गीतकार समीर के नाम है ये खास रिकॉर्ड, गोविंदा के लिए लिखे गाने ने बदल दी किस्मत, 4 हजार गाने लिखने का बड़ा रिकॉर्ड
गीतकार समीर के बारे में ये अनजानी बातें आओ नहीं जानते होंगे। जवानी के दिनों में बैंक की नौकरी छोड़ आए थे मुंबई। किशोर कुमार से हुई मुलाकात, गोविंदा के लिए लिखे इस गाने से मिली बड़ी पहचान। जानिए निजी जीवन के बारे में-

नजर के सामने जिगर के पास।।जैसे दिल को छू जाने वाले गाने लिखने वाले समीर अनजान 40 से भी अधिक सालों से लोगों को एंटरटेन कर रहे हैं। इन्होंने अपने गानों से कभी रुलाया तो कभी प्रेम में होना सिखाया।4000 से अधिक गाने लिखने वाले समीर के नाम अनोखे रिकॉर्ड हैं। इनके लिखे गानों में उत्तर प्रदेश का रंग नजर आया तो मॉडर्न टच भी है। लेकिन क्या आप समीर अनजान के असली जीवन के बारे में जानते हैं? बनारस से मुंबई का सफ़र तो तय कर लिया लेकिन बनारसी दिमाग से निकली नहीं। चलिए हम आपको इनके बारे में बताते हैं।
समीर का जन्म
ये तो सभी जानते होंगे कि समीर मशहूर गीतकार लालजी पांडे यानी अनजान के बेटे हैं। वही अनजान जिन्होंने अमिताभ बच्चन के लिए ‘खईके पान बनारस वाला’ और ‘मेरे अंगने में तुम्हारा क्या काम है’ जैसे सदाबहार गाने लिखे। फरवरी 1958 को उत्तर प्रदेश के बनारस में अनजान के घर में शीतला पांडे का जन्म हुआ था।
शीतला से बने समीर
शीतला को घर में प्यार से राजन बुलाया जाता था। बाद में फिल्मों में जब कदम रखा तो शीतला समीर अनजान बन गए। समीर अनजान ने बनारस हिंदू यूनिवर्सिटी मसे कॉमर्स में मास्टर की डिग्री की और फिर उनकी बैंक में नौकरी लग गई। समीर बैंक में ऑफिस बन गए थे। कुछ समय तक नई नौकरी की और फिर एक दिन समीर ने बैंक की ये नौकरी छोड़ दी। समीर उस समय तक समझ गए थे कि उन्हें सरकारी काम में मजा नहीं आ रहा है। वो भी अपने पिता की तरह गीतकार बनना चाहते थे। गाने लिखना चाहते हैं। समीर अपना सपना पूरा करने के लिए मुंबई आ गए।
जवानी के दिनों में ही मिले ऐसे मौके
फिल्मों के लिए गाने लिखने से पहले समीर अपने पिता के साथ गानों की सिटिंग पर जाया करते थे। वो अपना काम समझ गए थे। इसी दौरान बड़े कलाकारों से उनकी मुलाकात हुई। किशोर कुमार से भी मिले थे और उनके स्टाइल को देखकर हैरान हो गए थे। समीर ने 1983 में आई फिल्म एक बार चले आओ के लिए गाना लिखा 'फिर दिल ने पुकारा', 'एक बार चले आओ' और 'मैं हूं तेरे लिए' जैसे गाने लिखे। इसके बाद फिल्म बेखबर के लिए और फिर सिलसिला चलता रहा।
ऐसे मिली पहचान
समीर को असली पहचान गोविंदा और राजेश खन्ना की फिल्म स्वर्ग के गाने ‘ऐ मेरे दोस्त लौट के आ जा’ से मिली। इस फिल्म के सभी गाने समीर ने लिखे थे। लेकिन किस्मत चमकी आमिर खान और माधुरी दीक्षित की फिल्म दिल से। 1990 में आई फिल्म दिल उस समय की सबसे बड़ी हिट फिल्मों में से एक थी। इस फिल्म के गाने इस फिल्म के सभी गाने समीर ने लिखे थे। जैसे 'मुझे नींद ना आए', 'हम प्यार करने वाले हैं', 'हमने घर छोड़ा है'।
आशिकी से किया धमाका
साल 1990 में आई फिल्म आशिकी। इस फिल्म के लिए समीर ने 7 गाने लिखे थे। ये गाने थे 'जान ए जिगर जानेमन', 'मैं दुनिया भुला दूंगा','तू मेरी जिंदगी है', ' अब तेरे बिन जी लेंगे हम' और 'नजर के सामने जिगर के पास'। इस गाने के लिए समीर ने फिल्मफेयर अवॉर्ड जीता था।
समीर के नाम ये बड़ा रिकॉर्ड
समीर ने अपने करियर में 500 फिल्मों के लिए 4000 से ज्यादा गाने लिखे हैं। गीतकार के नाम सबसे ज्यादा गाने लिखने का गिनीज वर्ल्ड रिकॉर्ड है। उन्होंने अपने करियर में राजा हिंदुस्तानी, हीरो नंबर 1, आंटी नंबर 1, बड़े मियां छोटे मियां, कुछ कुछ होता है, प्यार किया तो डरना क्या, सिर्फ तुम, धड़कन, कसर, कभी खुशी कभी गम जैसी शानदार फिल्मों के लिए गाने लिखे हैं।
समीर की निजी जिंदगी
निजी जिंदगी की बात करें तो समीर ने अनीता पांडे से शादी की थी। इस शादी से इनके तीन बच्चे हैं दो बेटियां संचिता और सुचिता और एक बेटा सिद्धेश। इसके अलावा पिता अनजान के निधन के बाद उनकी मां इंदिरा पांडे इनके साथ ही रहती हैं।
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