प्लेयर ऑफ द मैच बनकर संजू सैमसन का छलका दर्द, बोले- मैंने इतने मुकाबले बाहर बैठकर देखे और...
संजू सैमसन वेस्टइंडीज के खिलाफ प्लेयर ऑफ द मैच चुने गए। उनका अवॉर्ड जीतने के बाद दर्द छलका। विकेटकीपर सैमसन ने ईडन गार्डन्स में नाबाद 97 रनों की पारी खेली।

विकेटकीपर-बल्लेबाज संजू सैमसन ने भारत बनाम वेस्टइंडीज सुपर-8 मैच में कमाल कर दिया। सैमसन ने बतौर ओपनर उतरने के बाद ताबड़तोड़ अंदाज में नाबाद 97 रनों की ऐतिहासिक पारी खेली। उन्होंने 196 का टारगेट चेज करते हुए 50 गेंदों का सामना किया, जिसमें 12 चौके और चार छक्के हैं। डिफेंडिंग चैंपियन भारत ने कोलकाता के ईडन गार्डन्स में वेस्टइंडीज के खिलाफ पांच विकेट से विजयी परचम फहराया और सेमीफाइनल का टिकट हासिल कर लिया। 31 वर्षीय सैमसन ने टी20 वर्ल्ड कप में सफल रन चेज के दौरान भारत के लिए सबसे बड़ी पारी खेलने का कारनामा अंजाम दिया है। उन्हें शानदार प्रदर्शन के लिए प्लेयर ऑफ द मैच अवॉर्ड से नवाजा गया। 31 वर्षीय सैमसन ने 2015 में भारत के लिए डेब्यू लेकिन वह अब तक कुल 60 टी20 इंटरनेशनल मैच ही खेल सके हैं। उनका करियर काफी उतार-चढ़ाव भरा रहा है।
संजू सैमसन का कुछ यूं छलका दर्द
प्लेयर ऑफ बनने के बाद सैमसन का बाहर बैठने को लेकर दर्द छलका है। उन्होंने रविवार को वेस्टइंडीज को हराने के बाद कहा, ''यह मेरे लिए पूरी दुनिया के समान है। जिस दिन से मैंने खेलना शुरू किया, देश के लिए खेलने का सपना देखना, मुझे लगता है कि यह वही दिन है, जिसका मैं इंतज़ार कर रहा था। मैं बहुत शुक्रगुजार हूं। मैं करियर में काफी उतार-चढ़ाव से गुजरा हूं। मैं खुद पर शक करता रहा। सोचता रहा कि क्या होगा? क्या मैं यह कर पाऊंगा या नहीं? हालांकि, मैंने विश्वास बनाए रखा और आज भगवान का शुक्रगुजार हूं। मैं बहुत खुश हूं। मैं बहुत लंबे समय से यह फॉर्मेट खेल रहा हूं। लगभग 12 साल से आईपीएल और 10 सालों से देश के लिए खेल रहा हूं लेकिन मैंने डगआउट में ज्यादा समय बिताया है। मैंने विराट कोहली, रोहित शर्मा जैसे महान खिलाड़ियों से काफी कुछ सीखा है।''
‘लगभग 100 मैच बाहर बैठकर देखे हैं’
उन्होंने आगे कहा, ''मैंने शायद 50-60 मैच खेले हैं लेकिन लगभग 100 मैच बाहर बैठकर देखे हैं। मैंने उस दौरान देखा कि दिग्गज कैसे मैच फिनिश करते हैं और सिचुएशन के हिसाब से कैसे अपना गेम बदलते हैं। मैं पार्टनरशिप बनाने पर फोकस कर रहा था। मैं अपने प्रोसेस पर ध्यान दे रहा था। मुझे नहीं लगा कि मैं ऐसी पारी खेलूंगा। यह मेरी जिंदगी के सबसे अच्छे दिनों में से एक है। दूसरी तरफ, हमेशा एक सवाल होता है कि अगर नहीं हुआ तो क्या होगा? यह दिमाग में चलता रहता है। जब यह ख्याल आया तो मैं वर्तमान में रहने की कोशिश कर रहा था बस गेंद को देखा और खुद पर भरोसा किया। गेंद को उसकी मेरिट पर खेलने की कोशिश कर रहा था। आज का दिन काफी अच्छा रहा।'' भारत की 5 मार्च को सेमीफाइनल में इंग्लैंड से भिड़ंत होगी। यह मैच मुंबई के वानखेड़े स्टेडियम में खेला जाएगा।





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