जब मेरी जिंदगी से सब कुछ चला गया…समीर अनजान ने की थी बुरे दौर की बात, एक फोन कॉल ने बदल दी किस्मत
गीतकार समीर की जिंदगी में एक ऐसा दौर आया था जब उन्हें लगा सब कुछ खत्म हो गया है। पिता का निधन हो गया था। फिर एक फोन आया और ऐसी सफलता मिली जो उन्होंने पहले कभी नहीं देखी थी।

हिंदी फिल्म इंडस्ट्री में एक ऐसा भी गीतकार है जिसके लिखे गीत 80 और 90 के दशक में आनंद बक्शी जैसे बड़े गीतकारों को टक्कर दे रहे थे। इस गीतकार का नाम है समीर अनजान जिन्होंने अपने फिल्मी करियर में 4 हजार से गीत लिखने का अलग रिकॉर्ड बनाया। 90 का दशक में आई उनकी फिल्मों के गीतों ने कमाल कर दिया था। लेकिन एक दौर ऐसा भी आया जब समीर का सब कुछ खत्म हो गया था। पिता अनजान साहब भी दुनिया से चल बसे। ऐसे मुश्किल दौर में एक फोन आया और फिर समीर की किस्मत बदल गई।
गुलशन कुमार की हत्या के बाद आया बुरा दौर
समीर अनजान को उनके लिखे गीतों के लिए याद किया जाता है। उन्होंने ‘घूंघट की आड़ से दिलभर का’, फिल्म धड़कन के सभी गाने, दिल है तुम्हारा के सभी गाने लिखे थे। 90 के दशक में हर दूसरी फिल्म में गाने लिखने वाले समीर की जिंदगी में ऐसा एक मोड़ आया जब उन्हें लगा था उनका करियर खत्म हो गया। समीर ने टी-सीरीज के मालिक गुलशन ग्रोवर और नदीम-श्रवण के साथ कई फिल्में की थी। लेकिन उस समय गुलशन कुमार की गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। नदीम-श्रवण की जोड़ी ने देश छोड़ दिया था। आनंद-मिलिंद की जोड़ी को पहले जैसा काम नहीं मिल रहा था। लेकिन फिर एक फोन आया। ये फोन था यश चोपड़ा का। इसके बाद उन्होंने अपने करियर में एक ऐसा दौर देखा जो पहले कभी नहीं आया था। ऐसी सफलता उन्हें पहले कभी नहीं मिली थी।
एक फोन कॉल और बदल गई जिंदगी
समीर अनजान ने अपने एक इंटरव्यू में बताया था कि उनकी जिंदगी में एक ऐसा मोड़ आया था जब उन्हें लगा सब कुछ खत्म। वो पिता की डेथ के बाद मुंबई वापस लौटे थी थे।उन्हें यश चोपड़ा ने फोन किया और घर आने को कहा। वो घर पहुंचे तो उन्हें बताया गया कि एक फिल्म के लिए गीत लिखने हैं। पहले ये गीत जावेद अख्तर लिखने वाले थे। लेकिन उन्हें इस फिल्म का टाइटल पसंद नहीं आया इसलिए उन्होंने फिल्म छोड़ दी। जावेद अख्तर की रिजेक्ट की हुई फिल्म समीर के हाथ लग गई। ये फिल्म थी 'कुछ कुछ होता है'। ये करण जौहर की पहली डायरेक्टोरियल डेब्यू थी।
समीर ने लिखे इन फिल्मों के लिए गाने
समीर ने शाहरुख खान, काजोल और रानी मुखर्जी पर फिल्माए सभी गाने लिखे। कुछ कुछ होता के गाने ‘साजन जी घर आए’, ‘कुछ कुछ होता है’, ‘वो लड़का है दीवाना’, ‘कोई मिल गया’। ये सभी गाने उस साल सबसे ज्यादा सुने गए। इन गानों का साउंडट्रैक नंबर 1 और समीर का वो बुरा दौर खत्म हुआ। समीर ने अपने इंटरव्यू में बताया कि इस फिल्म के बाद उन्होंने ऐसी सफलता का स्वाद चखा जो पहले कभी नहीं मिला था। कुछ कुछ होता है के बाद उन्होंने सिर्फ तुम, हम आपके दिल में रहते हैं, मन, संघर्ष, धड़कन, बीवी नंबर 1, कभी ख़ुशी कभी गम, देवदास, तुम से अच्छा कौन है, बागबान, समेत कई सुपरहिट फिल्मों के गाने लिखे। कई ऐसी भी फिल्में थीं जो बॉक्स ग=ऑफिस पर चली नहीं लेकिन गाने हिट रहे।
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