घूंघट की आड़ से…इस गाने को लिखने वाले गीतकार के पैरों में गिर पड़ा था अनजान शख्स, वजह कर देगी हैरान
आमिर खान और जूही चावला पर फिल्माया एक खास गाना है 'घूंघट की आड़ से दिलबर का दीदार अधूरा रहता है'। इस गाने को लिखने वाले गीतकार के पैर में गिर गया था अनजान शख्स। जब वजह बताई तो गीत लिखने वाले हैरान हो गए। जानिए गाने से जुड़ा किस्सा।

साल 1993 में आमिर खान और जूही चावला की एक रोमांटिक कॉमेडी फिल्म आई थी ‘हम हैं राही प्यार के’ इस फिल्म में आमिर ने तीन अनाथ बच्चों के मामा का किरदार निभाया था। वही जूही चावला साउथ इंडियन लड़की वैजंती अय्यर के किरदार में थीं। महेश भट्ट के डायरेक्शन में बनी इस फिल्म ने बॉक्स ऑफिस पर धमाका कर दिया था। फिल्म की कहानी ने ऑडियंस को प्रभावित किया। लेकिन गानों ने उस दौर में धूम मचा दी। फिल्म में कुल 6 गाने थे जो रेडियो पर बार-बार बजते थे।
इस गाने के बाद हुआ ये अजीब किस्सा
बॉक्स ऑफिस इंडिया के मुताबिक इस फिल्म की 25 लाख यूनिट बेचीं गई थी। ये उस साल की पांचवी सबसे बड़ी एल्बम साबित हुई। इस फिल्म के गाने 'घूंघट की आड़ से दिलबर का दीदार अधूरा रहता है', 'यूंही कट जाएगा सफर', 'काश कोई लड़का मुझे प्यार करता', 'वो मेरी नींद मेरा चैन मुझे लौटा दो' जबरदस्त हिट हुए थे। नदीम-श्रवण का म्यूजिक, कुमार सानू, अल्का याग्निक और साधना सरगम की आवाज वाले इन गानों को समीर अनजान ने शब्द दिए थे। लेकिन फिल्म के एक गाने 'घूंघट की आड़ से दिलबर का दीदार अधूरा रहता है' को लेकर एक अजीब किस्सा हुआ था जिसे वो आज तक नहीं भूल पाए।
पैरों में गिर पड़ा था अनजान शख्स
समीर अनजान ने अपने एक इंटरव्यू में इस किस्से का जिक्र किया था। गीतकार समीर अनजान ने बताया था कि बहुत साल पहले वो एक पार्टी में गए थे। उन्होंने ध्यान दिया कि एक लड़का उन्हें बहुत देर से घूर रहा है। उन्होंने उस लड़के को इग्नोर करते हुए अपनी जगह बदल ली। फिर कुछ देर बाद कोई दूसरा शख्स वहां आया और उन्होंने समीर अनजान का नाम लेते हुए उनसे हाथ मिलाया, उन्हें ग्रीट किया। ये सुनते ही वो पहला शख्स जो घूर रहा था उनके पैरों में आ गिरा और उठने का नाम नहीं ले रहा था।समीर अनजान ने बताया कि उस शख्स को अपने पैरों में गिरा देख वो बहुत हैरान हुए और जब उन्होंने ऐसा करने की वजह उनसे पूछी तो यकीन नहीं कर पाए।
24 घंटे सुन रहा था ये गाना
समीर अनजान ने आगे बताया कि उस शख्स ने उन्हें बताया कि वो पिछले 15 सालों से उनकी तलाश में थे। उस शख्स ने गीतकार से पूछा कि उन्होंने जो गाना लिखा था 'घूंघट की आड़ से दिलबर का दीदार अधूरा रहता है' क्यों लिखा था। उस शख्स ने बताया कि वो इस गाने की कैसेट अपने घर, गाड़ी हर जगह साथ रखते हैं और 24 घंटे सुनते हैं। इसलिए वो इस गाने के गीतकार से मिलकर इसके पीछे की वजह जानना चाहता था। उस शख्स को जवाब देते हुए समीर अनजान ने बताया कि उन्हें डायरेक्टर महेश भट्ट ने ऐसी सिचुएशन दी थी जिसपर ये गाना बना।
लेटेस्ट Hindi News , बॉलीवुड न्यूज, बिजनेस न्यूज, टेक , ऑटो, करियर , और राशिफल, पढ़ने के लिए Live Hindustan App डाउनलोड करें।




साइन इन