विराट कोहली और रोहित शर्मा से सूर्यकुमार यादव अलग कैसे हैं? BCCI के दोहरे चरित्र पर अश्विन ने उठाए बड़े सवाल
पूर्व क्रिकेटर रविचंद्रन अश्विन ने सूर्यकुमार यादव को कप्तानी से हटाए जाने और रोहित शर्मा और विराट कोहली के अलावा बाकी खिलाड़ी के साथ समान बर्ताव ना करने पर बड़े सवाल खड़े किए हैं। उन्होंने क्या कुछ कहा है पढ़िए।

अपने यूट्यूब चैनल ऐश की बात में खेल पत्रकार विमल कुमार के साथ सूर्यकुमार यादव को कप्तानी से हटाए जाने के फैसले पर बात करते हुए पूर्व भारतीय स्टार क्रिकेटर रविचंद्रन अश्विन ने कहा "यह निर्णय कैसे फाइन हो सकता है? देखिए मैं मानता हूं कि सूर्या फॉर्म अच्छा नहीं रहा है, बैट के साथ परफार्म नहीं किया। सूर्यकुमार यादव का बतौर कप्तान वर्ल्ड कप जीतना यह पासिंग मार्क्स नहीं है, बल्कि यह डिस्टिंक्शन है। मैं मानता हूं कि उसकी फॉर्म अच्छी नहीं रही है, लेकिन उसका एक तरीका होता है। आप अपने क्लास के टॉपर को ही बाहर कर देंगे?
भरोसा नहीं तो कप्तानी से हटाओ प्लेयर के रूप में रखो
अश्विन ने आगे कहा "अगर आपको भरोसा नहीं है कि सूर्यकुमार यादव टीम को टॉप लेवल पर ले जा सकते हैं तो आपको बोलना चाहिए कि आप कप्तान के रूप में टीम में नहीं रह सकते हैं, हम आपको टाइम देंगे। एक महीने, दो महीने या दो सीरीज जो भी है। मैं कहीं पढ़ रहा था कि यह भारतीय क्रिकेट का ऑस्ट्रेलियन क्रिकेट की तरह रूथलेट माइंडसेट है। लेकिन ऐसा ऑस्ट्रेलियन क्रिकेट में नहीं होता है। उधर कम्युनिकेशन में दम रहता है। ऐसा करेंगे, ऐसा नहीं करेंगे, वे अपनी बातों को लेकर क्लियर रहते हैं। भारत में ऐसा नहीं हो रहा है।"
अश्विन ने कहा "यहां कोई टी-20 वर्ल्ड कप बतौर कप्तान जीतकर आ रहा है, आपको पसंद है नापसंद है वो अलग बात है। उनको एटलीस्ट ये डिजर्व करता है कि आप टीम में रहो, आपको एक सीरीज देंगे या दो सीरीज देंगे, आप बतौर बल्लेबाज प्रूफ करो, अगर नहीं कर सकते तो हम आपके अलावा किसी और को देखेंगे। आपको ऐसा ही कम्युनिकेशन देना चाहिए और यह बहुत हेल्दी चीज है।"
अश्विन ने कहा "इंडियन क्रिकेट या इंटरनेशल क्रिकेट में आईपीएल जो भी खेल रहा है उनके लिए यह टूर्नामेंट सीजन के अंत में आता है। सूर्यकुमार यादव के लिए एक टी-20 वर्ल्ड कप खत्म होने और जीतने के बाद आईपीएल में आना आसान नहीं है। और वे अभी हाल ही में पिता भी बने हैं। ये सब है, एक इंसान की लाइफ में इससे बड़ा क्या हो सकता है। जाहिर है, सूर्या के इंटेंट में गिरावट आएगी। पर जीत के तो दिया है ना। इसमें थोड़ा सा ह्यूमन टच देना चाहिए। ह्यूमन टच कहां खो गया है हमारा। उसको वक्त दो ना, आखिरी मौका तो दो। कप्तानी से हटा दो कोई दिक्कत नहीं है, लेकिन टीम में तो रखो।"
रोहित शर्मा और विराट कोहली से सूर्या अलग कैसै?
अश्विन ने रोहित शर्मा और सूर्यकुमार यादव पर भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बार्ड और चयनकर्ताओं द्वारा किए गए दोहरे बर्ताव पर स्पष्ट राय रखी। उन्होंने यह सवाल खड़ा कर दिया कि रोहित शर्मा और विराट कोहली से सूर्यकुमार यादव या कोई भी खिलाड़ी अलग कैसे है। अश्विन ने कहा “उनकी ब्रांड वैल्यू हैं स्टार हैं, सबकुछ है, लेकिन क्रिकेटिंग तो होनी चाहिए ना। न्याय तो सबके साथ होना चाहिए।” अश्विन ने कहा "रोहित शर्मा को चैंपियंस ट्रॉफी जीतने के बाद कप्तानी से हटाया तो गया, लेकिन उन्हें टीम में रखा गया। तो फिर सूर्या के साथ अलग क्राइटेरिया क्यों? विराट और रोहित को आप सीधा ना नहीं कर सकते हैं ना। सूर्या कैसे अगल है विराट कोहली और रोहित शर्मा से? कैसे देवदत्त पडिक्कल अगल हैं?"
क्रिकेट एक बिजनेस है, लेकिन टीम में स्टेबिलिटी जरूरी
अश्विन ने कहा "देखिए क्रिकेट एक बिजनेस है मैं मानता हूं। पर टीम चैंपियन टीम तभी होती है जब उसमें स्टेबिलिटी होनी चाहिए। अगर किसी प्लेयर को टीम में लगता है कि इनको मिलता है स्टेबिलिटी और हमें नहीं मिलता है तो वह टीम नहीं रह जाएगी। बोलेंगे नहीं आमने-सामने लेकिन सब असुरक्षित फील करेंगे। साई और पडिक्कल के साथ ऐसा हो रहा है। एक सुरक्षित और दूसरा असुरक्षित महसूस कर सकता है। कुलदीप यादव को पिछले 18 महीने में किसी भी फॉर्मेट में स्टेबिलिटी नहीं मिली।





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