Mohammed Rafi Take 47 Retake For This 61 Year Old Dev Anand Movie Guide Song Din Dhal Jaye Haye Raat Na Jaye इस दर्दभरे गाने के लिए मोहम्मद रफी को लेने पड़े थे 47 रीटेक, फिर आवाज में लाए ऐसा दर्द; आज तक निकल जाते हैं आंसू, Bollywood Hindi News - Hindustan
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इस दर्दभरे गाने के लिए मोहम्मद रफी को लेने पड़े थे 47 रीटेक, फिर आवाज में लाए ऐसा दर्द; आज तक निकल जाते हैं आंसू

मोहम्मद रफी ने वैसे अपने करियर में इतने हिट गाने गाए हैं, जिन्हें उन्होंने 1 ही टेक में गाया होगा, लेकिन एक ऐसा गाना था जिसके लिए उन्हें 47 रीटेक लेने पड़े थे।

Thu, 7 May 2026 11:08 AMSushmeeta Semwal लाइव हिन्दुस्तान
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इस दर्दभरे गाने के लिए मोहम्मद रफी को लेने पड़े थे 47 रीटेक, फिर आवाज में लाए ऐसा दर्द; आज तक निकल जाते हैं आंसू

मोहम्मद रफी एक ऐसे सिंगर थे जिनकी आवाज सबके दिलों को छू देती थी और सबको अपना दीवाना बना देती थी। आज तक उनके कुछ प्यार और दर्द भरे ऐसे गाने हैं जो जेन जी जनरेशन तक सुनती है और उसको अपनी लाइफ से रिलेट भी करती है। रफी साहब की आवाज की एक खास बात यह थी कि ऐसा लगता था कि वह सामने बैठकर आपके दिल का हाल बयां कर रहे हैं। वैसे तो मोहम्मद रफी पहले ही टेक में बड़े से बड़ा गाना गा देते थे, लेकिन एक ऐसा गाना था जिसे गाते हुए वह संतुष्ट ही नहीं हो रहे थे और इसके लिए उन्होंने 47 रीटेक तक ले लिए थे।

गाइड फिल्म का दर्दभरा गाना

जिस गाने की बात कर रहे हैं वो है दिल ढल जाए। यह गाना गाइड फिल्म का है जिसे मोहम्मद रफी ने गाया है। इस गाने के म्यूजिक डायरेक्टर एसडी बर्मन हैं। वहीं शैलेंद्र ने लिरिक्स लिखे हैं।

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दिल टूटने पर बना है यह गाना

दिल ढल जाए गाना दिल टूटने के दर्द पर आधारित है। इस गाने में देव आनंद के साथ वहीदा रहमान थीं। रफी साहब ने जब यह गाना गाया तो सबको काफी अच्छा लगा। एसडी बर्मन ने तो पहले ही टेक में उन्होंने पसंद कर लिया था। लेकिन रफी को लगा कि यह परफेक्ट नहीं है।

रफी साहब ने लिए थे 47 रीटेक

रफी साहब ने फिर 2-4 नहीं बल्कि 47 रीटेक लिए। इसके बाद जाकर उन्हें लगा कि उन्होंने कुछ परफेक्ट किया है तब यह गाना फाइनल हुआ। जब यह गाना बन गया तब एसडी बर्मन ने उन्हें गले लगाकर कहा कि तुमने हिंदी सिनेमा को एक अमर गीत दिया है।

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धुन बनाना भी था काफी मुश्किल

वैसे ऐसा भी कहा जाता है कि इस गाने की धुन को बनाना भी आसान नहीं था। एसडी बर्मन ने बेटे आर डी बर्मन और संगीतकार जयदेव ने देर रात 11 बजे तक काम किया था।

2 भाषा में बनी थी यह फिल्म

गाइड फिल्म की बात करें तो यह देव आनंद की पहली कलर फिल्म थी। दिलचस्प बात यह है कि यह मूवी 2 भाषा में बनी है हिंदी और इंग्लिश वर्जन में। देव आनंद के छोटे भाई विजय आनंद ने इंग्लिश वर्जन लिखा था राइटर पर्ल एस बक के साथ और डायरेक्ट टेज डैनियलवेस्की ने किया है। हालांकि इंग्लिश वर्जन को ज्यादा हाइप नहीं मिला यहां, लेकिन 2007 कान फिल्म फेस्टिवल में स्क्रीन होने के बाद इसे पॉपुलैरिटी मिली।

हालांकि काफी मुश्किल था इस फिल्म को बनाना। ऐसा कहा जाता है कि पहले मेकर्स ने सोचा कि एक ही लोकेशन पर पहले हिंदी भाषा में शूट किया और फिर वहीं पर इंग्लिश भाषा में। लेकिन ऐसा हुआ नहीं और फिर अलग-अलग शूटिंग की गई।

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एसडी बर्मन की तबीयत बिगड़ गई थी

बता दें कि फिल्म के बनते वक्त एसडी बर्मन की तबीयत बिगड़ गई थी। देव आनंद हालांकि एसडी बर्मन के साथ ही म्यूजिक डायरेक्ट करवाना चाहते थे इसलिए उन्होंने उनके ठीक होने का इंतजार किया और जैसे ही वह ठीक हुए इसके बाद उन्होंने कम्पोजिशन शुरू किया और फिर बेस्ट म्यूजिक दिया।

मोहम्मद रफी का करियर

मोहम्मद रफी ने अपने करियर में 7000 से ज्यादा गाने गाए हैं जिसमें से 14 इंडियन और 4 विदेशी गाने हैं। उनकी आवाज ने कई एक्टर्स को अपनी आवाज दी है और उनके करियर को नई पहचान दिलवाई है।

रफी साहब के अवॉर्ड्स

इतना ही नहीं रफी साहब को अपनी जादुई आवाज के लिए कई अवॉर्ड्स जीते हैं जिसमें 6 फिल्मफेयर अवॉर्ड्स और पद्मश्री अवॉर्ड भी जीते हैं।

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