Didi tera devar deewana, lyricist dev kohli wrote songs for shahrukh khan, govinda, these are his hit numbers दीदी तेरा देवर दीवाना…लिखने वाले इस गीतकार ने शाहरुख को दिया सबसे हिट गाना, बेरोजगारी में खुद को भजनों में डुबोया, Bollywood Hindi News - Hindustan
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दीदी तेरा देवर दीवाना…लिखने वाले इस गीतकार ने शाहरुख को दिया सबसे हिट गाना, बेरोजगारी में खुद को भजनों में डुबोया

कबूतर जा जा जा, ये काली काली आंखें, ओ साकी साकी रे जैसे गाने लिखने वाले गीतकार को जानते हैं आप? बेरोजगारी में खुद को भजनों में डुबोया, सालों किया स्ट्रगल और दिए ऐसे यादगार गाने। पहचानिए इस गीतकार को।

Mon, 23 Feb 2026 02:09 PMUsha Shrivas लाइव हिन्दुस्तान
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दीदी तेरा देवर दीवाना…लिखने वाले इस गीतकार ने शाहरुख को दिया सबसे हिट गाना, बेरोजगारी में खुद को भजनों में डुबोया

1994 में सलमान खान और माधुरी दीक्षित की फिल्म हम आपके हैं कौन हिंदी सिनेमा की सबसे खूबसूरत फिल्मों में से एक मानी जाती है। एक पारिवारिक फिल्म जिसने बॉक्स ऑफिस पर धमाका कर सभी रिकॉर्ड तोड़ दिए थे। फिल्म की कहानी ने ऑडियंस को बांध दिया और गाने तो दुनियाभर में मशहूर हो गए। इस फिल्म का माई नी माई, दीदी तेरा तेरा देवर दीवाना गाना खूब मशहूर हुआ था। माधुरी की पर्पल साड़ी की तारीफ हुई थी, डांस और म्यूजिक तो आज भी चर्चाओं में हैं। लेकिन कभी आपने ध्यान दिया कि देश के कई हिस्सों में गोद भराई रस्म की शुरुआत करने वाला ये गाना आखिर किसने लिखा था? इसके अलावा शाहरुख खान की फिल्म बाजीगर का गाना ‘ये काली काली आंखें’ किसकी कलम से निकला?

दीदी तेरा देवर दीवानी

पाकिस्तान में जन्मा बच्चा बचपन से ही था शायर

इस गीतकार के बारे में बात करने से पहले थोड़ा जीवन परिचय दे देते हैं। तो विभाजन से पहले 2 नवंबर 1942 पाकिस्तान के रावलपिंडी में एक सिख परिवार में जन्मा बच्चा जो विभाजन के बाद भारत में आ बसा। इस बच्चे का नाम था देव कोहली। देव जब 10 साल के थे तो शायरियां लिखने लगे थे। हिंदी पर इतनी अच्छी पकड़ देखकर कई लोग शायरियां सुन हैरान होते। इतना गहरा कैसे लिखा जा सकता है। देव कोहली के इस काम को देखते हुए किसी ने उन्हें फिल्मों में गाने लिखने का सुझाव दिया और कड़ी मशक्कत के बाद देव मुंबई आ गए। ये शायद 60 का दशक था।

स्ट्रगल के दिनों में की मेहनत

अपने स्ट्रगल के दिनों में देव ने 1964 से 1971 तक मेहनत की। वो इस दौर में कई बड़े सिंगर्स, गीतकारों और म्यूजिक कंपोजर से मिलते रहे। पीछे रहते हुए काम भी करते रहे। कुछ लिखे गाने मेकर्स को पसंद आते लेकिन फिर वो गाने स्क्रीन तक अपनी जगह नहीं बना पाते। अंत में उन्हें 1971 में आई फिल्म लाल पत्थर में विनोद मेहरा पर फिल्माया गाना 'गीत गाता हूं मैं गुनगुनाता हूं मैं' मिल गया। गाने को पसंद तो किया गया लेकिन पहचान नहीं मिली।

ऐसे मिला काम और नाम

फिर एक समय ऐसा आया जब राजश्री प्रोडक्शन के मालिक सूरज बडजात्या सलमान खान को लेकर फिल्म ‘मैंने प्यार किया’ बना रहे थे। इस फिल्म के गानों के लिए सूरज नए कलाकारों को मौका दे रहे थे। तभी म्यूजिक कंपोजर रामलक्ष्मण ने देव कोहली की मुलाकात सूरज से करवाई। सलमान की फिल्म का इंट्रो सॉंग हंसते गाते, कबूतर जा जा, काहे तोहसे सजना और आजा शाम होने आई। जैसे गाने लिखे। ये गाने जबरदस्त हिट हुए और देव कोहली के पास काम की बाढ़ आ गई।

हम आपके हैं कौन के गानों से किया कमाल

देव कोहली ने ही हम आपके हैं कौन के गाने माई नी माई, दीदी तेरा देवर दीवाना, मुझसे जुदा हो कर, जैसे खूबसूरत गाने लिखे। इसके बाद भी देव कोहली के गानों का सफर रुका नहीं। उन्होंने शाहरुख खान की फिल्म बाजीगर का गाना ‘ये काली काली आंखें’, 'हम साथ साथ हैं का गाना 'छोटे छोटे भाइयों के बड़े भैया', मैया यदोसा, मुसाफिर का गाना ओ साकी साकी रे' लिखे थे। देव कोहली अपने गानों में इतनी सरल भाषा का इस्तेमाल करते थे कि आज भी लोगों को ये गीत याद हैं।

भजन में डुबोया

देव कोहली के करियर में एक ऐसा भी दौर आया था जब बेरोजगारी में जी रहे थे। ऐसे में उन्होंने खुद को भजनों में डुबो लिया और शानदार भजन लिखे।

केस और निधन

विकिपीडिया के मुताबिक नवंबर 1998 में, भारतीय जनता युवा मोर्चा के पूर्व उपाध्यक्ष राकेश सेठी ने देव कोहली और सिंगर पूर्णिमा के खिलाफ फिल्म कुदरत (1998) के गाने ‘अब तक है पूरी आजादी’ में अश्लील भाषा का इस्तेमाल करने का आरोप लगाया था। देव कोहली कई शानदार गीत लिखने के बाद 80 साल की उम्र में साल 2023 में ये दुनिया छोड़ गए। लेकिन उनके ये गीत हमेशा याद रहेंगे।

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