Music composer, lyricist ravindra jain compose ramanand sagar ramayan music, nadiya ke par and many more जोगी जी धीरे-धीरे…लिखने वाले म्यूजिक कंपोजर ने बनाए थे रामायण के गाने, राज कपूर हो गए थे मुरीद, Bollywood Hindi News - Hindustan
More

जोगी जी धीरे-धीरे…लिखने वाले म्यूजिक कंपोजर ने बनाए थे रामायण के गाने, राज कपूर हो गए थे मुरीद

एक ऐसा म्यूजिक कंपोजर, लिरिसिस्ट जिसने कभी दुनिया के रंग नहीं देखे लेकिन अपने गीतों से हिंदी सिनेमा को सबसे अमर गाने दिए। रामानंद सागर की रामायण के गीत, राम-भारत के रिश्ते को बिना दिखे अपने शब्दों और धुनों से खूबसूरत बना दिया।

Sat, 7 March 2026 03:42 PMUsha Shrivas लाइव हिन्दुस्तान
share
जोगी जी धीरे-धीरे…लिखने वाले म्यूजिक कंपोजर ने बनाए थे रामायण के गाने, राज कपूर हो गए थे मुरीद

किसी भी फिल्म का म्यूजिक उसकी पहचान बन जाता है। म्यूजिक हमेशा से हिंदी सिनेमा की जान रहा है। हर दौर में अलग तरह के म्यूजिक ने ऑडियंस के बीच अपनी अलग पहचान बनाई। लेकिन 70, 80 और 90 का दशक फिल्मों के म्यूजिक के मामले में खास था। इसी समय में क्लासिकल से लेकर गजल, डिस्को, पॉप और भक्ति गीतों को पंसद किया गया। इसी समय में एक ऐसा गीतकार भी आया जिसने अपनी संगीत की समझ, और अपने शब्दों से छाप छोड़ दी। इस म्यूजिक डायरेक्टर, कंपोजर का नाम था रविंद्र जैन। ये वहीं हैं जिन्होंने रामानंद सागर की रामायण को अपने म्यूजिक की वजह से अमर कर दिया।

जन्म से ही अंधे थे रविंद्र जैन

1948 में उत्तर प्रदेश के अलीगढ़ में जन्मे रविंद्र जैन पैदाइश अंधे थे। ये कितनी हैरानी की बात है कि जिसने दुनिया के रंग कभी नहीं देखे उसने रामायण के लिए गाने लिखे। राम और भारत के रिश्ते का बखान अपने लिखे और गाए गीतों से किया। अपने बनाए गानों से पर्दे पर हर तरह के इमोशन, रोमांस, इमोशनल, मस्ती भरे गाने दिए। रविंद्र जैन के बारे में कहा जाता है कि वो 4 साल की उम्र से ही मंदिरों में भजन गाते थे, संस्कृत का ज्ञान था। और फिर जब सिनेमा में संगीत देने का मौका मिला तो ऐसे गाने बना दिए जिसकी कल्पना भी नहीं की जा सकती थी।

read moreये भी पढ़ें:
ये भी पढ़ें:दीदी तेरा देवर दीवाना…लिखने वाले इस गीतकार ने शाहरुख को दिया सबसे हिट गाना
ravindra jain

रविंद्र जैन के गाने

वो रविंद्र जैन ही थे जिन्होंने ‘अंखियों के झरोखे से’, ‘नजर आती नहीं मंजिल’, ‘सजना है मुझे सजना के लिए’, ‘घुंघरू की तरह बजता ही रहा’, ले जाएंगे दिलवाले दुल्हनिया ले जाएंगे’, ‘गोरी तेरा गांव बड़ा प्यार’ 'मैं हूं खुशरंग हिना', 'राम तेरी गंगा मैली हो गई' जैसे शानदार गाने बनाए, गाए और लिखे। रविंद्र जैन अपने गीतों से फिल्मों को अलग पहचान दिला रहे थे। राम तेरी गंगा मैली हो गई फिल्म से ‘एक राधा एक मीरा’ जैसा गाना बनाने के लिए उन्हें खूब तारीफें मिलीं।

read moreये भी पढ़ें:
ये भी पढ़ें:1968 में आई इस फिल्म के एक गाने ने रोक दी थीं आत्महत्याएं

जोगी जी धीरे धीरे

फिल्मों में सबसे ज्यादा तारीफें उन्हें राजश्री प्रोडक्शन की फिल्म नदिया के पार के गीतों के लिए मिली। उन्होंने इस फिल्म का सबसे खूबसूरत गीत जोगी जी धीरे धीरे खूब पसंद किया गया। इस गाने को हेमलता, जसपाल सिंह और चंद्रानी मुखर्जी ने गाया था। लेकिन इसकी धुनें रविंद्र जैन ने बनाई थीं। यहां तक की बोल भी खुद उन्होंने ही लिखे थे। फिल्म के सभी गाने जैसे 'कौन दिसा में ले ले चला रे बटोहिया', 'जब तक पूरे न हो फेरे साथ', 'सांची कहे तोरे आवन से’ जैसे गीत बनाए। इसी प्रोडक्शन हाउस के साथ रविंद्र जैन ने शाहिद कपूर और अमृता सिंह की फिल्म विवाह का म्यूजिक भी कंपोज किए। रविंद्र जैन के गानों की वजह से राजश्री प्रोडक्शन को भी मदद मिली।

राज कपूर हुए मुरीद

जब रविंद्र जैन अपने गानों से पहचान बना चुके थे। इस बीच बीआर चोपड़ा और राज कपूर जैसे मशहूर फिल्ममेकर्स भी आगे आए और उन्होंने रविंद्र के टैलेंट को पहचानते हुए उन्हें अपनी सबसे फिल्मों में से एक का म्यूजिक तैयार करने का ऑफर दिया। बीआर चोपड़ा की फिल्म पति पत्नी और वो के गाने ‘ठंडे ठंडे पानी से नहाना चाहिए’ बनाया। वहीं राज कपूर ने रविंद्र जैन को किसी शादी समारोह में सुना था और वो उनके मुरीद बन गए थे। उन्होंने उसी दौरान उन्हें अपनी फिल्म राम तेरी गंगा मैली हो गई’ ऑफर की। ये वही फिल्म थी जिसके गानों ने जबरदस्त धमाका किया। राम तेरी गंगा मैली हो गई का टाइटल ट्रैक, ‘सुन साहिबा सुन’, ‘एक राधा एक मीरा’ आज भी सुपरहिट मन जाता है। इस फिल्म के लिए उन्होंने अवॉर्ड भी जीता।

read moreये भी पढ़ें:
ये भी पढ़ें:जानिए किसने गाया था शक्तिमान का टाइटल सॉन्ग, इन एक्टर्स को किया मशहूर

रामायण के गानों ने दुनियाभर में बनाई पहचान

अपने करियर के सबसे पीक पर रहने वाले रविंद्र जैन की जिंदगी 1987 में बदल गई। रामानंद सागर ने अपनी धार्मिक सीरीज रामायण के लिए रविंद्र जैन को म्यूजिक तैयार करने की जिम्मेदार दी। और जो कमाल हुआ वो आज तक हो रहा है। इस टीवी सीरीज के सभी गाने रविंद्र जैन ने कंपोज़ किए थे। ‘मंगल भवन अमंगल हारी’ के टीवी वर्जन को आवाज भी म्यूजिक कंपोजर ने दी। इस टीवी सीरीज के अन्य गाने अलग-अलग सिंगर्स से गवाए गाए। इस सीरीज में कुमार सानू, अनुराधा पौडवाल, कविता कृष्णमूर्ति जैसे सिंगर्स ने आवाज दी। ‘हम कथा सुनाते हैं’ बहुत हिट हुआ था।

टीवी के अन्य शो में भी दिए गाने

इसके बाद रविंद्र जैन ने अधिकतर धार्मिक टीवी शोज का म्यूजिक बनाया जिसमें जय हनुमान, साईं बाबा, शामिल है। इसके आलावा अलिफ़ लैला, धरती का वीर पुत्र पृथ्वीराज चौहान जैसे शोज का म्यूजिक भी रविंद्र जैन ने कंपोज़ किया। जिसने कभी दुनिया के रंग नहीं देखे उस रविंद्र जैन को साल 2015 में पद्मश्री अवॉर्ड से सम्मानित किया गया। इस साल 71 साल की उम्र में उनका निधन हो गया।

लेटेस्ट   Hindi News ,    बॉलीवुड न्यूज,   बिजनेस न्यूज,   टेक ,   ऑटो,   करियर , और   राशिफल, पढ़ने के लिए Live Hindustan App डाउनलोड करें।