50 गेंदों में 97 रन, संजू सैमसन ने ऐतिहासिक पारी खेल भारत को सेमीफाइनल में दिलाई एंट्री
वेस्टइंडीज के खिलाफ हाई प्रेशर मुकाबले में संजू सैमसन ने शानदार अर्धशतक जड़ा है। उन्होंने 50 गेंदों में 97 रन बनाकर भारत को सेमीफाइनल में पहुंचा दिया है। सिर्फ तीन रनों से शतक से दूर रहने वाले संजू ने कई रिकॉर्ड इस पारी के साथ ध्वस्त कर दिए हैं।

वेस्टइंडीज के खिलाफ हाई प्रेशर मुकाबले में संजू सैमसन ने शानदार अर्धशतक जड़ा है। उन्होंने 50 गेंदों में 97 रन बनाकर भारत को सेमीफाइनल में पहुंचा दिया है। सिर्फ तीन रनों से शतक से दूर रहने वाले संजू ने कई रिकॉर्ड इस पारी के साथ ध्वस्त कर दिए हैं।
कोलकाता के ईडन गार्डन्स में वेस्टइंडीज के खिलाफ खेले गए 20 विश्व कप 2026 के हाई-वोल्टेज सुपर-8 मुकाबले में संजू सैमसन की शानदार 97 रनों की पारी के दम पर भारतीय टीम ने वेस्टइंडीज द्वारा दिए गए 196 रनों के विशाल लक्ष्य को 19.2 ओवर में ही हासिल कर लिया।भारतीय टीम शुरुआती दबाव में थी, लेकिन संजू सैमसन ने जिम्मेदारी संभालते हुए एक शानदार अर्धशतक जड़ा। उन्होंने पारी के 9.4 ओवर में वेस्टइंडीज के स्पिनर गुडाकेश मोती की गेंद पर एक कड़क बैक-फुट कट लगाकर चौका जड़ा और अपना पचासा पूरा किया। इस अहम मैच में सैमसन की यह पारी भारत के लिए संजीवनी बनकर आई। अर्धशतक पूरा करने के बाद संजू ने कोई जश्न नहीं मनाया, बल्कि बेहद शांत रहकर अपनी टीम के लिए खेलते रहे।
उन्होंने अर्धशतक लगाने के बाद भी संयमित अंदाज में खेलते रहे और नाबाद 97 रन बनाकर पवेलियन लौटे। संजू ने अपने ही बल्ले से विजय रन बनाए। आखिरी ओवर में उन्होंने 1 छक्का और 1 चौका जड़कर मैच फिनिश किया। अभिषेक शर्मा और ईशान किशन के जल्दी आउट हो जाने के बाद उन पर दवाब था लेकिन उन्होंने उस दवाब को खुद पर हावी नहीं होने दिया।
संजू सैमसन की इस पारी की सबसे खास बात यह रही कि उन्होंने आक्रामकता के साथ-साथ संयम भी दिखाया। उन्होंने अपनी पारी के दौरान 50 गेदों का सामना करते हुए, 12 चौकों और 4 गगनचुंबी छक्कों की मदद से 97 रन बनाए। इस दौरान उनका स्ट्राइक रेट 194 का रहा।
बता दें कि सैमसन पिछले कुछ समय से काफी कठिन दौर से गुजर रहे थे। वे अपनी फॉर्म से जूझ रहे थे और उन्हें टीम से बाहर भी होना पड़ा था। लेकिन इस पारी के दौरान वे मैदान पर बेहद शांत और स्थिर नजर आए। उन्होंने सूर्यकुमार यादव (18 रन) के साथ मिलकर पारी को संभाला और जब टीम को तेजी से रनों की जरूरत थी, तब उन्होंने बड़े शॉट्स खेलकर दबाव को वेस्टइंडीज के गेंदबाजों पर शिफ्ट कर दिया। उसके बाद उन्होंने दूसरे साथी बल्लेबाजों के साथ मिलकर मैच को फिनिश भी कर दिया।
इस पूेर विश्व कप में संजू सैमसन को सिर्फ 3 मैच खेलेने का मौका मिला। उन्होंने अपना पहला मुकाबला नामीबिया के खिलाफ खेला था जिसमें 22 रनों की पारी खेली थी और कुछ शानदार छक्के भी जड़े थी। जिम्बाब्वे के खिलाफ भी उन्होंने 15 गेंदों में 24 रन बनाए थे। संजू पर इन छोटे कैमियो की वजह से सवालिया निशान जरूर खड़े हो रहे थे, लेकिन उन्होंने अपनी आज की पारी से साबित कर दिया की वे एक बड़े मैच के प्लेयर हैं। अब उन्हें इस विश्व कप के बाकी के दो मैचों के लिए निश्चित तौर पर मौके दिए जाएंगे। विश्व कप के अपने तीसरे मुकाबले में संजू ने नाबाद 97 रनों की पारी खेली।





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