दक्षिण अफ्रीका से हार के बाद कैसे टीम इंडिया एक अलग ही खूंखार टीम बन गई, शिवम दुबे ने बताया
टी20 विश्व कप में दक्षिण अफ्रीका के हाथों उस एक हार के बाद टीम इंडिया का जैसे बीस्ट मोड ऑन हो गया और लगातार दूसरी बार खिताब जीतकर इतिहास रच दिया। अब चैंपियन टीम के स्टार शिवम दुबे ने खुलासा किया है कि कैसे दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ हार ने टीम इंडिया के विश्व कप अभियान को बदल दिया।

टी20 विश्व कप 2026 में भारत को सिर्फ एक हार का सामना करना पड़ा। सुपर-8 के अपने पहले मुकाबले में दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ टीम इंडिया बुरी तरह फेल रही। जीत के लिए 188 रन का पीछा करते हुए स्टार बल्लेबाजों से सजी हुई टीम 19वें ओवर में 111 रन पर ऑलआउट हो गई थी। उसी हार के बाद भारत के पूर्व कोच रवि शास्त्री ने कहा था कि टीम इंडिया के लिए यह झटका बहुत जरूरी था। हुआ भी ऐसा। उस एक हार के बाद टीम इंडिया का जैसे बीस्ट मोड ऑन हो गया और लगातार दूसरी बार खिताब जीतकर इतिहास रच दिया। अब चैंपियन टीम के स्टार शिवम दुबे ने खुलासा किया है कि कैसे दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ हार ने टीम इंडिया के विश्व कप अभियान को बदल दिया।
इंडियन एक्सप्रेस से बातचीत में दुबे ने कहा कि टीम इंडिया अच्छा खेल रही थी लेकिन दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ उस निराशाजनक नतीजे के बाद खिलाड़ियों ने बाहें चढ़ा ली और एक अलग ही टीम बन गई।
शिवम दुबे ने कहा, 'एक टीम के तौर पर हमने दक्षिण अफ्रीका से हार के बाद रफ्तार पकड़ी। उस मैच से पहले हम अच्छा खेल रहे थे लेकिन उसके बाद तो हमने अपनी बाहें चढ़ा ली। हम अब बिल्कुल ही अलग टीम थे और हमारा बेस्ट फाइनल में आया।'
शिवम दुबे ने विश्व कप टीम में अपनी भूमिका को लेकर कहा, ‘मेरा रोल सिंपल था और मुझे कोच गौतम गंभीर और सूर्या भाई ने बहुत पहले ही कह रखा था- स्ट्राइक रेट को हाई रखो। अगर मुझे गेंद डालने के लिए कहा जाए तो कसी हुई लाइन पर फेंकूं और रन रोकूं। पिछले विश्व कप के दौरान भी मेरी ठीक यही भूमिका थी लेकिन तब मैंने सिर्फ कुछ ही बड़ी पारियां खेली। इस बार मैंने खुद से कहा था कि मैं बहुत दूर की नहीं सोचूंगा। मैच के दौरान सिर्फ उसी मैच की सोचूंगा।’
भारतीय टीम अगर टी20 विश्व कप 2026 का खिताब जीतने में कामयाब रही तो इसमें शिवम दुबे की बहुत बड़ी भूमिका रही। शायद बाकी स्टार्स के आगे उनकी उतनी चर्चा नहीं हुई। वह इस विश्व कप में संजू सैमसन, ईशान किशन और सूर्यकुमार यादव के बाद भारत की तरफ से चौथे सबसे ज्यादा रन बनाने वाले खिलाड़ी रहे। उन्होंने 9 मैचों में 169 के स्ट्राइक रेट से 235 रन बनाए। अहम मौकों पर उन्होंने तेजतर्रार पारियां खेली। फाइनल में सिर्फ 8 गेंदों में 26 रन की उनकी पारी ने भारत को 250 के पार पहुंचाया।
पाकिस्तान के खिलाफ 17 गेंद में 27 रन हों या सेमीफाइनल में इंग्लैंड के खिलाफ 25 गेंदों में 43 रन; दुबे ने हर मैच में अपनी छाप छोड़ी। नीदरलैंड के खिलाफ मैच में भारत का जहां कोई दूसरा बल्लेबाज 35 का आंकड़ा तक पार नहीं कर पाया, वहां दुबे ने 31 गेंदों में 66 रनों की धुआंधार पारी खेली। वेस्टइंडीज के खिलाफ सुपर 8 का मुकाबला वर्चुअल क्वार्टरफाइनल बन गया था और उस मैच में दुबे को सिर्फ 4 मैच खेलने को मिले। उन्होंने 8 ही रन बनाए लेकिन उनके दो चौकों ने भारत से दबाव कम किया। संजू सैमसन ने 97 रन की नाबाद पारी खेली लेकिन स्टार पेसर जसप्रीत बुमराह ने मैच के बाद कहा था कि लक्ष्य का पीछा करते हुए शिवम दुबे के वे 2 चौके मैच के टर्निंग पॉइंट रहे।





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