दिव्या भारती ने इसलिए काट ली थी अपनी हाथ की नस, सिगरेट से जलाया; गोविंदा के भाई से हुई थी बहस
बॉलीवुड एक्ट्रेस दिव्या भारती बेशक इस दुनिया में नहीं है। लेकिन उनकी फिल्मों के जरिए उन्हें याद किया जाता है। कम ही लोग ये जानते है कि दिव्या का गुस्सा इतना खतरनाक था कि उन्होंने अपने हाथ की नस काट ली थी। गोविंदा के भाई कीर्ति कुमार से हुई थी बहस।

बॉलीवुड एक्ट्रेस दिव्या भारती अब इस दुनिया में नहीं हैं। एक्ट्रेस ने अपने छोटे फिल्मी करियर में कई शानदार फिल्में की। उनके साथ काम करने वाले फिल्ममेकर्स, एक्टर्स हमेशा एक्ट्रेस को बोर्न कलाकार बताते हैं। सेट पर उनकी गर्मजोशी और फ्रेंडली नेचर को सब पसंद करते थे। लेकिन कम ही लोग जानते हैं कि दिव्या का गुस्सा खतरनाक था। वो गुस्से में कभी अपनी नस काट लेती थीं तो कभी खुद को जला लेती थी।
स्कूल के दिनों में ही मिल गई थी फिल्म
दिव्या को दुनिया छोड़े अब 33 साल से ज्यादा का समय हो गया है। उनकी मां मीता भारती ने एक पुराने इंटरव्यू में दिव्या के गुस्से के बारे में बात की थी। उनकी मां ने बताया था कि जब दिव्या नौवी क्लास में पढ़ रही थीं तब गोविंदा के बड़े भाई कीर्ति कुमार ने उन्हें अपनी फिल्म के लिए अप्रोच किया था। उस समय कीर्ति कुमार 'राधा का संगम' नाम की फिल्म बना रहे थे। दिव्या की पढ़ाई में इतनी दिलचस्पी थी नहीं तो उन्होंने स्कूल जाना छोड़ दिया और फिल्मों में डेब्यू के लिए खुद को तैयार करने लगीं। दिव्या ने पढ़ाई की जगह डांस और एक्टिंग क्लासेज जाना शुरू कर दिया था।

गोविंदा के भाई से हुई थी बहस
दिव्या की मां ने बताय कि उनकी बेटी को घूमना-फिरना, दोस्तों के साथ पार्टी करना पसंद था। और दिव्या की ये आदत उनके पहले डायरेक्टर कीर्ति कुमार को पसंद नहीं आ रही थी। एक बार कीर्ति कुमार ने दिव्या के घर फोन किया तो वो नहीं मिली। उन्हें पता चला कि एक्ट्रेस दोस्तों संग बाहर गई हैं। कीर्ति नहीं चाहते थे कि किसी को पता चले कि दिव्या फिल्मों में लॉन्च होने वाली हैं। बाद में जब दिव्या, कीर्ति से मिली तो दोनों के बीच बहस हुई। और कुछ दिनों बाद एक्ट्रेस को पता चला कि कीर्ति ने उन्हें फिल्म से बाहर कर दिया है। इस रिजेक्शन से दिव्या इतना दुखी हुई थी कि उन्होंने अपनी हाथ की नस को काट लिया था। (ये बात दिव्या की मां मीता भारती ने बताई थी)
कई बार हुई थीं रिजेक्ट
इस रिजेक्शन के बाद दिव्या को बोनी कपूर अपनी फिल्म प्रेम में कास्ट कर रहे थे। ये वही फिल्म थी जिससे उनके छोटे भाई संजय कपूर ने डेब्यू किया था। बाद में ये रोल तब्बू को दे दिया गया। सुभाष घई भी फिल्म सौदागर में पहले दिव्या को कास्ट करना चाहते थे। लेकिन उन्होंने मनीषा कोइराला को फिल्म की हीरोइन बना दिया। लगातार रिजेक्शन के बाद उन्हें साउथ की फिल्में मिलने लगी। साउथ फिल्मों में दिव्या सफल हुई। इसी दौरान उन्हें राजीव राय ने संपर्क किया। वो हिंदी फिल्म विश्वात्मा बना रहे थे। किस्मत से ये फिल्म दिव्या को मिल गई। मीता भारती ने बताया था कि इस फिल्म को उन्होंने सिर्फ 500 रुपए की साइनिंग अमाउंट के साथ साइन किया था। सनी देओल के साथ उनकी ये फिल्म जबरदस्त हिट हुई। इसी फिल्म का गाना ‘सात समुंद्र पार’ पसंद किया गया। इसके बाद दिव्या ने शोला और शबनम जैसी कई शानदार फिल्में कीं।
सिगरेट से जला लिया था हाथ
मीता भारती ने अपने इसी इंटरव्यू में ये भी बताया था कि दिव्या के अंदर कई खूबियां थीं। लेकिन वो अपने गुस्से पर काबू नहीं कर पाती थीं। उन्होमे बताया था कि मौत से कुछ महीनों पहले एक्ट्रेस अमेरिका गई थीं। वहां उन्हें किसी बात पर इतना गुस्सा आया कि वो उन्होंने सिगरेट से अपने दोनों हाथ जला लिए थे। अब दिव्या इस दुनिया में नहीं हैं। उनकी डेथ को 33 साल का समय हो गया है।
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