हरभजन सिंह ने राजनीति की पिच पर फेंका 'दूसरा', केजरीवाल को छोड़ बीजेपी में शामिल, जानिए उनकी पूरी कहानी
क्रिकेटर हरभजन सिंह ने आम आदमी पार्टी को छोड़ बीजेपी का दामन थाम लिया है। उनके क्रिकेटर से राजनेता बनने और फिर अब राजनीति की पिच पर दूसरी पारी खेलने तक के पूरे सफर को इस रिपोर्ट में जानिए।

भारतीय क्रिकेट टीम के पूर्व स्टार स्पिनर हरभजन सिंह ने राजनीति में एक नया कदम रखा है। उन्होंने अब आम आम आदमी पार्टी का दामन छोड़ दिया और भारतीय जनता पार्टी में शामिल हो गए हैं। इसकी जानकारी उनकी ही पार्टी के राज्यसभा सांसद राघव चड्ढा ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में दी है। क्रिकेट की पिच से लेकर राजनीति के मैदान पर हरभजन सिंह ने हर मौके को भुनाया है। अपने अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट करियर की समाप्ति के बाद हरभजन सिंह ने राजनीति की ओर दिलचस्पी दिखाई थी और सक्रिय रूप से इसका हिस्सा बने थे। उन्होंने अब अपनी राजनीतिक पारी को एक बड़ा मोड़ दिया है।
ऐसा रहा है हरभजन सिंह का अब तक का राजनीतिक सफर
अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में 700 से अधिक विकेट चटकाने वाले हरभजन सिंह ने साल 2021 में अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट से संन्यास की घोषणा की। क्रिकेट के मैदान से आराम लेने के बाद ही कयास लगाए जाने लगे थे कि हरभजन सिंह राजनीति में एंट्री ले सकते हैं। उस समय ऐसी अटकलें थीं कि वे भारतीय जनता पार्टी के साथ अपने राजनीतिक करियर की शुरुआत करगें। हालांकि, हरभजन सिंह ने इन सब अटकलों और रिपोर्ट्स को धता बताते हुए साल 2022 में आम आदमी पार्टी का दामन थामा और क्रिकेट की फील्ड की दुनिया के इतर पहली बार राजनीति के मैदान पर उतरे। मार्च 2022 में पंजाब विधानसभा में आम आदमी पार्टी ने भारी बहुमत से जीत हासिल की और सरकार बनाई, जिसके बाद हरभजन सिंह को पार्टी ने राज्यसभा का टिकट दिया और वे उच्च सदन के सांसद चुने गए। 21 मार्च 2022 को उन्होंने नामांकन दाखिल किया और निर्विरोध राज्यसभा सांसद चुने गए। हरभजन ने 18 जुलाई 2022 को राज्यसभा सदस्य के रूप में शपथ ली। राज्यसभा सांसदों का कार्यकाल 6 साल का होता है, इसलिए हरभजन सिंह साल 2028 तक राज्यसभा के सांसद रहेंगे। खास बात यह है कि वे पार्टी बदलने के बाद भी सांसद बने रहेंगे क्योंकि नियमों के तहत वे दो तिहाई सदस्यों के साथ भारतीय जनता पार्टी में जुड़े हैं।
सांसद बनने के बाद हरभजन की एक्टिविटी
सांसद बनने के बाद हरभजन सिंह उच्च सदन में काफी एक्टिव भी नजर आए। उन्होंने खेल और खिलाड़ियों से जुड़े कई अहम मुद्दों पर राज्यसभा में सवाल पूछे। उन्होंने भारतीय महिला खिलाड़ियों की भागीदारी और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भारत के प्रदर्शन के सुधार पर खास जोर देते हुए संसद में अपनी आवाज बुंलद की। उन्होंने उच्च सदन में रहते हुए अब 4 साल के समय में रेल परियोजनाओं में देरी और ग्रामीण क्षेत्रों में पक्के घरों में के निर्माण जैसे मुद्दों पर भी अपनी आवाज बुलंद की। हरभजन सिंह ने राज्यसभा सांसद बनते ही एक संकल्प भी लिया था। उन्होंने सांसद बनते ही यह घोषणा की थी कि बतौर सांसद उन्हें जितना भी वेतन मिलेगा, उसे वह किसानों की बेटियों की शिक्षा और कल्याण के लिए दान करेंगे। यह उनकी चर्चित घोषणाओं में से एक रही।
कमाल का रहा क्रिकेट करियर
हरभजन सिंह के क्रिकेट करियर की बात करें तो 3 जुलाई 1980 को जालंधर पंजाब में जन्में सिंह ने अपने अंतरराष्ट्रीय करियर में कुल 103 टेस्ट, 236 वनडे और 28 टी-20 मैच खेले। 163 आईपीएल मैचों में भी हरभजन सिंह ने शिकरत की। उन्होंने टेस्ट में 190 पारियों में गेंदबाजी करते हुए 417 विकेट लिए, जबकि ओडीआई में 227 पारियों में 269 विकेट झटके। टी-20 की 27 पारियों में गेंजबाजी करते हुए 25 विकेट लिए। 160 आईपीएल मैचों में गेंदबाजी करते हुए भज्जी ने 150 विकेट हासिल किए। उन्होंने अपने बल्ले से भी टीम के लिए कीमती रन बनाए और भारत को कई मैच जिताने में अहम भूमिका निभाई।
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