Gautam Gambhir Suryakumar Yadav This decision Become Turning Point in T20 World Cup wrote story of victory Sanju Samson जिसे समझ रहे थे खोटा सिक्का, वहीं निकला तुरुप का इक्का; गंभीर-सूर्या के इस फैसले ने लिखी जीत की दास्तां, Cricket Hindi News - Hindustan

जिसे समझ रहे थे खोटा सिक्का, वहीं निकला तुरुप का इक्का; गंभीर-सूर्या के इस फैसले ने लिखी जीत की दास्तां

भारत ने टी20 वर्ल्ड कप 2026 का खिताब जीतकर इतिहास रच दिया है। टीम इंडिया की यह बैक टू बैक दूसरी टी20 वर्ल्ड कप ट्रॉफी है। एक हार ने भारत को झटका दिया और वहीं टूर्नामेंट का टर्निंग पॉइंट साबित हुआ।

Mon, 9 March 2026 07:46 AMLokesh Khera लाइव हिन्दुस्तान, नई दिल्ली
share
जिसे समझ रहे थे खोटा सिक्का, वहीं निकला तुरुप का इक्का; गंभीर-सूर्या के इस फैसले ने लिखी जीत की दास्तां

सूर्यकुमार यादव की अगुवाई वाली टीम इंडिया टी20 वर्ल्ड कप 2026 में बतौर फेवरेट उतरी थी। जिस ब्रांड का क्रिकेट भारत ने 2024 टी20 वर्ल्ड कप के बाद से खेलना शुरू किया था, उसके बाद हर कोई उन्हें पहले ही विजेता घोषित कर चुका था। मगर जब भारत टूर्नामेंट में उतरा तो उनका आगाज वैसा नहीं रहा, जिसके लिए वह जाने जाते थे। तिलक वर्मा चोट के बाद टीम में वापसी कर रहे थे, संजू सैमसन फॉर्म में नहीं थे, अभिषेक शर्मा का पेट खराब हो गया था…वगैरा-वगैरा। ऐसा लगने लगा था कि टूर्नामेंट के शुरू होते ही किसी की नजर टीम इंडिया को लग गई है।

read moreये भी पढ़ें:
ये भी पढ़ें:टीम इंडिया हुई मालामाल, ICC ने खोली तिजोरी; जानें न्यूजीलैंड की भी प्राइज मनी

टुकड़ों में हो रहा था परफॉर्मेंस

ग्रुप स्टेज में भारत ने सभी चार मैच जीते, जिसमें पाकिस्तान के खिलाफ ‘महामुकाबला’ भी शामिल था, मगर टीम इंडिया का एकजुट प्रदर्शन नजर नहीं आ रहा था। ऐसा लग रहा था कि टुकड़ों में परफॉर्मेंस हो रहा है। किसी एक खिलाड़ी के दम पर ही मैच जीता जा रहा था। यूएसए के खिलाफ कप्तान सूर्यकुमार यादव ने मैच जिताऊ पारी खेली, वहीं ईशान किशन पाकिस्तान के खिलाफ चमके।

read moreये भी पढ़ें:
ये भी पढ़ें:T20 WC में सबसे ज्यादा रन; सैमसन ने 5 मैच में मचा दी तबाही; टॉप-5 में 2 भारतीय

भारत जीत तो रहा था, मगर खिलाड़ियों की परफॉर्मेंस वह खुशी नहीं दे रही थी। विपक्षी टीमों ने आईसीसी टी20 रैंकिंग में नंबर-1 बल्लेबाज अभिषेक शर्मा के खिलाफ प्लानिंग कर ली थी। टॉप-3 में तीनों लेफ्टी होने की वजह से भारत विपक्षी टीम के जाल में लगातार फंस रहा था। भारत को उस तरह की शुरुआत नहीं मिल रही थी जिसकी उन्हें जरूरत थी।

साउथ अफ्रीका ने तोड़ी टीम इंडिया की नींद

जब भारत को साउथ अफ्रीका के खिलाफ सुपर-8 के पहले ही मुकाबले में झटका लगा तो हर किसी की नींद टूटी। 76 रनों से मिली इस हार के बाद कहा जाने लगा भारत अब टूर्नामेंट से बाहर हो गया है। टीम इंडिया उस रंग में नजर नहीं आ रही, जिसके लिए वह जानी जाती है। खिलाड़ियों की परफॉर्मेंस पर लगातार पूर्व खिलाड़ी सवाल उठा रहे थे। मगर यह वही मैच था जो टीम इंडिया के लिए टर्निंग पॉइंट साबित हुआ।

read moreये भी पढ़ें:
ये भी पढ़ें:भारत की जीत पर धोनी हुए गदगद, गंभीर-बुमराह का किया स्पेशल जिक्र

गौतम गंभीर और सूर्यकुमार यादव ने टीम कॉम्बिनेशन को बदला और संजू सैमसन को प्लेइंग XI में शामिल करने का फैसला किया। सैमसन ने इससे पहले टूर्नामेंट में एक ही मैच नामिबिया के खिलाफ खेला था, जहां उन्होंने 8 गेंदों पर 22 रन बनाए थे।

संजू सैमसन को समझा जा रहा था खोटा सिक्का

बड़े टूर्नामेंट से पहले संजू सैमसन की फॉर्म ने मुंह फेर लिया था। 2025 में उन्हें शुभमन गिल के चलते मौके नहीं मिल रहे थे। वहीं जब टीम मैनेजमेंट ने टी20 वर्ल्ड कप स्क्वॉड का ऐलान करते हुए गिल को बाहर किया तो सैमसन के लिए दरवाजे पूरी तरह से खुल गए थे। सैमसन और अभिषेक पारी का आगाज करने के लिए चुने गए थे, वहीं ईशान किशन को बैकअप ओपनर और विकेट कीपर स्क्वॉड में जगह मिली थी।

भारत ने टी20 वर्ल्ड कप से ठीक पहले न्यूजीलैंड के खिलाफ 5 मैच की टी20 सीरीज खेली थी। तिलक वर्मा चोट से उभर रहे थे, ऐसे में ईशान किशन को खेलने का मौका मिला। ईशान ने तो इस मौके को दोनों हाथों से लपका, मगर सैमसन की फॉर्म ने मानों उनका हाथ छोड़ दिया हो। लगातार 5 मैचों में वह फ्लॉप रहे। यही वजह रही है कि सीरीज के आखिरी मैच में उनसे विकेट कीपिंग की भी भूमिका छीन ली गई।

read moreये भी पढ़ें:
ये भी पढ़ें:T20 वर्ल्ड कप का खिताब जीतकर भी नहीं भरा सूर्यकुमार यादव का मन, बताया अगला ‘गोल’

उस समय ही यह साफ हो गया था कि भारत संजू सैमसन की जगह ईशान किशन के साथ टी20 वर्ल्ड कप का आगाज करेगा। हुआ भी यही। हालांकि इस फैसले ने टीम कॉम्बिनेशन को हिला दिया था। अभिषेक शर्मा, ईशान किशन, तिलक वर्मा, शिवम दुबे और रिंकू सिंह के होने से टीम में काफी लेफ्टी हो रहे थे।

ऐसे में जब साउथ अफ्रीका के खिलाफ सुपर-8 में हार मिली तो भारत ने फिर से अपने कॉम्बिनेशन को बदला और यह टूर्नामेंट में भारत के लिए टर्निंग पॉइंट साबित हुआ। भारत ने रिंकू सिंह की जगह संजू सैमसन को मौका दिया।

संजू सैमसन ने मचाई तबाही

सैमसन को जैसे ही टीम में वापस मौका मिला तो उन्होंने इस बार अपने हाथों से नहीं फिसलने दिया। जिम्बाब्वे के खिलाफ उन्होंने 15 गेंदों पर 24 रन बनाकर टीम इंडिया को ठीक-ठाक शुरुआत दी। मगर इसके बाद जो उन्होंने किया वो इतिहास के पन्नों में सुनहरे अक्षरों में लिखा जाएगा।

वेस्टइंडीज के खिलाफ ‘वर्चुअल क्वार्टर फाइनल’ में सैमसन ने 196 रनों के मुश्किल टारगेट का पीछा करते हुए 97 रनों की नाबाद पारी खेली। इसके बाद इंग्लैंड के खिलाफ सेमीफाइनल में 89 रन बनाए। इन दोनों ही मौकों में वह भले ही शतक से चूक गए हो, मगर सैमसन को उस समय सिर्फ टीम इंडिया की जीत दिख रही थी।

फाइनल में भी न्यूजीलैंड के साथ यही हुआ। सैमसन ने एक और 89 रनों की पारी खेल भारत की जीत में अहम भूमिका निभाई। 5 मैचों में 321 रन बनाकर सैमसन टूर्नामेंट में भारत के लिए सबसे ज्यादा रन बनाने वाले बल्लेबाज रहे और तुरुप का इक्का साबित हुए।

सैमसन को इस ताबड़तोड़ परफॉर्मेंस के लिए प्लेयर ऑफ द टूर्नामेंट के अवॉर्ड से नवाजा गया।

Cricket News लेटेस्ट मैच अपडेट, IPL 2026 , Orange Cap और Purple Cap की रेस, IPL 2026 Points Table , IPL 2026 Schedule और Live Cricket Score देखें और Live Hindustan App डाउनलोड करके सभी अपडेट सबसे पहले पाएं।