कप्तान ईशान किशन लेट आने पर खिलाड़ियों पर लगाते हैं 1000 रुपए का फाइन, कोच ने किया खुलासा
IPL 2026 का आगाज होने से पहले झारखंड के सहायक कोच सनी गुप्ता ने ईशान किशन की कप्तानी और उनके तौर तरीकों के बारे में बात की है। उन्होंने इस दौरान खुलासा किया कि लेट आने वाले खिलाड़ियों पर वह 1000 रुपए का फाइन भी लगाते थे।

ईशान किशन के लिए पिछले कुछ महीने एकदम सपना सच होने जैसे रहे हैं। सैयद मुश्ताक अली ट्रॉफी में झारखंड की कप्तानी करते हुए उन्होंने ना सिर्फ ताबड़तोड़ अंदाज में बल्लेबाजी की, बल्कि टीम को ट्रॉफी भी जिताई। इसके बाद उनका सिलेक्शन भारतीय टी20 वर्ल्ड कप स्क्वॉड में हुआ, जहां वह 317 रनों के साथ भारत के लिए दूसरे सबसे ज्यादा रन बनाने वाले बल्लेबाज रहे। अब आईपीएल 2026 के शुरू होने से पहले उन्हें सनराइजर्स हैदराबाद की टीम की कप्तानी मिल गई है। पैट कमिंस चोट के चलते सीजन के शुरुआती कुछ मैच नहीं खेलेंगे, जिस वजह से ईशान किशन को यह जिम्मेदारी सौंपी गई है।
IPL 2026 का आगाज होने से पहले झारखंड के सहायक कोच सनी गुप्ता ने ईशान किशन की कप्तानी और उनके तौर तरीकों के बारे में बात की है। उन्होंने इस दौरान खुलासा किया कि लेट आने वाले खिलाड़ियों पर वह 1000 रुपए का फाइन भी लगाते थे।
इंडियन एक्सप्रेस से बात करते हु सनी गुप्ता ने कहा, "भारत का खिलाड़ी होने के बावजूद, वह हमारे साथ ई-रिक्शा में सफ़र करता था।
यह कोलकाता में एक इनविटेशनल टूर्नामेंट था, जिसमें दांव पर ज्यादा कुछ नहीं था, और जो लाइमलाइट से दूर था। अगर किशन कार से जाता, तो शायद ही किसी का ध्यान उस पर जाता। वह जा भी सकता था। उसने टीम के लिए एक नियम भी बनाया था, जो कोई भी बस पकड़ने के लिए देर से आता, उसे एक हजार रुपये का जुर्माना देना पड़ता। उसने इस नियम को बिना किसी अपवाद के सख्ती से लागू किया।
उसके जमीन से जुड़े स्वभाव ने उसे आगे बढ़ने में मदद की है। हमने देखा है कि छोटी-सी सफलता खिलाड़ियों को कैसे बदल देती है, लेकिन किशन के मामले में चीजें अलग रही हैं।"
जब इस साल की शुरुआत में किशन ने झारखंड की कप्तानी संभाली, तो सबसे पहली चीज जो उन्होंने की, वह थी ड्रेसिंग रूम के नियम तय करना। ड्रेसिंग रूम के अंदर कोई भी नकारात्मक माहौल नहीं होगा। कोई भी कोच किसी खिलाड़ी को सबके सामने नहीं डांटेगा, सिर्फ अकेले में बात करेगा। अगर किसी बल्लेबाज या गेंदबाज का दिन खराब जाता है, तो वे सिर झुकाकर नहीं बैठेंगे।
उन्होंने आगे कहा, "एक बात जिस पर ईशान बिल्कुल साफ थे, वह यह थी कि जीत हो या हार, ड्रेसिंग रूम हमेशा एक खुशनुमा जगह होनी चाहिए।"
ये नियम सिर्फ दिखाने के लिए नहीं थे। उन्होंने अपने साथियों से कहा कि अगर वे आउट भी हो जाते हैं, तो कोई बात नहीं, लेकिन उनके खेलने के तरीके में एक साफ सोच होनी चाहिए।
आईपीएल में भी ईशान किशन की कप्तानी के यह तौर तरीके देखने को मिल सकते हैं।





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