राजस्थान रॉयल्स मैनेजमेंट से क्यों नाराज हैं वैभव सूर्यवंशी? असिस्टेंट कोच ने ऑन एयर किया खुलासा
वैभव सूर्यवंशी शायद राजस्थान रॉयल्स के मैनेजमेंट से खुश नहीं हैं, क्योंकि वे उन्हें इम्पैक्ट प्लेयर के तौर पर खिला रहे हैं। इसके बारे में टीम के ही सपोर्ट स्टाफ के सदस्य ने ऑन एयर ये बात कही है।

वैभव सूर्यवंशी ने आईपीएल 2026 के पहले चार मैचों में 200 रन 263 से ज्यादा के स्ट्राइक रेट से बनाए थे। हालांकि, पांचवें मैच में वह खाता नहीं खोल पाए। क्रिकेट में ऐसा होता है, लेकिन एक बात शायद वैभव सूर्यवंशी को राजस्थान रॉयल्स मैनेजमेंट की अच्छी नहीं लग रही। इसके बारे में राजस्थान की टीम के सपोर्ट के सदस्य ने भी ऑन एयर बात की।
दरअसल, लगातार दूसरे मैच में वैभव सूर्यवंशी को इम्पैक्ट प्लेयर के तौर पर खिलाया गया है। इससे कहीं न कहीं वैभव सूर्यवंशी खुश नहीं हैं, क्योंकि वे मैदान पर फील्डर के तौर पर उतरना चाहते हैं। ऐसा भी नहीं है कि वे फील्डर अच्छे नहीं हैं, बल्कि मैनेजमेंट को कॉम्बिनेशन को ध्यान में रखकर ये फैसला करना पड़ रहा है कि वैभव सूर्यवंशी इम्पैक्ट प्लेयर के तौर पर खेलें।
15 साल के वैभव सूर्यवंशी को जब पहली बार इस सीजन पता चला था कि वे इम्पैक्ट प्लेयर के तौर पर खेलेंगे तो उन्हें जाहिर तौर पर बुरा लगा था। आरसीबी के खिलाफ उन्होंने रन जरूर बनाए, लेकिन इम्पैक्ट प्लेयर के तौर पर ही वे खेले। इस पर राजस्थान रॉयल्स के असिस्टेंट कोच ट्रेवर पेनी ने बताया है कि वैभव इस फैसले से नाखुश थे कि उन्हें इम्पैक्ट प्लेयर के रूप में इस्तेमाल किया जाएगा, क्योंकि वह फील्डिंग से भी प्यार करता है और पूरे मैच में मैदान पर रहना चाहता है।
फरेरा अभी तक चोटिल थे
हालांकि, उन्होंने यह भी बताया कि सूर्यवंशी को बेंच पर रखने का फैसला पहले कुछ गेम में नहीं लिया गया था, क्योंकि डोनोवन फरेरा चोटिल थे। चूंकि फरेरा अब ठीक हो गए हैं, इसलिए युवा बैटर को इम्पैक्ट प्लेयर के तौर पर रखने के अलावा कोई ऑप्शन नहीं था। एसआरएच वर्सेस आरआर IPL 2026 मैच के दौरान पेनी ने ब्रॉडकास्टर से कहा, “पिछला गेम जो वह नहीं खेल पाए, वह बहुत खुश नहीं थे, क्योंकि उन्हें अपनी फील्डिंग पसंद है। ऐसा इसलिए नहीं है कि वह एक खराब फील्डर हैं। डोनोवन ने अपना फिटनेस टेस्ट पास कर लिया है। SA20 में उनकी कॉलरबोन टूट गई थी। वह एक जबरदस्त फील्डर हैं। उनका मैदान पर वापस आना अच्छा है। दुख की बात है कि वैभव नहीं खेल पाए।”
धारणा ये है कि जब आप फील्ड पर नहीं होते हैं तो आपको अंदाजा नहीं होता है कि पिच कैसी है। ऐसा कई खिलाड़ियों के साथ होता है। रोहित शर्मा को भी पिछले सीजन सिर्फ इम्पैक्ट प्लेयर के तौर पर इस्तेमाल किया गया था। उस समय भी क्रिकेट एक्सपर्ट्स ने ये दावा किया था कि रोहित शर्मा को मैदान पर ही रखा जाए। इससे एक बल्लेबाज को अंदाजा हो जाता है कि पिच किस तरह बिहेव कर रही है।
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