धुरंधर 2: कैसे मरा जहूर मिस्त्री जिसने कांधार हाइजैक में की थी रुपिन कात्याल की हत्या? जानें पूरी कहानी
धुरंधर 2 अगर आपने भी देखी है तो इसके कई किरदारों को लेकर मन में जिज्ञासा पैदा हो चुकी होगी। यहां आप आतंकी जहूर मिस्त्री की कहानी जान सकते हैं जो फिल्म में भी दिखाया गया है।

धुरंधर के पार्ट 1 और 2 में कांधार प्लेन हाइजैक की घटना काफी महत्वपूर्ण रही है। पहले पार्ट में शुरुआत में ही हाइजैकर्स, प्लेन और अजय सान्याल दिखाए गए हैं। दूसरे पार्ट में हाइजैकर जहूर मिस्त्री को मौत के घाट उतारकर उस घटना का बदला दिखाया गया है। धुरंधर द रिवेंज रिलीज के बाद इस घटना की यादें लोगों के जेहन में ताजा हो गई हैं। असल में जब इंडियन एयरलाइंस IC-814 में जहूर मिस्त्री नाम के आतंकी ने भारतीय रुपिन कात्याल की बेहरमी से हत्या की थी, इसके बाद पाकिस्तान में जहूर मिस्त्री को अजात लोगों ने गोली से उड़ा दिया था। अब नैशनल सिक्योरिटी एक्सपर्ट जर्नलिस्ट अनिरुद्ध मित्रा ने एक पॉडकास्ट ने इस घटना के बारे में बात की और बताया कि क्या हुआ था।
क्या था भारत का सबसे बड़ा बदला?
अनिरुद्ध मित्रा आवारा मुसाफिर पॉडकास्ट में थे। उनसे पूछा गया कि भारत ने अब तक हुए आतंकी हमलो में सबसे बड़ा बदला कौन सा लिया? इस पर अनिरुद्ध जवाब देते हैं, 'देखिए आतंकी हमला जो हमारे ऊपर हुआ एक के बाद एक उसका हमने ओपनली बदला जरूर लिया, जब हमने रिटेलिएट किया, जो मिलिटिरिली किया। चाहे वो सर्जिकल स्ट्राइक हो चाहे वो बालाकोट हो या ऑपरेशन सिंदूर हो, लेकिन इंटेलिजेंस की दुनिया में उसको बदला नहीं माना जाता है। बदला वही होता है जो चोरी-छिपे लिया जाता है।
अनिरुद्ध ने सुनाई धुरंधर 2 जैसी कहानी
अनिरुद्ध आगे बोलते हैं, 'आपको एक कहानी सुनाता हूं। यह फरवरी 2022 की घटना है। कराची में एक सज्जन थे जिनकी उम्र मिड 50 के आसपास थी। उनका नाम था जाहिद अखुंड। वह एक फर्नीचर की दुकान चलाते थे। कराची के पूर्वी हिस्से में अख्तार कालोनी नाम की जगह है, जहां उनकी दुकान थी। वह क्लिफ्ट में रहते थे। क्लिफ्ट पॉश एरिया है जहां बहुत से आर्मी वाले रहते हैं। वहां उनका पॉश अपार्टमेंट है। एक दिन उनका कोई बड़ा कस्टमर उनसे मिलने वाला था। उसका नाम हसन रजा था। उसने नया घर खरीदा था तो बड़े फर्नीचर चाहिए थे। कैश में पेमेंट करना था तो कैश लेकर आ रहे थे। उस दिन जाहिद अखूंड को दुकान नहीं जाना था क्योंकि पिछले रात शबे मिराज का जो कुछ भी सेलिब्रेशन वगैरह है वो सब हुआ था पर उनको जाना पड़ा।'
जाहिद को किया गया टारगेट
अनिरुद्ध ने बताया कि वह अपनी हॉन्डा सिटी में बैठकर निकले और पता नहीं था कि कुछ लोग उनका पीछा कर रहे हैं। वह बताते हैं, 'दो लोग उनके पीछे बाइक से थे। एक मारुति वैन में भी कुछ लोग फॉलो कर रहे थे। वे सिर्फ पीछा नहीं कर रहे हैं बल्कि ये सुनिश्चित कर रहे हैं कि जाहिद उसी रूट पर जाएं। वह ट्रैफिक सिग्नल तक कंट्रोल कर रहे थे। 20 मिनट के बाद वह दुकान पर पहुंचे।
रुपिन कात्याल का बदला?
वह आगे बताते हैं, 'दो लोग बाइक से रुकते हैं। उनका मुंह ढका हुआ है। जाहिद को लगता है कि वह कुछ पूछने के लिए रुके हैं। वह बोला, 'क्या है?' बाइक चलाने वाले ने उनसे पूछा, 'जहूर इब्राहिम मिस्त्री?' जाहिद ने जवाब दिया, 'समझ नहीं आ रहा आप क्या कह रहे हैं?'बोला, 'जहूर इब्राहिम मिस्त्री ना?' गन निकालता है, उनकी छाती पर पहला फायर करता है। आवाज सुनकर लोग आ गए।' अनिरुद्ध ने दावा किया, 'उसने दूसरा फायर किया और बोला, रुपिन कात्याल की तरफ से। इसके बाद दो और फायर करके चला गया।' इसके बाद कराची के चोर बाजार में जाकर बाइक के पुर्जे-पुर्जे अलग कर दिए, यह वहीं से खरीदी गई थी।
फोटो क्रेडिट: jammukashmirnow

जाहिद था भारत का गुनहगार
इसके बाद अनिरुद्ध बोलते हैं, 'जहूर मिस्त्री आपको याद होगा, मैं आपको पीछे ले चलता हूं, 1999 दिसंबर IC 814 का हाइजैकिंग हुआ था। उसका एक हाईजैकर था जहूर इब्राहिम मिस्त्री जिसने अपने स्कैल्पल से रुपिन कत्याल नाम के लड़के का गला काट दिया था। वह हनीमून से लौट रहा था।' अनिरुद्ध बोले कि हाइजैकर्स से इंडियन सिक्योरिटी एजेंसीज से जो लोग नेगोसिएशन करने गए थे, उनमें से एक इंटेलिजेंस ब्यूरो से थे उनका नाम था अजित डोभाल।
तब भी डोभाल थे नेशनल सिक्योरिटी अडवाइजर
अनिरुद्ध ने आगे बताया, '2022 जब यह किस्सा कराची में हुआ, इत्तेफाक है लेकिन बड़ा रोचक इत्तेफाक है कि देश के नेशनल सिक्योरिटी एडवाइजर भी अजीत डोभाल थे। मैं यह नहीं कह रहा हूं कि अजीत डोवाल इस घटना के पीछे हैं। लेकिन मेरे कहने का मतलब है कि नेशनल सिक्योरिटी एडवाइर के एडवाइस से वह क्या पॉलिसी फ्रेम करते हैं, क्या गाइडलेंस तय करते हैं, उस हिसाब से मार्ग दर्शक बन जाते हैं।
एक के बाद एक मरे कई आतंकी
अनिरुद्ध बोले, 'मुझे लगता है कि बदले की यह एक इंट्रेस्टिंग स्टोरी है क्योंकि इतने साल बाद जब उसको लगा था कि जिंदगी एकदम खुश है। इतना कुछ हो गया। पाकिस्तान में बहुत पहले ही वापस आ चुका था और वह कोई टेररिज्म के काम के साथ ज्यादा जुड़ा नहीं हुआ था। उसका लिंक जैश ए मोहम्मद से था लेकिन सोचा नहीं था कि उसके साथ एक के बाद एक ऐसा हो सकता है।' उन्होंने यह भी बताया कि डेढ़-दो साल के अंदर सात-आठ इंडिया के मोस्ट वॉन्टेंड पाकिस्तान में एक के बाद एक मारे गए।
क्या हुआ था रुपिन कात्याल के साथ
जहूर मिस्त्री उन 5 हाइजैकर्स में से था जिन्होंने जिन्होंने 1999 में IC-814 प्लेन को हाईजैक किया था। वह आतंकी संगठन हरकत-उल-मुजाहिदीन का सदस्य था। जहूर मिस्त्री ही वह शख्स था जिसने विमान के भीतर 25 साल के रुपिन कात्याल पर चाकू से कई वार किए थे, जिससे उनकी मौत हो गई थी। रुपिन की शादी इस हाइजैक से कुछ दिन पहले ही हुई थी। वह हनीमून मनाकर काठमांडू से लौट रहे थे। साथ में उनकी पत्नी रचना भी थी।

क्यों की थी रुपिन की हत्या?
अपहरणकर्ता प्लेन को अमृतसर, लाहौर और दुबई ले गए। दुबई में लैंडिंग के दौरान हाइजैकर्स ने ईंधन और भोजन की मांग की। भारतीय अधिकारियों पर दबाव बनाने और अपना खौफ पैदा करने के लिए उन्होंने किसी एक यात्री को मारने का फैसला किया। रुपिन को इसलिए चुना गया क्योंकि वे विमान के अगले हिस्से में बैठे थे। आतंकियों ने उन्हें विमान की बिजनेस क्लास में ले जाकर बेरहमी से चाकू से गोदकर उनकी हत्या कर दी। रुपिन की पत्नी रचना को पूरे 7 दिन तक यह नहीं पता था कि उनके पति की हत्या हो चुकी है। उन्हें इस बात की जानकारी तब मिली जब कंधार में बंधकों को रिहा किया गया और वे भारत वापस आईं।
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