुज जलडमरूमध्य में प्रवेश किया था। ओमान की नौसेना ने जहाज से 20 चालक दल के सदस्यों को बचा लिया, जबकि तीन अन्य की तलाश जारी है।
वैश्विक अर्थव्यवस्था को खतरा
ईरान युद्ध के बीच विश्लेषकों का कहना है कि अगर होर्मुज जलडमरूमध्य लंबे समय तक बंद रहता है तो इसका वैश्विक अर्थव्यवस्था पर गंभीर असर पड़ेगा। इस मार्ग से दुनिया के लगभग 20 प्रतिशत तेल और एलएनजी का परिवहन होता है और वैश्विक उर्वरक आपूर्ति का भी बड़ा हिस्सा इसी मार्ग से गुजरता है। वहीं, फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों ने जी-7 देशों से अपील की है कि जलडमरूमध्य में जहाजों की आवाजाही जल्द बहाल कराने के लिए कदम उठाए जाएं। संयुक्त राष्ट्र ने भी सभी पक्षों से मानवीय सहायता सामग्री के आवागमन की अनुमति देने की अपील की है।
खाड़ी क्षेत्र में ईरान के हमले जारी
इस बीच दुबई सरकार ने बताया कि बुधवार को दुबई अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे के पास दो ड्रोन गिरने से चार लोग घायल हो गए। वहीं ओमान की सरकारी समाचार एजेंसी के अनुसार, ड्रोन हमले में सलालाह बंदरगाह के ईंधन टैंकों को भी निशाना बनाया गया। जिससे लाखों लीटर तेल में आग लग गई। हालांकि इस घटना में किसी के हताहत होने की खबर नहीं है।
दूसरी ओर इजरायल ने भी ईरान और लेबनान में हिज्बुल्लाह के ठिकानों पर बड़े पैमाने पर नए हमले शुरू करने का दावा किया है। लेबनान की राजधानी बेरूत में एक बहुमंजिला आवासीय इमारत पर हवाई हमला किया गया, जिसमें इमारत को भारी नुकसान पहुंचा और आसपास की कई गाड़ियां क्षतिग्रस्त हो गईं।
ईरान में सुरक्षा कड़ी
ईरान के राष्ट्रीय पुलिस प्रमुख अहमद रेजा रादान ने कहा कि देश की सुरक्षा बल पूरी तरह सतर्क हैं और किसी भी विरोध प्रदर्शन को दुश्मन की गतिविधि माना जाएगा। ईरान के स्वास्थ्य मंत्रालय के अनुसार, अमेरिका और इजरायल के हमलों में अब तक 1200 से अधिक लोग मारे गए हैं और 10000 से ज्यादा नागरिक घायल हुए हैं, हालांकि इन आंकड़ों की पुष्टि नहीं हो सकी है।
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