सेमीफाइनल में भारत को हराकर 30000 दर्शकों का मुंह बंद करना चाहते हैं हैरी ब्रुक
मैच से पहले टॉस के वक्त हैरी ब्रुक ने बड़ा बयान दिया है। वे शानदार प्रदर्शन के माध्यम से वानखेड़े स्टेडियम में मौजूद भारतीय दर्शकों को चुप कराना चाहते हैं और भारत को हराकर विश्व कप के फाइनल में 8 मार्च को न्यूजीलैंड का सामना करना चाहते हैं। जानिए उन्होंने और क्या कहा।

मुंबई के ऐतिहासिक वानखेड़े स्टेडियम में टी20 वर्ल्ड कप 2026 के दूसरे सेमीफाइनल में इंग्लैंड के कप्तान हैरी ब्रुक ने टॉस जीतकर पहले गेंदबाजी करने का फैसला किया है। ब्रुक का मानना है कि पिच बल्लेबाजी के लिए अच्छी दिख रही है और उनकी टीम शुरुआती ओवरों में गेंद के साथ एक ठोस शुरुआत करके बाद में लक्ष्य का पीछा (चेज) करना पसंद करेगी। वानखेड़े का मैदान आज पूरी तरह 'नीले रंग के समंदर' में बदला हुआ है, जहां भारतीय प्रशंसकों की भारी भीड़ अपनी टीम का हौसला बढ़ाने पहुंची है। ब्रुक ने ईमानदारी से स्वीकार किया कि हालांकि उनकी टीम इस मैदान पर पहले खेल चुकी है, लेकिन भारतीय खिलाड़ियों के पास यहां खेलने का अनुभव बहुत अधिक है, जो इंग्लैंड के लिए एक बड़ी चुनौती साबित होगा।
मैच से पूर्व टॉस के समय हैरी ब्रुक ने भारतीय प्रशंसकों को चुप कराने की बात कही। उन्हें भरोसा है कि वे अपने प्रदर्शन के दम पर ऑस्ट्रेलिया के कप्तान पैट कमिंस की तरह भारतीय क्राउड को चुप करा सकेंगे। उन्होंने स्पष्ट रूप से कहा, "आज रात उन्हें (भारतीय टीम को) बहुत जबरदस्त समर्थन मिलने वाला है और उम्मीद है कि हम उन्हें (भीड़ को) काफी हद तक शांत रख पाएंगे।" ब्रुक का मानना है कि टी20 एक अनिश्चित खेल है, लेकिन जिस तरह से इंग्लैंड की टीम इस टूर्नामेंट के कठिन और करीबी मैचों को जीतकर यहां तक पहुंची है, वह उन्हें इस बड़े मुकाबले में अच्छी स्थिति में रखेगा। उनका लक्ष्य शुरुआती विकेट लेकर स्टेडियम के शोर को कम करना है।
इंग्लैंड ने अपनी रणनीति को मजबूत करने के लिए प्लेइंग-11 में एक महत्वपूर्ण बदलाव किया है। उन्होंने परिस्थितियों को देखते हुए स्पिनर रेहान अहमद की जगह तेज गेंदबाजी ऑलराउंडर जेमी ओवरटन को टीम में शामिल किया गया है। ब्रुक ने 'बैजबॉल' मानसिकता का जिक्र करते हुए कहा कि उनकी टीम खतरों की ओर बढ़ने के लिए तैयार है और उन्हें उम्मीद है कि वे सही समय पर अपने खेल के शिखर पर पहुंचेंगे। हालांकि भारतीय कप्तान सूर्यकुमार यादव ने भी कहा था कि वे पहले बल्लेबाजी ही करना चाहते थे, लेकिन ब्रुक का पहले गेंदबाजी का फैसला यह दर्शाता है कि वे वानखेड़े में बाद में बल्लेबाजी करते हुए मैच को नियंत्रित करना चाहते हैं। अब सारा दारोमदार इस बात पर है कि क्या ब्रुक की टीम भारतीय प्रशंसकों के उत्साह को ठंडा कर फाइनल का टिकट कटा पाएगी।





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