ओपनर्स को छोड़कर कुछ भी फिक्स नहीं, कप्तान सूर्यकुमार यादव ने बैटिंग ऑर्डर पर कह दी ये बड़ी बात
टी20 विश्व कप के सुपर-8 चरणों के आगाज से पहले भारतीय कप्तान सूर्यकुमार यादव ने टीम की बल्लेबाजी रणनीति को लेकर एक बड़ा खुलासा किया है। सूर्या ने स्पष्ट किया है कि टीम अब एक बेहद लचीले दृष्टिकोण के साथ मैदान पर उतरेगी, जहां सलामी बल्लेबाजों को छोड़कर किसी भी खिलाड़ी का स्थान निश्चित नहीं है।

टी20 विश्व कप के सुपर-8 चरणों के आगाज से पहले भारतीय कप्तान सूर्यकुमार यादव ने टीम की बल्लेबाजी रणनीति को लेकर एक बड़ा खुलासा किया है। सूर्या ने स्पष्ट किया है कि टीम अब एक बेहद लचीले दृष्टिकोण के साथ मैदान पर उतरेगी, जहां सलामी बल्लेबाजों को छोड़कर किसी भी खिलाड़ी का स्थान निश्चित नहीं है। उन्होंने टीम के भीतर दिए गए संदेश को साझा करते हुए कहा, "ओपनर्स को छोड़कर, नंबर 3 से लेकर नंबर 7 या 8 तक के सभी खिलाड़ियों को बहुत लचीला (फ्लेक्सिबल) होना होगा और ग्रुप में यही संदेश दिया गया है।" कप्तान के अनुसार, यदि मैच के दौरान 8 या 9 ओवरों तक कोई विकेट नहीं गिरता है, तो स्थिति के अनुसार शिवम दुबे या हार्दिक पांड्या जैसे बड़े हिटर बल्लेबाजों को बल्लेबाजी के लिए ऊपर भेजा जा सकता है।
बल्लेबाजी के 'टेंपलेट' पर बात करते हुए सूर्यकुमार ने कहा कि टीम हमेशा केवल अंधाधुंध आक्रमण करने वाली टीम नहीं बने रहना चाहती, बल्कि परिस्थितियों के अनुसार 'स्मार्ट क्रिकेट' खेलना उनकी प्राथमिकता है। उन्होंने पिचों के चुनौतीपूर्ण होने का जिक्र करते हुए कहा, "हमें हमेशा वैसी टीम नहीं बनना है कि हम बस मारते ही जा रहे हैं...। कभी-कभी ऐसी स्थिति आ सकती है कि आपके दो या तीन विकेट जल्दी गिर जाएं, वहां हमें एक स्मार्ट टीम की तरह खेलना होगा।" सूर्या का मानना है कि यदि शुरुआती विकेट गिरते हैं, तो मध्यक्रम के बल्लेबाजों को साझेदारी बनाकर खेल को 15वें ओवर तक ले जाना चाहिए, ताकि अंत में टीम के पास मौजूद 'फायर पावर' का इस्तेमाल करके आखिरी 5 ओवरों में 60-70 रन बटोरे जा सकें।
टीम के युवा खिलाड़ियों, विशेषकर अभिषेक शर्मा की फॉर्म को लेकर उठ रहे सवालों पर कप्तान ने पूरी तरह से अपने खिलाड़ियों का बचाव किया। अभिषेक के आक्रामक खेल के कारण जल्दी आउट होने पर उन्होंने कहा कि टीम चाहती है कि वह अपनी पहचान (आइडेंटिटी) के साथ ही खेलें। उन्होंने आलोचकों को जवाब देते हुए कहा, "मैं उन टीमों के बारे में सोचता हूं जिनके खिलाफ वह आगे खेलने वाला है... जब उसके रन लगेंगे तो क्या होता है, वह आपने देखा ही है।" इसी तरह उन्होंने नंबर 3 पर बल्लेबाजी कर रहे तिलक वर्मा पर भी पूरा भरोसा जताया और कहा कि तिलक ने भारत के लिए उस स्थान पर शानदार प्रदर्शन किया है और उन्हें लेकर कोई चिंता करने की जरूरत नहीं है।
सूर्यकुमार ने घरेलू मैदान पर खेलने के दबाव और भविष्य की चुनौतियों पर भी चर्चा की। उन्होंने स्वीकार किया कि घर में वर्ल्ड कप खेलने का अपना एक अलग दबाव होता है जिसे नकारा नहीं जा सकता। सूर्या ने कहा, "जब आप अपने देश की धरती पर इतना बड़ा इवेंट खेल रहे होते हैं, तो दबाव जरूर महसूस होता है...। हम इसे सरल रखने की पूरी कोशिश कर रहे हैं और वर्तमान में रहने पर ध्यान दे रहे हैं।" उन्होंने दक्षिण अफ्रीका जैसी मजबूत टीमों के खिलाफ मुकाबले को देखते हुए कहा कि टॉस से ज्यादा महत्वपूर्ण यह है कि आप अपनी ताकत और रणनीतियों को मैदान पर कितने सटीक तरीके से लागू करते हैं। भारतीय टीम अब इसी 'स्मार्ट' और 'फ्लेक्सिबल' सोच के साथ खिताब की ओर कदम बढ़ाने को तैयार है।





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