First Indian Cinema Elphinstone Picture Palace later changed to chaplin cinema Kolkata know who built it कब और कहां बना था भारत का पहला सिनेमाहॉल? पढ़ें फर्स्ट सिंगल स्क्रीन थिएटर की कहानी, Bollywood Hindi News - Hindustan
More

कब और कहां बना था भारत का पहला सिनेमाहॉल? पढ़ें फर्स्ट सिंगल स्क्रीन थिएटर की कहानी

फिल्में देखने के लिए आप अक्सर सिनेमाहॉल में जाते होंगे। पर क्या आपने कभी सोचा है कि भारत का पहला सिनेमाहॉल कौन सा है? ये सिनेमाहॉल कौन से शहर में बना था? इसे किसने बनाया था?

Fri, 19 Dec 2025 11:00 AMHarshita Pandey लाइव हिन्दुस्तान
share
कब और कहां बना था भारत का पहला सिनेमाहॉल? पढ़ें फर्स्ट सिंगल स्क्रीन थिएटर की कहानी

भारत के लगभग हर छोटे-बड़े शहर में आपको सिनेमाहॉल मिल जाएंगे। सिंगल स्क्रीन शुरू हुए सिनेमाहॉल आज के समय में मल्टीस्क्रीन थिएटर बन चुके हैं। धीरे-धीरे सिंगल स्क्रीन सिनेमाहॉल खत्म होते जा रहे हैं। पर क्या आपने कभी सोचा है कि भारत का पहला सिनेमाहॉल कौन सा है? ये सिनेमाहॉल कब और कौन से शहर में बना था? इस सिनेमाहॉल को किसने बनाया था? अगर नहीं तो चलिए हम आपको बताते हैं ऐसे कई सवालों के जवाब।

1907 में बना था पहला सिनेमाहॉल

जब सिनेमा की बात होती है तो मुंबई का नाम अपने आप सामने आ जाता है, पर आपको जानकर हैरानी होगी कि पहला सिनेमाहॉल मुंबई में नहीं बल्कि कोलकाता में बना था। यह सिनेमाहॉल 1907 में बना था।

read moreये भी पढ़ें:
ये भी पढ़ें:जब इन स्टार्स के किरदारों ने सिनेमा में लाई क्रांति, बदल दी सोसाइटी की सोच

क्या था पहले सिनेमाहॉल का नाम?

fiftytwo.in की रिपोर्ट के मुताबिक, भारत के पहले सिनेमाहॉल का नाम चैपलिन सिनेमा था जिसे एल्फिन्स्टन पिक्चर पैलेस के नाम से भी जाना जाता था। इसे सिनेमाहॉल को जमशेदजी जमशेदजी फ्रामजी मदान ने बनवाया था। उन्होंने मदन थिएटर्स के नाम से भारत की पहली सिनेमा चेन की स्थापना की थी। चैपलिन सिनेमा कोलकाता के चौरंगी प्लेस स्थित 5/1 नंबर पर स्थित था। हालांकि, अब ये थिएटर तोड़ दिया गया है।

भारत का पहला सिनेमाहॉल

कौन हैं भारत में फिल्म प्रोडक्शन के पिता

जमशेदजी फ्रामजी को भारत में फिल्म प्रोडक्शन का पिता कहा जाता है। जमशेदजी फ्रामजी एल्फिन्स्टन ड्रामा क्लब में एक हेल्पर बॉय की तरह काम करते थे। इसके बाद ये क्लब फेमस हुआ और दुनियाभर में टूर किया। जमशेद जी ने कोलकाता में सेटल होने का फैसला लिया। उन्होंने उस समय के मशहूर कोरिंथियन हॉल को खरीद लिया था।

जमशेदजी फ्रामजी

हॉलीवुड फिल्में दिखाने के लिए हुआ मशहूर

1902 में उन्होंने एक मैदान में बायोस्कोप लगाना शुरू किया। इसके बाद उनकी दिलचस्पी सिनेमा स्क्रीनिंग की ओर बढ़ी और उन्होंने 1907 में एल्फिन्स्टन पिक्चर पैलेस खोला। बाद में इसका नाम बदलकर 'मिनर्वा' कर दिया गया। 'मिनर्वा' हॉलीवुड फिल्में दिखाने के लिए मशहूर हुआ।

read moreये भी पढ़ें:
ये भी पढ़ें:सिनेमाहॉल के एग्जिट क्यों होते हैं बोरिंग और सूनसान? एक नहीं, 4 हैं कारण

2003 में तोड़ दिया गया सिनेमाहॉल

आनेवाले सालों में देश में उस वक्त राजनीतिक उथल-पुथल और अशांति बढ़ने लगी और उससे थिएटर को भी नुकसान पहुंचा। इसे बचाने के लिए इसका नाम मशहूर एक्टर चार्ली चैपलिन के नाम पर 'चैपलिन सिनेमा' रखा गया। हालांकि, फिर भी ये थिएटर ज्यादा नहीं चल सका और 2003 में इसे तोड़ दिया गया।

लेटेस्ट   Hindi News ,    बॉलीवुड न्यूज,   बिजनेस न्यूज,   टेक ,   ऑटो,   करियर , और   राशिफल, पढ़ने के लिए Live Hindustan App डाउनलोड करें।