हर कोई रिंकू सिंह नहीं होता जो…, वीरेंद्र सहवाग ने ENG के बल्लेबाजों को क्यों चिढ़ाया?
सहवाग ने मैच के अंतिम ओवरों की स्थिति पर चर्चा करते हुए इंग्लैंड के बल्लेबाजों पर तीखा कटाक्ष किया। उन्होंने साफ तौर पर कहा कि जब आखिरी ओवर में 30 रनों की जरूरत हो, तो किसी भी गेंदबाज के लिए वह रन बचाना मुश्किल नहीं होता।

भारत और इंग्लैंड के बीच खेले गए टी20 वर्ल्ड कप के सेमीफाइनल में टीम इंडिया की शानदार जीत के बाद पूर्व विस्फोटक बल्लेबाज वीरेंद्र सहवाग अपने पुराने अंदाज में नजर आए। सहवाग ने मैच के अंतिम ओवरों की स्थिति पर चर्चा करते हुए इंग्लैंड के बल्लेबाजों पर तीखा कटाक्ष किया। उन्होंने साफ तौर पर कहा कि जब आखिरी ओवर में 30 रनों की जरूरत हो, तो किसी भी गेंदबाज के लिए वह रन बचाना मुश्किल नहीं होता। सहवाग के अनुसार, क्रिकेट के मैदान पर हर कोई वह चमत्कार नहीं कर सकता जो रिंकू सिंह ने आईपीएल में पांच छक्के मारकर किया था।
सहवाग ने क्रिकबज लाइव पर चर्चा के दौरान बड़े ही बेबाक अंदाज में कहा, "लास्ट ओवर में 30 रन कोई भी डालता, मैं भी डालता तो भी नहीं बनने देता।" उन्होंने आगे तर्क दिया कि जब आपको जीत के लिए पांच छक्के मारने ही पड़ें, तो दबाव इतना अधिक होता है कि गेंद को सीमा रेखा के बाहर भेजना नामुमकिन सा हो जाता है। इंग्लैंड के बल्लेबाजों को आड़े हाथों लेते हुए उन्होंने कहा, "आप रिंकू सिंह नहीं हो।"
सहवाग का यह बयान उस मानसिकता को दर्शाता है कि भारत ने मैच के अंत तक इंग्लैंड पर मानसिक बढ़त बना ली थी और उन्हें पता था कि जीत अब दूर नहीं है। इस मैच में भारत की जीत की नींव कप्तान सूर्यकुमार यादव की चतुर रणनीति ने रखी थी। सहवाग ने बताया कि सूर्या ने अपने सबसे घातक गेंदबाजों, अर्शदीप सिंह और जसप्रीत बुमराह का उपयोग 17वें और 18वें ओवर में ही कर लिया था। विशेष रूप से जसप्रीत बुमराह के 18वें ओवर ने खेल बदल दिया, जिसमें उन्होंने केवल 6 रन दिए।
सहवाग का मानना है कि अगर बुमराह के ओवर में रन पड़ जाते और आखिरी ओवर में केवल 20 रन चाहिए होते, तो भारत दबाव में आ सकता था। लेकिन 30 रन बाकी होने के कारण गेंदबाजी करने वाले खिलाड़ी (चाहे वह अक्षर पटेल हों या शिवम दुबे) पर कोई दबाव नहीं था, क्योंकि पांच छक्के मारना लगभग असंभव है। सहवाग ने इस बात पर जोर दिया कि भारत ने बल्लेबाजी, गेंदबाजी और फील्डिंग तीनों क्षेत्रों में इंग्लैंड को पछाड़ दिया। उन्होंने संजू सैमसन की बेहतरीन पारी और अक्षर पटेल की शानदार फील्डिंग की तारीफ की, जिन्होंने मैच का रुख भारत की ओर मोड़े रखा। सहवाग ने कहा कि भारतीय टीम ने दबाव को बहुत अच्छी तरह से संभाला है और वे पिछले दो सालों से जिस तरह की फॉर्म में हैं, वे फाइनल में होने के पूरी तरह हकदार हैं। अब भारत का मुकाबला न्यूजीलैंड से फाइनल में होगा, जहां सहवाग को उम्मीद है कि टीम इंडिया एक बार फिर इतिहास रचेगी।





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