पाकिस्तान को वनडे सीरीज में चारों खाने चित करने वाले तंजीद हसन बोले- पहला शतक हमेशा खास होता है
बांग्लादेश के बल्लेबाज तंजीद हसन तमीम ने कहा है कि पहला शतक हमेशा खास होता है। उन्होंने पाकिस्तान के खिलाफ सीरीज डिसाइडर मैच में शतक जड़ा और टीम को मैच और सीरीज जिताने में अहम भूमिका निभाई।

बांग्लादेश की वनडे टीम के ओपनर तंजीद हसन तमीम आखिरकार टीम की उम्मीदों पर खरे उतरे। पाकिस्तान के खिलाफ वनडे सीरीज डिसाइडर मैच में उन्होंने शतक जड़ा। बांग्लादेश की टीम को आखिरी वनडे मैच और सीरीज में जीत दिलाने में तंजीद ने अहम भूमिका निभाई। तंजीद ने एक लंबा छक्का लगाकर अपना शतक पूरा किया था, जो इंटरनेशनल क्रिकेट में उनका पहला शतक था। यह एक ऐसा शॉट था, जिसने दिखाया था कि तंजीद को अगर उनके जोन में गेंद मिलेगी तो वह उसे बाउंड्री के पार भेजने में हिचकिचाएंगे नहीं। हालांकि, उनके जश्न में खुशी के साथ-साथ राहत की भी भावना दिखी।
तंजीद की इस पारी ने न सिर्फ बांग्लादेश की सीरीज में जीत पक्की की, बल्कि उन आलोचकों को भी जवाब दिया, जिन्होंने ज्यादा अनुभवी सौम्य सरकार की जगह उनके सिलेक्शन पर सवाल उठाए थे। अक्टूबर में वेस्टइंडीज के खिलाफ बांग्लादेश के लिए अपनी पिछली पारी में मैच जिताने वाली 91 रन बनाने के बावजूद सरकार इस सीरीज के दौरान प्लेइंग XI में शामिल नहीं थे। वहीं, तंजीद वेस्टइंडीज की सीरीज में बाहर थे, लेकिन कप्तान मेहदी हसन मिराज का मानना है कि उन्हें सही मौके मिलने चाहिए।
कप्तान मेहदी हसन मिराज ने मैच के बाद प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा, "तंजीद तमीम बहुत टैलेंटेड खिलाड़ी हैं और मेरा मानना है कि जिस तरह से वह क्रिकेट खेलते हैं, उन्हें ज्यादातर दिनों में रन बनाने चाहिए। मुझे ऐसा ही लगता है। अगर वह रन बनाते हैं, तो यह टीम के लिए बहुत मददगार होगा और जिस तरह से उन्होंने बैटिंग की है, उसे देखिए, तो मुझे पक्का लगता है कि उनके एरिया पर काम हो रहा है। देखिए, वह पिछली सीरीज में नहीं खेले थे, लेकिन BPL से लेकर हमारे हाल के टूर्नामेंट तक, वह वहां भी टॉप परफॉर्मर थे और उन्होंने प्रैक्टिस मैच में सेंचुरी भी बनाई। मतलब वह बहुत अच्छी रिदम में हैं और बहुत कॉन्फिडेंट हैं।"
कैप्टन का भरोसा काम आया और तंजीद ने 107 रनों की पारी खेली। इसमें छह चौके और सात छक्के शामिल थे, लेकिन अबरार अहमद की गेंद पर कवर पर कैच आउट हो गए। तंजीद ने कहा कि शतक खास था, लेकिन उन्होंने उस अहम दौर की ओर भी इशारा किया जब पाकिस्तान के तेज़ गेंदबाजों ने रिवर्स स्विंग हासिल की। तंजीद ने कहा, "पहला शतक हमेशा खास होता है। मैंने विकेट पर जितना हो सके उतना देर तक खेलने की कोशिश की, क्योंकि पहले 20 ओवर तक गेंद नॉर्मल तरीके से बल्ले पर आ रही थी, लेकिन 20 ओवर के बाद, जैसे-जैसे गेंद पुरानी होती गई, वह आसानी से नहीं आ रही थी।"
उन्होंने आगे कहा, "उस समय बॉल थोड़ी रिवर्स हो रही थी। तो मैं (नजमुल हुसैन) शांतो भाई से इस बारे में बात कर रहा था। उन्होंने मुझसे कहा कि वे दो या तीन ओवर बहुत जरूरी थे और उसके बाद यह आसान हो जाएगा। तो मैंने उस फेज से बचने और ध्यान से खेलने की कोशिश की।" तंजीद ने पहले वनडे मैच में 42 गेंदों में 67 रनों की पारी खेली थी। शतक को छक्के से पूरा करने पर उन्होंने कहा, "मैं साफ सोच वाला था। साफ सोच के बिना, कोई भी ऐसे समय में इतना रिस्की शॉट नहीं खेलता और मुझे लगा कि यह अच्छा होगा और मैंने अपने फैसले पर अमल किया।"





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